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चार मंजिला मकान सील, 100 से ज्यादा पुलिस तैनात, रेड कॉर्नर नोटिस की तैयारी: संभल हिंसा केस में शारिक साठा पर एक्शन

Sambhal Violence: संभल हिंसा केस में फरार मास्टरमाइंड शारिक साठा पर पुलिस का बड़ा एक्शन जारी है। कोर्ट के आदेश पर उसके चार मंजिला मकान की कुर्की, दुबई कनेक्शन, फर्जी पासपोर्ट, हथियार और सोने की तस्करी से जुड़े सनसनीखेज खुलासों के साथ जांच एजेंसियां रेड कॉर्नर नोटिस की प्रक्रिया तेज कर रही हैं।

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Jan 21, 2026
संभल हिंसा केस में शारिक साठा पर एक्शन | Image - Sambhal Police

Police Action Shariq Satha Sambhal: संभल हिंसा के मास्टरमाइंड और कुख्यात फरार गैंगस्टर शारिक उर्फ साठा के खिलाफ पुलिस ने अब तक की सबसे सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। कोर्ट के आदेश के बाद नखासा थाना क्षेत्र के मोहल्ला हिंदूपुरा खेड़ा पजाया स्थित उसके पुश्तैनी चार मंजिला मकान पर कुर्की की प्रक्रिया चल रही है। सुबह करीब 11 बजे से ही नखासा, रायसत्ती, संभल कोतवाली, हयातनगर और AHTU की संयुक्त टीम के 100 से अधिक पुलिसकर्मी मौके पर तैनात कर दिए गए। पूरे इलाके को बैरिकेडिंग कर आम लोगों की आवाजाही रोक दी गई, जिससे मोहल्ला पूरी तरह छावनी में तब्दील नजर आया।

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डुगडुगी से अनाउंसमेंट, फिर घर के अंदर पुलिस की एंट्री

पुलिस प्रशासन ने कार्रवाई से पहले पूरे इलाके में डुगडुगी बजाकर अनाउंसमेंट कराया कि कोर्ट के निर्देश पर कुर्की की जा रही है। इसके बाद टीम ने शारिक साठा के मकान में प्रवेश कर हर कमरे की बारीकी से तलाशी ली। पुलिस ने चारपाई, कुर्सियां, प्लास्टिक और टिन के डिब्बे, लोहे के बक्से, सिंगार-दान और अन्य घरेलू सामान जब्त कर लिया। कार्रवाई के बाद पहली मंजिल को सील कर ताला लगा दिया गया। अधिकारियों के मुताबिक, यह हिस्सा सीधे शारिक साठा के उपयोग में था, इसलिए उसी पर मुख्य रूप से कुर्की की गई।

परिवार का दर्द, आरोपों को बताया साजिश

मकान में रहने वाली साठा के छोटे भाई की पत्नी ने कार्रवाई पर दुख जताते हुए कहा कि यह मकान किसी एक व्यक्ति के नाम पर नहीं है। उन्होंने दावा किया कि दो भाई सादिक और फायक यहां रहते हैं और उनके परिवार भी इसी घर में बसे हुए हैं। उनका कहना था कि शारिक पिछले नौ साल से गायब है, ऐसे में उस पर हिंसा कराने का आरोप गलत है। महिला ने कहा कि पुलिस के इस कदम से पूरे परिवार का दिल टूट गया है।

60 से ज्यादा मुकदमे और 300 गाड़ियां चोरी कराने का दावा

मौके पर एएसपी उत्तरी कुलदीप सिंह, असमोली सीओ कुलदीप कुमार, तहसीलदार संभल धीरेंद्र कुमार सिंह, लेखपाल ज्ञानेश कुमार और अन्य अधिकारी मौजूद रहे। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, शारिक साठा भारत के सबसे बड़े ऑटो लिफ्टर गैंग का सरगना बताया जाता है। उस पर देश के विभिन्न थानों में 60 से अधिक आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस का दावा है कि वह हर साल 300 से ज्यादा लग्जरी गाड़ियों की चोरी और तस्करी का नेटवर्क चलाता था, जिसे अब दुबई से ऑपरेट कर रहा है।

दुबई से रची गई हिंसा की पूरी स्क्रिप्ट

जांच एजेंसियों के मुताबिक, 24 नवंबर 2024 को संभल कोर्ट के आदेश पर जामा मस्जिद का सर्वे चल रहा था। इसी दौरान अचानक भीड़ उग्र हो गई और हिंसा भड़क उठी। कई पुलिस वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया और फायरिंग की गई, जिसमें चार मुस्लिम युवकों की मौत हो गई। घटनास्थल से पाकिस्तान में बने कारतूस भी बरामद किए गए थे। एजेंसियों का दावा है कि पूरी हिंसा की साजिश दुबई में बैठे शारिक साठा ने रची और वहीं से अपने गुर्गों को निर्देश दिए।

