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Happy New Year: विंध्य की वादियों में इन 10 जगहों पर करें न्यू ईयर सेलिब्रेट, भरपूर मिलेगा आनंद

विंध्य की वादियों में ऐसी कौन जी जगहें हैं जहां पर बिना टेंशन के न्यू ईयर सेलिब्रेट किया जा सकता है।

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10 places in india to celebrate new year-2018

10 places in india to celebrate new year-2018

सतना। हर साल एक जनवरी को नए साल की शुरुआत होती है। हर साल की तरह इस साल भी पूरी दुनिया दोगुने उत्साह के साथ नए साल का स्वागत करेगी और जश्न मनाने की तैयारी कर रही है। नए साल के मौके पर लोग नए संकल्प और जीवन को बेहतर बनाने का वादा करते हैं साथ ही साथ युवा इस दिन को सेलिब्रेट करने के लिए नई-नई जगहों की तलाश करते हैं। अगर आप भी किसी अच्छी जगह की तलाश कर रहे हैं तो वो तलाश हम खत्म कर देते हैं, क्योंकि यहां हम आपको बताएंगे कि विंध्य की वादियों में ऐसी कौन जी जगहें हैं जहां पर बिना टेंशन के न्यू ईयर सेलिब्रेट किया जा सकता है।

गौरतलब है कि, विंध्य क्षेत्र में ही एक से बढ़कर एक प्राकृतिक छटाओं से भरपूर, सुंदर और मनमोहक प्लेसेस हैं। धारकुंडी, मैहर, चित्रकूट, माधवगढ़-रामवन, व्हाइट टाइगर सफारी, रीवा स्थित जलप्रपात, बसामन मामा, प्राचीन बौद्ध स्तूप, ऐतिहासिक गुफाएं, अमरकंटक सहित कई अन्य प्लेसस हैं, जहां आप फैमिली के साथ जाकर न्यू ईयर सेलिब्रेट कर सकते हैं। यहां आप कम खर्चे में बहुत अच्छे से न्यू ईयर सेलिब्रेट कर सकते हैं।

1. मैहर का मां शारदा मंदिर
सतना से 45 किलोमीटर की दूरी पर त्रिकूट पर्वत में विराजमान हैं मां शारदा देवी। मां शारदा समूचे देश में अतुलनीय हैं। यहां हजारों भक्त रोजाना दर्शन के लिए आते हैं। कहा जाता है कि मां शारदा के अनन्य भक्त आल्हा यहां रोजाना पूजा करने आते हैं। आल्हा-उदल अखाड़ा एवं जलप्रपात भी यहां के दर्शनीय स्थल हैं।

2. धामों का धाम चित्रकूट धाम
सतना से 85 किलोमीटर की दूरी पर है चित्रकूट धाम। यह धाम देश के प्रसिद्ध पर्यटन नगरों में से एक है। यहां के सबसे प्रमुख स्थान मां मंदाकिनी नदी के तट पर स्थित रामघाट, सती अनुसुइया आश्रम, कामतानाथ मंदिर व पर्वत, भरत कूप, हनुमान धारा, गुप्त गोदावरी, स्फटिक शिला, जानकीकुंड हैं।

3. माधवगढ़ फोर्ट
सतना के माधवगढ़ स्थित ऐतिहासिक फोर्ट जिसकी सुंदरता टमस नदी के किनारे देखते ही मिलती है। यहां का ऐतिहासिक प्राकृतिक सौंदर्य अपने आप में ही अद्भुत है। यह पर्यटकों को बहुत आकर्षित करता है। इसके साथ-साथ माधवगढ़ से सात किलोमीटर दूरी पर बहुत सुदंर और मनमोहक प्लेस रामवन है। वहां पर आप अपनी फैमली के साथ जाकर एंज्वाय कर सकते हैं।

4. धारकुंडी में पहाड़ों से बहती जलधारा
सतना से 70 किमी दूर धारकुंडी आश्रम में प्रकृति और अध्यात्म का अनुपम मिलन देखने को मिलता है। पर्वत की कंदराओं में साधना स्थल, दुर्लभ शैल चित्र, पहाड़ों से अनवरत बहती जल धारा, गहरी खाइयां और चारों ओर से घिरे घनघोर जंगल के बीच महाराज सच्चिदानंद के परमहंस आश्रम ने यहां पर्यटन और आध्यात्म को एक सूत्र में पिरो कर रख दिया है।

5. जलप्रपातों व घाटियों की मनमोहक शृंखला
रीवा जलप्रपातों की नगरी है। जलप्रपातों से ही यहां का प्राकृतिक सौंदर्य विश्व प्रसिद्ध है। रीवा में ही मध्यप्रदेश का सबसे ऊंचा चचाई जलप्रपात है, तो क्योंटी, पुरवा, बहुती, घिनौची धाम का सौंदर्य अपने आप में ही अद्भुत है। रीवा से चचाई की दूरी 50 किलोमीटर, क्योंटी की 40 किलोमीटर, पुरवा की दूरी 35 किलोमीटर, बहुती की दूरी 70 किलोमीटर, घिनौची धाम की दूरी 40 किलोमीटर है।

6. व्हाइट टाइगर सफारी
विश्व की पहली व्हाइट टाइगर सफारी के रूप में विकसित मुकुंदपुर चिडिय़ाघर में आधा दर्जन सफेद बाघ मौजूद है। जिनकी चहल-कदमी सफारी में खुले में आसानी से देखा जा सकता है। सफेद शेरों के अतिरिक्त यहां 63 प्रकार के अन्य जानवर भी देश के कोने-कोने से लाए जा रहे हैं। यह सतना से 50 तो रीवा से करीब 10 किमी. दूर है।

7. प्रदेश का प्रथम गौ अभयारण्य
बसामन मामा प्रदेश के प्रथम गौ अभयारण्य के रूप में प्रस्तावित है। रीवा की आस्था का प्रमुख केंद्र बसामन मामा है। यहां आने से भक्तों, पर्यटकों को असीम आनंद, शांति की अनुभूति होती है। बसामन मामा धाम रीवा से 35 किलोमीटर की दूरी है।

8. बौद्ध स्तूपों की सबसे बड़ी श्रृंखला
देउर कोठार के प्राचीन बौद्ध स्तूप विश्व शांति एवं सद्भाव का संदेश देते हैं। रीवा से 60 किलोमीटर की दूरी पर देउर कोठार में पांच हजार वर्ष प्राचीन बौद्ध स्तूपों की सबसे बड़ी श्रृंखला है। यहां शैल चित्रों एवं गुफाओं की भी श्रृंखला है।

9. ऐताहासिक गुफा हैं खास
रीवा से 120 किलोमीटर की दूरी पर सीधी के प्रसिद्ध पर्यटन केन्द्रों में माड़ा की ऐतिहासिक गुफाएं, संजय गांधी नेशनल पार्क, चंद्रेह के प्राचीन मंदिर, भंवरसेन प्रमुख हैं।

10. रीवा फोर्ट-म्यूजियम
रीवा राजघराने का ऐतिहासिक फोर्ट देसी-विदेशी पर्यटकों की सबसे प्रथम पसंद है। गौरवमयी इतिहास है, तो प्रसिद्ध बघेला म्यूजियम भी है। रीवा राजघराने में विदेशी देशों के झूमर भी यहां की सुंदरता को चार-चांद लगाते हैं। रीवा से 40 किमी. दूरी पर 13 वीं शताब्दी का ऐतिहासिक क्योंटी फोर्ट है तो करीब 65 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है त्योंथर फोर्ट।