साल के सबसे लंबे दिन पर लीजिए लंबा जीवन जीने की शपथ, आज ही के दिन वर्ल्ड म्यूजिक डे भी है। इसलिए आप चाहें तो संगीत की सुर लहरियों के बीच योग करते हुए लंबी आयु की ओर बढ़ सकते हैं।
सतना. 21 जून यानी साल का सबसे बड़ा दिन और सबसे छोटी रात। जी हां, एक साल में 365 दिन होते हैं। इनमें 21 जून को दिन सबसे बड़ा और रात सबसे छोटी होती है। खगोलशास्त्र के अनुसार इस दिन सूर्य उत्तरी गोलाद्र्ध से चल कर भारत के मध्य से गुजरी कर्क रेखा में आ जाता है। इसलिए सूरज की किरणें अधिक समय तक धरती पर पड़ती हैं। इससे दिन बड़ा और रात छोटी होती है। और इसी दिन योग दिवस मनाया जाता है। यह पांचवां योग दिवस है, इसकी शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक स्तर पर की थी। हम यह मान सकते हैं कि साल के सबसे लंबे दिन पर योग के माध्यम से सबसे लंबा जीवन जीने की शपथ लेनी चाहिए। आज ही के दिन वर्ल्ड म्यूजिक डे भी है। इसलिए आप चाहें तो संगीत की सुर लहरियों के बीच योग करते हुए लंबी आयु की ओर बढ़ सकते हैं।
वहीं 22 दिसंबर को दिन सबसे छोटा और रात सबसे बड़ी होती है। क्योंकि, इस दिन सूर्य की किरणें कम समय तक धरती पर पड़ती हैं। 22 जून को सूर्य दक्षिणायन हो जाता है। इससे सूरज की किरणें धरती पर तिरछी पड़ेंगी। सूर्य के दक्षिण गोलाद्र्ध में प्रवेश करते ही दिन धीरे-धीरे छोटे और रातें बड़ी होने लगेंगी। खगोलशास्त्रियों के अनुसार, गुरुवार को जिले में सूर्योदय सुबह 5.18 बजे होगा। जबकि सूर्यास्त शाम 6.58 बजे होगा। इस तरह दिन 12 घंटे 40 मिनट का होगा जबकि रात मात्र 10 घंटे 20 मिनट की होगी।
दोपहर में नहीं दिखेगी परछाई
सूर्य के कर्क रेखा में प्रवेश करते ही उसकी किरणें धरती पर कुछ समय के लिए लंबवत सीधी रेखा में पड़ेगी। इसलिए दोपहर में 12 से 1 बजे के बीच धूप में खड़े होने पर लोगों को अपनी परछाई नहीं दिखेगी।
23 सितंबर को दिन-रात बराबर
सूर्य के दक्षिणी गोलाद्र्ध में प्रवेश करते ही 22जून से दिन धीरे-धीरे छोटे और रात बढऩे लगेगी। 23 सितंबर को दिन और रात बराबर होंगे। 12 घंटे का दिन और 12घंटे की रात। इसके बाद सर्दी का मौसम शुरू होते ही दिन छोटे और रात बड़ी होने लगेगी।