सतना

एमपी में फिर पसरा खौफनाक रोग, 24 मरीज मिले, सतना में 15 दिन में ही 5 पॉजिटिव

Measles- मीजल्स रिटर्न: मप्र में फैल रहा खसरा का संक्रमण: 4 बच्ची और 1 युवती संक्रमित, डॉक्टर बोले-टीकाकरण ही बचाव, लेकिन पहला टीका के बाद दूसरा लगवाने में सामने आ रही लापरवाही

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May 11, 2026
Measles- Demo Pic (image- gemini)

Measles - विवेक मिश्रा सतना. एमपी में मीजल्स (खसरा) के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं। सतना जिले में ही 15 दिनों में 18 लोगों में मीजल्स के शुरुआती लक्षण मिले हैं। उनकी जांच कराई गई तो 5 मरीजों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई। पॉजिटिव मरीजों में 4 छोटी बच्चियां और 26 साल की युवती है। अब तक सतना, रतलाम, आलीराजपुर, शिवपुरी, दतिया और बुरहानपुर में 24 मरीज मीजल्स के मिले हैं। सतना में अप्रेल के दूसरे पखवाड़े में मीजल्स का खतरा सामने आया। 15-30 अप्रेल के बीच स्वास्थ्य विभाग ने अलग-अलग क्षेत्रों से मरीजों के सैंपल लिए। जांच में इन मामलों की पुष्टि हुई। बीमारी के संभावित खतरे देख विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है।

अभी दो ब्लॉक में पॉजिटिव, लेकिन संक्रमण की आशंका पूरे जिले में

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सतना जिले के नागौद ब्लॉक के सलैय्या उन्मुक्त की 1 साल की बच्ची व चित्रकूट के कुसुमी क्षेत्र की 2 साल की बच्ची में मीजल्स की पुष्टि हुई है। मझगवां ब्लॉक के देवलहा गांव की 5 साल की बच्ची और पिंडरा गांव की 6 साल की बच्ची भी संक्रमण की चपेट में है। नागौद ब्लॉक के चकरगोहान की युवती (26) भी पॉजिटिव मिली।

जिले में मीजल्स का असर नागौद और मझगवां ब्लॉक में दिखा है। हालांकि इससे संक्रमण पूरे जिले में फैलने की आशंका है।

सभी रिपोर्ट कन्फर्म

स्वास्थ्य विभाग का कहना हैं, सभी संदिग्धों की जांच कराई है। सभी रिपोर्ट कन्फर्म हैं। विभाग सर्वे, निगरानी, इलाज कर रहा है।

डॉक्टरों के अनुसार मीजल्स अत्यंत संक्रामक बीमारी है। यह तेजी से फैलती है। खासतौर पर बच्चों को प्रभावित करती है। समय पर पहचान, इलाज और टीकाकरण ही बचाव है।

लापरवाही: 2 साल पहले मैहर में दो मौतें

2024 में मैहर में खसरे से दो बच्चों की मौत हुई। रिटायर्ड सीएमएचओ डॉ. एमएस शर्मा बताते हैं, यह टीकाकरण में लापरवाही का नतीजा है। पहले डोज के बाद दूसरा लगवाने में लापरवाही की जा रही है।

लक्षण
तेज बुखार
खांसी
नाक बहना
आंखों का लाल होना
त्वचा पर लाल चकत्ते
मुंह में सफेद धब्बे

ये हैं खतरे

मीजल्स से निमोनिया, दस्त, कान में इन्फेक्शन, दिमाग में सूजन (एन्सेफलाइटिस) जैसी गंभीर जटिलताएं हो सकती हैं। यह जानलेवा भी हो सकता है।

कैसे फैलता है?

यह वायरस संक्रमित व्यक्ति के खांसने, छींकने या बात करने से हवा के माध्यम से फैलता है।

बचाव

एमएमआर वैक्सीन की 2 खुराक जरूर लगवाएं
पहली खुराक 9 माह पर
दूसरी खुराक 16-24 माह पर
कमजोर प्रतिरक्षा वाले लोगों से दूरी रखें
खांसी-छींकते समय मुंह ढंकें
हाथों को साबुन से बार-बार धोएं

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Published on:
11 May 2026 06:28 am
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