वार्षिक सर्वे रिपोर्ट से हुआ खुलासा, साढ़े तीन हजार से अधिक महिलाएं हाइपरटेंशन से पीडि़त
सतना। लोगों में हाइपरटेंशन की समस्या बढ़ती जा रही है। जिले में साढ़े तीन हजार से अधिक महिलाएं हाइपरटेंशन से पीडि़त हैं। यह हकीकत खुद स्वास्थ्य महकमे की वार्षिक सर्वे रिपोर्ट कह रही है। हाइपरटेंशन से पीडि़त महिलाओं की तेजी से बढ़ती ग्राफ ने स्वास्थ्य महकमे में टेंशन पैदा कर दी है। जिले के सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों की ओपीडी (बाह्य रोग विभाग) में अप्रैल १७ से जनवरी १८ तक ८ लाख ७६ हजार ९०४ महिलाएं उपचार कराने पहुंची। इनमें ८ लाख २८ हजार १३१ एलोपैथी और ४८ हजार २७३ महिलाएं आयुष ओपीडी में इलाज कराया। चिकित्सकों के परामर्श के बाद कराए गए स्वास्थ्य परीक्षण में ३ हजार ५५० महिलाएं हाइपरटेंशन की शिकार मिलीं।
विकासखण्डवार हाइपरटेंशन पीडि़त महिलाएं
अमरपाटन 246
मझगवां 171
मैहर 714
नागौद 16
रामनगर 26
रामपुर बाघेलान 229
सतना (सोहावल ) 1978
उचेहरा 200
रीवा, सीधी में महिलाएं सबसे ज्यादा पीडि़त
सतना 3550
रीवा 6663
सीधी 4589
सिंगरौली 2001
मैहर में सबसे अधिक
जिले की सबसे बड़ी रेफरल संस्था होने के कारण सर्वाधिक मरीज जिला अस्पताल आते हैं। इसकी वजह से सतना (सोहावल) में हाइपरटेंशन पीडि़त सबसे अधिक 1978 महिलाएं दर्ज की गईं। अन्य विकासखण्डों की तुलना की जाए तो मैहर में सबसे ज्यादा महिलाएं 714 हाइपरटेंशन की शिकार मिलीं।
संभाग में रीवा अव्वल
जिलेभर के स्वास्थ्य केंद्रों के बाह्य रोग विभाग में 9 माह में (अपै्रल 17 से जनवरी 18 तक) हाइपरटेंशन से 3 हजार 550 महिलाएं हाइपरटेंशन की शिकार मिलीं। संभाग में सबसे ज्यादा हाइपरटेंशन से पीडि़तों की संख्या 6663 रीवा जिले में है। दूसरे नबंर पर सीधी है जहां 4589 महिलाएं पीडि़त हैं।
हाइपरटेंशन के लक्षण
मेडिसिन स्पेशलिस्ट डॉ नरेंद्र शर्मा ने बताया, हाइपरटेंशन का कोई भी लक्षण बाहर से दिखाई नहीं देता है। यदि आप हाइपरटेंशन के शिकार हैं तो सिर में दर्द हो सकता है। आशंका होने पर शीघ्र चिकित्सक से परामर्श लेकर दवाइयों का सेवन करें।
कारण
मसालेदार खाद्य सामग्री का अत्यधिक सेवन, शराब पीना, भोजन में नमक का अत्यधिक सेवन, अनियमित दिनचर्या, जंक-फूड खाने से भी हाइपरटेंशन के शिकार हो सकते हैं।
जलेभर में हाइपरटेंशन बीमारी से पीडि़त महिलाओं को बेहतर चिकित्सा मुहैया करायी जा रही है। गांव-गांव शिविर लगा एेसी महिलाओं को चिह्नित किया जा रहा है।
डॉ. डीएन गौतम, सीएमएचओ