तीन गुर्गों की गिरफ्तारी और चार्जशीट दाखिल

इस मामले में शारिक के तीन करीबी गुर्गे गुलाम, वारिस और मुल्ला अफरोज को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। पूछताछ में तीनों ने कबूल किया कि दंगाइयों को हथियार शारिक साठा के कहने पर सप्लाई किए गए थे। पुलिस ने इनके खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी है और फिलहाल तीनों न्यायिक हिरासत में जेल में बंद हैं।

फर्जी पहचान पर बनवाया गया पासपोर्ट

पुलिस अधीक्षक कृष्ण बिश्नोई के अनुसार, शारिक साठा के खिलाफ जांच में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ। उसने 18 अगस्त 2020 को हुसैन पुत्र ख्वाजा शारिक हुसैन के नाम से दिल्ली से पासपोर्ट बनवाया था। इसमें दिल्ली के बुराड़ी क्षेत्र का फर्जी पता दर्ज कराया गया। जब पुलिस उस पते पर पहुंची तो पता चला कि शारिक वहां कभी रहा ही नहीं। इससे साफ हो गया कि उसने अपने आपराधिक इतिहास को छिपाने के लिए फर्जी दस्तावेजों का सहारा लिया।

इमिग्रेशन रिकॉर्ड और दुबई कनेक्शन

इमिग्रेशन रिकॉर्ड के मुताबिक, पासपोर्ट बनने के करीब एक महीने बाद ही शारिक सितंबर 2020 में दुबई चला गया था और तब से भारत नहीं लौटा। पुलिस का कहना है कि वह वहीं से अपने आपराधिक नेटवर्क को ऑपरेट कर रहा है। इसी आधार पर उसके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी किया गया है और अब रेड कॉर्नर नोटिस की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।

सोने की तस्करी और ISI लिंक का सनसनीखेज दावा

एसपी कृष्ण बिश्नोई ने बताया कि पुलिस को इनपुट मिले हैं कि शारिक साठा दुबई में बैठकर सोने की तस्करी का नेटवर्क चला रहा है और कथित तौर पर ISI के संपर्क में भी है। पुलिस को कुछ तस्वीरें भी मिली हैं, जिनमें शारिक एक कार में विदेशी युवक के साथ बैठा दिखाई देता है और उसके हाथ में सोने के बिस्किट नजर आ रहे हैं। इन सबूतों के आधार पर फाइल गृह मंत्रालय और इंटरपोल को भेजी जा रही है।

भारत-नेपाल बॉर्डर पर हथियार फैक्ट्री की साजिश

जांच में यह भी सामने आया है कि शारिक की मुलाकात दिल्ली के जाफराबाद निवासी सलीम उर्फ सलीम पिस्टल से दुबई में हुई थी। सलीम पाकिस्तान से हथियार तस्करी के लिए कुख्यात है और इसी साल नेपाल में हथियार और सोने की तस्करी करते पकड़ा गया। एजेंसियों का दावा है कि दोनों भारत–नेपाल सीमा पर अवैध हथियारों की सबसे बड़ी फैक्ट्री खोलने की योजना बना रहे थे।

कैसे भड़की थी संभल की आग

24 नवंबर 2024 को संभल में दूसरे चरण के सर्वे के दौरान हजारों की भीड़ इकट्ठा हो गई थी। 19 नवंबर को शाही जामा मस्जिद को श्री हरिहर मंदिर होने का दावा कोर्ट में पेश किया गया था। कोर्ट के आदेश पर सर्वे शुरू होते ही विरोध तेज हो गया और देखते ही देखते हालात हिंसक हो गए। पुलिस पर पथराव और फायरिंग हुई, जिसमें पांच लोगों की मौत हो गई और कई घायल हुए।

पुलिस और प्रशासन पर भी हुआ था हमला

हिंसा के दौरान एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई, तत्कालीन सीओ अनुज चौधरी, डिप्टी कलेक्टर सहित 29 पुलिसकर्मी घायल हुए थे। संभल कोतवाली और नखासा थाने में कुल 12 एफआईआर दर्ज की गईं। इन मामलों में 2200 से अधिक लोगों को आरोपी बनाया गया और 134 को जेल भेजा जा चुका है।

फरार मास्टरमाइंड की तलाश जारी

पुलिस अब भी मुख्य साजिशकर्ता शारिक साठा की तलाश में जुटी है। उसके तीनों गुर्गे जेल में हैं, जबकि शारिक को दुबई से भारत लाने के लिए इंटरपोल के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कार्रवाई तेज कर दी गई है। प्रशासन का कहना है कि जैसे ही रेड कॉर्नर नोटिस जारी होगा, उसकी गिरफ्तारी की प्रक्रिया और तेज हो जाएगी।

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