वैशाखी सोमवती अमावस्या पर 10 लाख भक्त मंदाकिनी में लगाएंगे आस्था की डुबकी, जानिए पूरे मेले की तैयारी
सतना। मध्यप्रदेश-उत्तर प्रदेश के मध्य स्थित पुण्य सलिला मां मंदाकिनी तट पर वैशाखी सोमवती अमावस्या में स्नान करने के लिए भक्तों की भीड़ जुटने लगी है। पौराणिक जानकारों की मानें तो धर्म नगरी चित्रकूट में सोमवती अमावस्या का खास महत्व है। यहां आने वाले सभी भक्त पहले मंदाकिनी पर आस्था की डुबकी लगाते है फिर बाद में भगवान कामतानाथ के दर्शन उपरांत कामदगिरी पहाड़ की परिक्रमा करते है। देशभर से 10 लाख श्रद्धालुओं के आने की जिला प्रशासन ने उम्मीद की है।
पुलिस विभाग ने सुरक्षा को मद्देनजर रखते हुए सारी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। पूरे मेला क्षेत्र को आठ जोन में बांटा गया है। मध्यप्रदेश की ओर आने वाले हिस्से में एक हजार पुलिस के जवान तैनात किए गए है। दोनों राज्यों की पुलिस सामंजस्य बनाकर मेला व्यवस्था देख रही है। परिक्रमा मार्ग पर दो सैकड़ा से ज्यादा सीसीटीवी कैमरे लगाए गए है।
1000 पुलिस के जवान कर रहे ड्यूटी
बताया कि चित्रकूट मेला की सुरक्षा व्यवस्था में 1000 पुलिस के जवान तैनात किए गए है। पूरे मेले को 8 सेक्टरों में विभाजित किया गया है। चित्रकूट पर सभी अधिकारी-कर्मचारी तीन दिन तक दो पालियों में ड्यूटी करेंगे। इसके लिए पुलिस मुख्यालय और रीवा जोन से ६ सौ जवानों का अतिरिक्त बल मगांया गया है। जिनमे 4 उप पुलिस अधीक्षक शामिल है।
एसएएफ की दो कंपनी तैनात
इसके अलावा जिला बल, होमगार्ड, यातायात और महिला पुलिस के 4 सौ जवान तैनात है। वहीं एसएएफ की दो कंपनी और क्यूआरएफ की एक कंपनी लगाई गई है। डॉग स्क्वाड, बम निरीधक दस्ते की सेवाएं ली जा रही है। मेला प्रभारी एएसपी गुरुकरण सिंह को बनाया गया है। पूरा बल रविवार सुबह 10 बजे चित्रकूट पहुंच चुका है। सभी जवान शाम 4 बजे से ड्यूटी पर तैनात हो गए है।
पेयजल के खास इंतजाम
गर्मी में श्रद्धालुओं को पानी के लिए यहां-वहां भटना न पड़े इसलिए पेयजल के खास इंतजाम किए गए है। बिजली, छाया, चिकित्सा सुविधा एवं साफ-सफाई की सतत व्यवस्था बनाई गई है। नगर परिषद चित्रकूट द्वारा पार्किंग स्थलों की साफ-सफाई विद्युत प्रकाश की व्यवस्था बनाई गई है। प्रमुख द्वार कामता एवं वन विभाग के समीप मेला नियंत्रण कक्ष खोया-पाया केन्द्र की स्थापना कर ध्वनि प्रसारण की व्यवस्था के लिए हार्न स्पीकर लगाए गए है।