UGC Act 2026 को लेकर सपा सांसद जिया उर रहमान ने फेसबुक पोस्ट के जरिए अपना रुख साफ किया।
SP MP Zia ur Rahman on UGC Act 2026: समाजवादी पार्टी के सांसद जिया उर रहमान ने UGC (विश्वविद्यालय अनुदान आयोग) के नए नियमों और कानून में हुए बदलावों को लेकर अपनी स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने अपने फेसबुक पर एक पोस्ट लिखा, जिसमें उन्होंने कहा कि उन्होंने इस मुद्दे पर कोई खास बयान नहीं दिया है। लेकिन उनका सिद्धांत बहुत साफ है।
जिया उर रहमान ने लिखा कि सरकार अगर कोई ऐसा बिल या कानून लाती है, जो लोगों के हित में हो और देश के विकास को तेज करे, तो समाजवादी पार्टी उसका समर्थन कर सकती है। लेकिन अगर कोई कानून देश के विकास में रुकावट डाले या लोकतंत्र के मूल्यों के खिलाफ हो, तो उसका विरोध किया जाएगा। यह विरोध भी पूरी तरह लोकतांत्रिक तरीके से होगा। उनका कहना है कि समर्थन और विरोध दोनों ही सिर्फ जनहित के लिए होते हैं।
इस पोस्ट से समाजवादी पार्टी का रुख भी समझ में आता है। सपा हमेशा जनता के फायदे को सबसे ऊपर रखती है। अगर कोई बदलाव गरीबों, पिछड़ों, दलितों और अल्पसंख्यकों के हित में हो, तो पार्टी उसका साथ देती है। लेकिन अगर कोई नियम भेदभाव बढ़ाए या किसी वर्ग को नुकसान पहुंचाए, तो पार्टी चुप नहीं बैठेगी। विरोध सड़क पर और संसद में दोनों जगह होगा।
यूजीसी ने 2026 में उच्च शिक्षा में जातिगत भेदभाव रोकने के लिए नए नियम बनाए हैं। इनमें कॉलेज-यूनिवर्सिटी में समानता समिति बनाना, 24 घंटे हेल्पलाइन, शिकायतों की तेज जांच और सख्त निगरानी शामिल है। कुछ लोग इसे अच्छा मानते हैं क्योंकि यह पिछड़े वर्गों को सुरक्षा देता है। लेकिन कई लोग, खासकर सामान्य वर्ग के, इसे भेदभावपूर्ण बताते हैं और कहते हैं कि इससे झूठी शिकायतें बढ़ सकती हैं। इस मुद्दे पर देशभर में बहस चल रही है। कुछ जगहों पर विरोध प्रदर्शन भी हुए हैं।