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भगवान शिव से चली योग परंपरा ऋषियों के बाद मोदी ने विश्व में पहचान दिलाई

  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने योग दिवस की पूर्व संध्या पर आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित किया
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गोरखपुर

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Dheerendra Vikramadittya

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Updated: 20 Jun 2018, 9:51 PM IST

Yog day

भगवान शिव से चली योग परंपरा ऋषियों के बाद मोदी ने विश्व में पहचान दिलाई

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि योग का मतलब जीवन में संतुलन लाना है। जिन मार्गों और कार्यों से संतुलन मिल जाए वही योग है। शिव से चली परम्परा को ऋषियों ने आगे बढ़ाया और दुनिया मे इसका जो महत्त्व बढ़ा है वह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की देन है। योग दिवस के अवसर पर 192 देश योग को करते हए नजर आएंगे। सबके जीवन में योग के माध्यम से खुशहाली आये ऐसी शुभ कामना है। भारत के लिए योग कोई नया नाम नहीं हैं, यहां यह कई रूपों में जाना जाता है। देश योग का आत्मसात कर रहा है। एक साथ इतने देशों को योग के साथ आगे बढ़ना यह दर्शाता है कि वह संकीर्णताओं से बाहर है और मानवता को बढ़ावा देता है।
मुख्यमंत्री ने गोरखनाथ मंदिर में भारतीय संस्कृति में योग, अध्यात्म व शिक्षा विषय पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि कहा कि भारत की योग परंपरा मानवतावादी परंपरा है। आसन और प्राणायाम योग का एक अंग है। योग लोक कल्याण का माध्यम है। उन्होंने कहा कि भारत में हर व्यक्ति योग को स्वीकार करता है बस इसकी परिभाषा अलग अलग है। उन्होंने कहा कि योग से हमें अपने अन्दर की बुराइयों को दूर करने में मदद मिलती है। योग क्रियाओं के नियमित अभ्यास से शरीर स्वस्थ होता है ओर जीवन संतुलित रहता है।
कटक ओडिशा से आये महन्त शिवनाथ महराज ने योग के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि योग के क्षेत्र में गुरू गोरखनाथ व महर्षि पतंजलि ने चार योग के बारे में लोगों को बताया था। महन्त शिवनाथ महराज ने एक एक योग के बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी दी।
पूर्व कुलपति व महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के उपाध्यक्ष प्रो.यूपी सिंह ने कहा कि योग विद्या को सैद्धांतिक एवं व्यवहारिक दृष्टि से पहचान दिलाने में गोरखपुर का काफी योगदान है। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल किताबों से नही पूरी होती है, शारीरिक, बौद्धिक, भावात्मक, अघ्यात्मिक एवं मनौवैज्ञानिक शिक्षा के पांच आयाम भी है। इनके बारे में भी लोगों को जानकारी देनी चाहिए, तभी शिक्षा पूर्ण होती है।

मुख्यमंत्री कार्यक्रम के बाद अलीनगर स्थित डॉ.अवधेश अग्रवाल के आवास पर जाकर उनके पिता के 100वें जन्मदिवस पर बधाई दी।
इस अवसर पर प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, जिलाधिकारी के.विजयेन्द्र पाण्डियन आदि मौजूद रहे।

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