Sambhal News: यूपी के संभल में मस्जिद और मदरसों पर हो रही कार्रवाई को लेकर सपा विधायक इकबाल महमूद ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
Bulldozer Controversy Sambhal: संभल से समाजवादी पार्टी के विधायक इकबाल महमूद ने जिले में मस्जिदों और मदरसों को लेकर हो रही प्रशासनिक कार्रवाई पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि जिन इमारतों के नक्शे पहले नियमानुसार पास किए गए, उन्हें अब अवैध बताया जा रहा है। विधायक का कहना है कि यदि निर्माण गलत हैं, तो उन अधिकारियों पर भी कार्रवाई होनी चाहिए जिन्होंने नक्शे स्वीकृत किए थे।
मीडिया से बातचीत में विधायक ने कहा कि संभल में मस्जिदों और मदरसों को ही निशाना बनाया जा रहा है। अधिकारियों ने पहले विनियमित क्षेत्र के अंतर्गत नक्शे पास किए और बाद में उन्हीं भवनों को अवैध घोषित कर दिया। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति संभल में पहले कभी नहीं देखी गई।
इकबाल महमूद ने शाही जामा मस्जिद के आसपास रहने वाले लोगों का जिक्र करते हुए कहा कि उनके पास वैध नक्शे हैं और वे नगर पालिका को नियमित रूप से हाउस टैक्स भी अदा कर रहे हैं। इसके बावजूद उनके भवनों को अवैध बताना समझ से परे है। उन्होंने सवाल किया कि जब टैक्स लिया गया, तो अब इन तथ्यों को नजरअंदाज क्यों किया जा रहा है।
सरकारी जमीनों पर बने मस्जिद, मदरसा और आवासीय भवनों की पैमाइश को लेकर विधायक ने कहा कि पिछले 50 वर्षों में संभल में इस तरह की स्थिति कभी नहीं देखी गई। उन्होंने दोहराया कि यदि सब कुछ गलत है, तो उन अधिकारियों पर भी कार्रवाई होनी चाहिए जिन्होंने वर्षों तक हाउस टैक्स वसूला और नक्शे पास किए।
विधायक ने कहा कि मस्जिदों को इस कदर निशाना बनाया जा रहा है कि मामूली मरम्मत तक की अनुमति नहीं दी जा रही। उन्होंने कहा कि हम सभी इसी देश में पैदा हुए हैं, इससे प्यार करते हैं और आपसी भाईचारे के साथ मिलकर रहना चाहते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस सरकारों के समय भी हालात ऐसे नहीं थे और वर्तमान में अन्याय बढ़ गया है।
संभल तहसील क्षेत्र के गांव बिछौली में ग्राम समाज की करीब 20 बीघा भूमि पर अवैध कब्जे को लेकर प्रशासन ने बुलडोजर कार्रवाई की। बुधवार को तहसीलदार के नेतृत्व में राजस्व विभाग की टीम ने प्रधान समेत पांच लोगों के मकानों को ध्वस्त कर दिया।
कार्रवाई के दौरान तहसीलदार, नायब तहसीलदार, चार कानूनगो, 20 लेखपाल, दो बुलडोजर और आरआरएफ के जवान मौके पर मौजूद रहे। गांव में जगह-जगह पुलिस और आरआरएफ की तैनाती की गई, ताकि कानून व्यवस्था बनी रहे।
राजस्व विभाग की टीम ने मकान खाली करने की अपील की, जिसके बाद लोगों ने घरों से सामान बाहर निकालना शुरू किया। कुछ लोगों ने विरोध किया, लेकिन पुलिस ने समझा-बुझाकर स्थिति को नियंत्रित किया। इसके बाद प्रधान अतीक समेत अफलातून, भूरा, सज्जाद और शाने आलम के मकानों को बुलडोजर से गिरा दिया गया।