किसान मित्र बनने को आवेदकों की अजब-गजब सिफारिश, फिर भी नहीं मिली नौकरी
सुखेंद्र मिश्र @ सतना। यदि आप स्नातक तक पढ़े लिखे हो और आप को कोई महज 500 रुपए माह के पारिश्रमिक पर नौकरी देना चाहे तो आप किसी भी स्थिति में करना पसंद नहीं करेंगे। लेकिन, विंध्य की औद्योगिक नगरी सतना के शिक्षित बेरोजगारों की कहानी इससे उलट है। यहां के बेरोजगार पांच सौ की नौकरी के लिए सांसद-विधायक से लेकर मंत्री तक सिफारिश लगा रहे हैं।
हद तो तब हो गई जब एक आवेदक को किसान मित्र बनाने कृषि विभाग के अधिकारियों के पास राज्यपाल कार्यालय का सिफारिशी लेटर पहुंच गया।
इसमें विभाग के अधिकारियों को यह निर्देश दिया गया है कि सतइया चौधरी को किसान मित्र के पद पर नियुक्त करते हुए राजभवन को अवगत कराया जाए। किसान मित्रों की भर्ती प्रक्रिया अभी विचाराधीन है। लेकिन, इसके लिए आ रहे आवेदन के साथ संलग्न सांसद-विधायक एवं मंत्रियों के सिफारिशी पत्रों को देखकर आत्मा परियोजना के अधिकारियों के हाथ-पांव फूलने लगे हैं।
200 पदों के लिए 50 से अधिक सिफारिश
आत्मा परियोजना के सूत्रों के अनुसार जिले में लगभग दो सौ नए किसान मित्रों की नियुक्ति की जानी है। जिन्हें राज्य सरकार के निर्देशानुसार हर माह ५०० रुपए प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। इन पदों पर नियुक्ति के लिए आवेदन के साथ जनप्रनिनिधियों के ५० से अधिक सिफारिशी लेटर विभाग पहुंच चुके हैं।
एेसे होगी नियुक्ति
कृषक मित्र की नियुक्ति के लिए प्रत्येक ग्रामसभा तीन किसानों के नाम का अनुमोदन कर जिला प्रशासन को भेजेगी। दो ग्राम पंचायतों से अनुमोदित छह नामों में से आत्मा परियोजना के अधिकारी एक का चयन किसान मित्र के लिए करेंगे। चयन में उन्नतिशील किसान एवं तकनीकी ज्ञान रखने वाले अभ्यर्थियों को प्राथमिकता दी जाएगी। चयन में 30 फीसदी स्थान महिलाओं के लिए आरक्षित किए गए हैं।
किसान मित्रों की नईभर्तियां नहीं हो रही हैं। कुछ पुराने लोगों को निकाला गया है। उनके स्थान पर नए किसान मित्रों की नियुक्ति होनी है। ग्राम पंचायतों से अनुमोदित होकर जो आवेदन आ रहे हैं, उन्हीं में दो राजस्व गांवों के बीच एक किसान मित्र की नियुक्ति की जाएगी। सिफारिशी लेटर से कुछ नहीं होगा। डारयेक्टर की बैठक में जिन नामों का अनुमोदन होगा उन्हीं को रखा जाएगा।
आरएस शर्मा, उपसंचालक कृषि सतना