एसएसटी की कार्रवाई, रकम जब्त कर व्यापारियों को जाने दिया
सतना। आचार संहिता का पालन कराने में जुटी एसएसटी ने मंगलवार की दोपहर एक कार से सवा तीन लाख रुपए की रकम बरामद किया है। पूछताछ में जब कार सवार रकम के बारे में स्पष्ट जवाब नहीं दे सके तो रुपए जब्त करते हुए जांच शुरू कर दी गई। दोपहर करीब ढाई बजे मैहर के जीतनगर नाके में हुई इस कार्रवाई के बाद कार सवारों को छोड़ दिया गया है। उधर, टिकुरी की एसएसटी टीम ने अपनी जांच में एक कार में 23 लाख रुपये बरामद किए हैं। सूत्रों के अनुसार, सतना से उचेहरा होते हुए मैहर की ओर जा रही कार एमपी 19 सीए 8693 को रोक कर जीतनगर नाके में जांच की गई तो कार की डिग्गी में नीचे की ओर एक बैग में तीन लाख बीस हजार दो सौ रुपए रखे मिले।
जांच कर रहे सहायक उप निरीक्षक नागेन्द्र पाण्डेय ने जब कार चालक लोकनाथ गुप्ता (40) पुत्र सुंदरलाल गुप्ता निवासी सिद्धार्थ नगर सोनी मोहल्ला सतना से रुपए के बारे में जानकारी ली तो वह स्पष्ट नहीं कर सका। कार सवार सिंधी कैम्प सतना निवासी संजय से पूछताछ हुई तो उसने लोकनाथ की रकम होना बताया। इसी तरह कार सवार एक अन्य युवक ने खुद को हेल्पर बताते हुए कहा कि उसका रुपए से लेनादेना नहीं है। लोकनाथ का कहना था कि वह सब्जी व्यापारी का मुनीम है और व्यापार के सिलसिले में रकम लेकर जा रहा था। रकम के बारे में वह स्पष्ट नहीं कर सका कि कहां से आई और किसे देने जाना है? विधि विरुद्ध मामला होने पर पुलिस ने रुपए जमा कर लिए। रकम जमा कराने के बाद कार सहित उसमें सवार व्यक्तियों को जाने दिया गया।
टिकुरी टीम ने रोके 23 लाख
टिकुरी की एसएसटी टीम ने एक कार में 23 लाख रुपए बरामद किए। टीम ने इन रुपए का हिसाब मांगा को कार में बैठे लोगों ने अपने को बैंक अधिकारी बताते हुए आइडी दिखाई। इस पर एसएसटी टीम लीडर प्रमोद शुक्ला ने उनसे इन रुपए के परिवहन के दस्तावेज चाहे। लेकिन बैंक अधिकारियों ने धौंस दिखाते हुए दस्तावेज न दिखाते हुए फोन नंबर बताने लगे।
इसकी जानकारी आरओ को भी दी
जिस पर शुक्ला ने कहा कि आप सही हैं लेकिन हमें आदेश हैं कि रुपए के परिवहन के संबंधित दस्तावेज चेक किए जाएं। इस दौरान बैंक वालों ने काफी हील हुज्जत की। अंत में जब उन्होंने संबंधित दस्तावेज दिखाए तब एसएसटी टीम ने इन्हें जाने दिया। शुरुआत में कागजात नहीं दिखाने की स्थिति में एसएसटी टीम ने इसकी जानकारी आरओ केके पाण्डेय को भी दी।