Sambhal Woman gave birth to four babies : संभल के असमोली क्षेत्र में एक 24 वर्षीय महिला ने पहली डिलीवरी में चार बच्चों को जन्म देकर सबको हैरान कर दिया। खास बात यह रही कि बच्चों का जन्म करीब पांच दिन के अंतराल में सामान्य प्रसव से हुआ। डॉक्टरों ने इसे बेहद दुर्लभ मेडिकल केस बताया है। मां और चारों बच्चे पूरी तरह स्वस्थ हैं।
उत्तर प्रदेश के संभल जिले में एक बेहद अनोखा और हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। असमोली क्षेत्र की 24 वर्षीय महिला ने अपनी पहली डिलीवरी में चार बच्चों को जन्म दिया है। लेकिन सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि इन बच्चों का जन्म एक ही समय पर नहीं बल्कि करीब एक सप्ताह के अंतराल में हुआ। डॉक्टरों के मुताबिक यह मामला मेडिकल साइंस में बेहद दुर्लभ माना जाता है।
संभल जिले के असमोली इलाके के ओवरी गांव में इन दिनों एक अनोखी खुशखबरी चर्चा का विषय बनी हुई है। गांव के रहने वाले अलीम और उनकी पत्नी अमीना के घर एक साथ चार बच्चों की किलकारी गूंजी है। खास बात यह है कि यह कोई सामान्य डिलीवरी नहीं थी। बल्कि ऐसा मामला था जिसने डॉक्टरों को भी हैरान कर दिया। करीब दो साल पहले शादी के बंधन में बंधे अलीम और अमीना अपने पहले बच्चे का इंतजार कर रहे थे। परिवार में नए मेहमान के आने की खुशी पहले से ही थी। लेकिन किसी ने यह नहीं सोचा था कि एक साथ चार बच्चों का जन्म पूरे गांव में चर्चा का कारण बन जाएगा।
प्रसव पीड़ा शुरू होने के बाद अमीना को 9 मई को मुरादाबाद के टीएमयू अस्पताल में भर्ती कराया गया। जांच के दौरान डॉक्टरों को पता चला कि मामला सामान्य नहीं है। और महिला के गर्भ में एक से अधिक बच्चे हैं। उसी दिन अमीना ने एक स्वस्थ बेटे को जन्म दिया। हालांकि डिलीवरी के बाद डॉक्टरों ने पाया कि गर्भ में अभी बाकी बच्चे मौजूद हैं। लेकिन प्रसव प्रक्रिया अचानक रुक गई। डॉक्टरों की निगरानी में अमीना का इलाज जारी रखा गया। इसके बाद लगभग पांच दिन बाद महिला ने फिर से प्रसव किया और इस बार तीन बच्चों ने जन्म लिया। इनमें एक बेटा और दो बेटियां शामिल हैं। इस तरह परिवार में कुल दो बेटे और दो बेटियों का जन्म हुआ।
मेडिकल विशेषज्ञों के अनुसार, आमतौर पर जुड़वा या बहु-भ्रूण गर्भावस्था में सभी बच्चों का जन्म कुछ मिनटों या घंटों के भीतर हो जाता है। लेकिन इतने लंबे अंतराल के बाद बच्चों का जन्म होना बेहद दुर्लभ स्थिति मानी जाती है। यही वजह है कि यह मामला डॉक्टरों के लिए भी चुनौतीपूर्ण रहा। अस्पताल प्रशासन ने बताया कि मां और चारों बच्चे पूरी तरह स्वस्थ हैं। डॉक्टरों की टीम ने लगातार निगरानी रखते हुए इस हाई-रिस्क डिलीवरी को सफलतापूर्वक पूरा किया। सबसे खास बात यह रही कि पूरे मामले में सिजेरियन की जरूरत नहीं पड़ी। और सभी बच्चों का जन्म सामान्य प्रसव से कराया गया।
गांव में जैसे ही चार बच्चों के जन्म की खबर पहुंची। लोगों का अलीम के घर बधाई देने के लिए आना शुरू हो गया। परिवार में खुशी का माहौल है। इस अनोखी घटना की चर्चा पूरे इलाके में हो रही है।