दर्ज किया अपहरण का मुकदमा, धारकुण्डी क्षेत्र से फूफा-भतीजे को ले गए हथियारबंद, तलाश में जुटी पुलिस पार्टियां
सतना। दस्यु प्रभावित धारकुंडी थाना क्षेत्र के कजरा गांव में रहने वाले फूफा-भतीजे को हथियारबंद व्यक्ति अपने साथ लेकर गए हैं। वह डकैत गिरोह था या यूपी एसटीएफ, इसके बाद मप्र और उप्र राज्य की पुलिस अब तक सुराग नहीं जुटा सकी है। बड़ी बात तो यह है कि धारकुण्डी इलाके में लगातार पुलिस सर्चिंग के बावजूद यह घटना हो जाना कई सवाल खड़े कर रही है।
हालातों को देखते हुए पुलिस ने थाना धारकुण्डी में अपहरण का मुकदमा दर्ज कर लिया है। कजरा निवासी कोल्ला कोल की रिपोर्ट पर अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ अपराध क्रमांक 22 में आईपीसी की धारा 364 व 11/13 एडी एक्ट के तहत केस दर्ज कर अब पुलिस अपहृत दिनेश कोल पुत्र कोल्ला कोल और उसके फूफा रामरूप कोल पुत्र सुखलाल की तलाश में जुटी है।
रिटायर्ड पुलिसकर्मी है पिता
तराई से दो व्यक्तियों का अपहरण होने के मामले में यह बात सामने आई है कि दिनेश के पिता कोल्ला कोल आरपीएफ में पदस्थ थे। वर्ष 2012 में वह सेवानिवृत्त हो गए, उस दौरान 12 लाख रुपए मिले थे। जिससे उन्होंने ट्रैक्टर खरीदा था और क्रेशर लगाया था। वहीं कोल्ला कोल के तीन बेटे हैं, पत्नी की बीमारी के चलते मौत हो चुकी है। सेवानिवृत्त होने के बाद वे गांव में रहने लगे थे। दोनों राज्यों की पुलिस ने जब इस बात का सुराग लगाना शुरू किया कि आखिर दिनेश और रामरूप को कौन लेकर गया है? शनिवार की रात यह बात ही सामने आई कि एसटीएफ उप्र ने दोनों को उठाया है, लेकिन इसकी पुष्टि पुलिस अधिकारी करने से बचते रहे।
खेत से लेकर गए
गुरुवार की रात हुई इस वारदात के बाद पुलिस को यही पता चल सका है कि दिनेश अपने फूफा रामरूप के साथ खेत की तकवारी करने के लिए तुर्कहा गांव से लगे खेत गया था। खेत की अहरी में दिनेश के साथ उसका दस साल का बेटा भी था। तभी देर रात आए हथियारबंद आधा दर्जन से ज्यादा लोग रास्ता पूछने के बहाने दिनेश और रामरूप को अपने साथ ले गए थे।
पिता को डकैतों पर शक
दिनेश के पिता को शक है कि दिनेश और रामरूप को डकैत ही अपने साथ लेकर गए हैं। दूसरी ओर यह बात भी सुर्खियों में है कि यूपी एसटीएफ दोनों को साढ़े पांच लाख के इनामी डकैत बबुली कोल की मदद करने के मामले में अपने साथ लेकर गई है। लेकिन गौर करने वाली बात तो यह है कि इसके बारे में उप्र की कर्वी पुलिस और मप्र की सतना पुलिस पुष्टि नहीं की है।
अपहृत युवकों की तलाश की जा रही है। अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ अपहरण व एडी एक्ट के तहत अपराध कायम किया है।
आलोक शर्मा, एसडीओपी चित्रकूट