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बंदरों के आतंक से परेशान किसान ने अपनाया ‘भालू अवतार’, संभल में फसल बचाने का निकाला अनोखा जुगाड़

Sambhal News: यूपी के संभल में बंदरों के बढ़ते आतंक से परेशान किसानों ने फसलों की रक्षा के लिए अनोखा तरीका अपनाया है। भालू की पोशाक पहनकर खेतों की रखवाली कर रहे ये किसान दिनभर मेहनत कर अपनी फसल बचाने की कोशिश कर रहे हैं।

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सम्भल

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Mohd Danish

Mar 17, 2026

sambhal farmer dresses as bear to save crops

संभल में फसल बचाने का निकाला अनोखा जुगाड़ | Image Video Grab

Farmer dresses as bear Sambhal: संभल जिले के फिरोजपुर गांव में इन दिनों बंदरों का आतंक किसानों के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। हालात ऐसे हैं कि घर से लेकर खेत तक कोई भी सुरक्षित नहीं है। बंदर न केवल खाने-पीने का सामान उठा ले जाते हैं, बल्कि फसलों को भी भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं, जिससे किसानों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है।

फसलों की सुरक्षा के लिए अपनाया अनोखा तरीका

बंदरों के बढ़ते हमलों से परेशान होकर किसानों ने अब एक अनोखा और चौंकाने वाला तरीका अपनाया है। गांव के कई किसान भालू की पोशाक पहनकर खेतों की रखवाली कर रहे हैं। उनका मानना है कि इस रूप को देखकर बंदर डरकर भाग जाते हैं, जिससे फसलों को कुछ हद तक बचाया जा सकता है।

गांव में लंबे समय से बनी हुई है समस्या

फिरोजपुर गांव में बंदरों की समस्या कोई नई नहीं है, बल्कि यह लंबे समय से किसानों के लिए सिरदर्द बनी हुई है। ग्रामीण अनमोल गर्ग बताते हैं कि बंदर इतनी तेजी से हमला करते हैं कि जरा सी चूक होने पर वे भारी नुकसान कर देते हैं। कभी घरों से रोटी और खाने का सामान ले जाते हैं तो कभी कपड़े और अन्य चीजों को भी खराब कर देते हैं।

आर्थिक मजबूरी में किसानों ने उठाया यह कदम

गांव के किसान धर्मवीर का कहना है कि खेती ही उनके परिवार की आजीविका का मुख्य साधन है, लेकिन बंदरों के कारण उन्हें लगातार नुकसान उठाना पड़ रहा है। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के बावजूद उन्होंने भालू की पोशाक खरीदी और अब दिनभर उसे पहनकर खेतों में निगरानी करनी पड़ती है, ताकि फसल को बचाया जा सके।

दिनभर की मेहनत के बावजूद बनी रहती है चिंता

किसान शमशाद बताते हैं कि बंदरों का आतंक इतना ज्यादा है कि उन्हें डराने के लिए दिनभर भालू की पोशाक में रहना पड़ता है। जरा सी लापरवाही होने पर बंदर पूरी फसल को बर्बाद कर देते हैं। उन्होंने कहा कि यह समस्या अब गंभीर रूप ले चुकी है और इसका कोई स्थायी समाधान नजर नहीं आ रहा है।

प्रशासन से समाधान की उम्मीद

ग्रामीणों का कहना है कि वे कई बार इस समस्या को लेकर शिकायत कर चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। किसानों को उम्मीद है कि प्रशासन जल्द ही इस समस्या का स्थायी समाधान निकालेगा, ताकि उन्हें इस तरह के अनोखे और कठिन उपाय अपनाने के लिए मजबूर न होना पड़े।