सतना

एमपी में साढ़े तीन लाख किसानों ने कराया रजिस्ट्रेशन, MSP पर 1 जुलाई से खरीदी जाएगी उड़द-मूंग

MP farmers : प्रदेश सरकार ने न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीदी की सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। किसानों के पंजीयन का कार्य समाप्त हो चुका है और अब 1 जुलाई से 10 अगस्त तक निर्धारित उपार्जन केंद्रों पर फसलों की खरीदी की जाएगी।
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Jun 29, 2026
MP farmers
MP farmers (MSP पर 1 जुलाई से खरीदी जाएगी उड़द-मूंग Photo Source- Patrika)

Satna News : ग्रीष्मकालीन उड़द और मूंग की खेती करने वाले किसानों के लिए अच्छी खबर है। मध्य प्रदेश सरकार ने न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीदी की सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। किसानों के पंजीयन का कार्य समाप्त हो चुका है और अब 1 जुलाई से 10 अगस्त तक निर्धारित उपार्जन केंद्रों पर फसलों की खरीदी की जाएगी। प्रदेशभर में 3.56 लाख किसानों ने अपनी उपज एमएसपी पर बेचने के लिए पंजीयन कराया है। बात करें विंध्य क्षेत्र ती तो सतना और मैहर जिले के 882 किसानों ने पंजीयन कराया है, जबकि मऊगंज पूरे प्रदेश का ऐसा जिला बन गया है, जहां मात्र 1 किसान ने उड़द बिक्री के लिए पंजीयन कराया है।

इस साल प्रदेश में ग्रीष्मकालीन उड़द और मूंग की बोनी 9 लाख 2 हजार 705 हेक्टेयर क्षेत्र में हुई है। फसल की बोनी और पंजीयन में भी जिलों के बीच अंतर देखने को मिला है। नर्मदापुरम और नरसिंहपुर जैसे जिले रिकॉर्ड उत्पादन और पंजीयन के साथ शीर्ष पर हैं, वहीं नवगठित मऊगंज जिला सबसे निचले पायदान पर है।

सतना-मैहर में ऐसी स्थिति

सतना जिले में 446 किसानों ने करीब 531 हेक्टेयर क्षेत्र में उड़द और मूंग की खेती की है। इनमें 437 किसानों ने 516 हेक्टेयर में मूंग की फसल बोई, जबकि केवल 20 किसानों ने 15 हेक्टेयर में उड़द की खेती की। जिले में ग्रीष्मकालीन सीजन में किसानों का रुझान मूंग की ओर अधिक रहा। वहीं मैहर में कुल 436 किसानों ने 835 हेक्टेयर क्षेत्र में उड़द और मूंग की खेती की है। इनमें 353 किसानों ने 624 हेक्टेयर में मूंग तथा 141 किसानों ने 211 हेक्टेयर में उड़द की फसल लगाई। मैहर में उड़द का रकबा और किसानों की संख्या दोनों सतना की तुलना में काफी अधिक दर्ज की गई है।

नर्मदापुरम जिला प्रदेश का नंबर-1

प्रदेश में सबसे अधिक 78434 किसानों ने नर्मदापुरम जिले में पंजीयन कराया है, जहां 2.17 लाख हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में उड़द-मूंग की खेती हुई है। नरसिंहपुर दूसरे स्थान पर है, जहां 47313 किसानों ने अपनी उपज बेचने के लिए पंजीयन कराया है।

मऊगंज में 1 किसान ने कराया पंजीयन

नवगठित मऊगंज जिले में इस वर्ष उड़द-मूंग की खेती महज 0.58 हेक्टेयर में हुई। यहां समर्थन मूल्य पर बिक्री के लिए केवल 1 किसान ने पंजीयन कराया। प्रदेश के सभी जिलों में यह सबसे कम आंकड़ा है, जो वहां ग्रीष्मकालीन दलहन की सीमित खेती को दर्शाता है।

इन दरों पर होगी खरीदी

इस वर्ष केंद्र सरकार ने मूंग का न्यूनतम समर्थन मूल्य 8768 रुपए प्रति क्विंटल तथा उड़द का 7800 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया है। प्रदेश के 36 जिलों में मूंग और 28 जिलों में उड़द की खरीदी की जाएगी। खरीदी 1 जुलाई से 10 अगस्त तक निर्धारित उपार्जन केंद्रों पर होगी। इसके लिए सभी केंद्रों पर आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं। समर्थन मूल्य पर खरीदी से किसानों को खुले बाजार की कीमतों में उतार-चढ़ाव से राहत मिलेगी।

Published on:
29 Jun 2026 01:13 pm