Ladli Behna Awas Yojana: डेढ़ साल पहले मुख्यमंत्री लाड़ली बहना आवास योजना में आवेदन तो लिए गए, लेकिन आगे की प्रक्रिया अटक गई थी। अब प्रशासन ने आवेदनों की जांच शुरू कर दी है, जिससे लाखों बहनों को उम्मीद जगी है।
Ladli Behna Awas Yojana: ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाली लाड़ली बहनें, जिनके पास पक्का मकान नहीं है, उनके लिए मुख्यमंत्री लाड़ली बहना आवास योजना शुरू की गई थी। इस योजना के तहत डेढ़ साल पहले आवेदन लिए गए थे, लेकिन आगे की प्रक्रिया लंबित थी। अब प्रशासन ने आवेदनों के परीक्षण के निर्देश जारी कर दिए हैं।
सतना और मैहर जिले में लाड़ली बहना योजना के पात्र हितग्राहियों की संख्या 3.63 लाख है। इनमें से 1.62 लाख महिलाओं ने पक्का आवास पाने के लिए आवेदन किया है। इससे यह स्पष्ट होता है कि जिले की 55% लाड़ली बहनों के पास अब भी पक्का घर नहीं है।
आवेदनों के परीक्षण के लिए जिला पंचायत सीईओ संजना जैन ने सभी जनपदों के सीईओ को निर्देश जारी कर दिए हैं। 24 मार्च को जारी निर्देशों के अनुसार, तय मापदंडों के आधार पर अपात्रों को चिन्हित किया जाएगा और पात्र लाभार्थियों के नाम आवास प्लस सर्वे 2024 में 31 मार्च तक जोड़े जाएंगे।
भारत सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए पोर्टल पर मुख्यमंत्री लाड़ली बहना आवास योजना के तहत कुल 1,62,500 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें सबसे अधिक आवेदन जनपद पंचायत मैहर से 33,044 आए हैं। अमरपाटन से 18,884, मझगवां से 19,529, नागौद से 20,509, रामनगर से 12,613, रामपुर बाघेलान से 18,984, सोहावल से 26,096 और उचेहरा से 12,841 आवेदन दर्ज हुए हैं।
पात्र लाड़ली बहनों की संख्या भी जनपदों के अनुसार अलग-अलग है। अमरपाटन में 35,157, मैहर में 50,886, मझगवां में 37,849, नागौद में 35,815, रामनगर में 22,951, रामपुर बाघेलान में 44,123, सोहावल में 37,390 और उचेहरा में 30,063 बहनें पात्र मानी गई हैं।
सभी जनपद पंचायतों को निर्देश दिए गए हैं कि वे 7 दिनों के भीतर आवेदनों की जांच पूरी करें। इस दौरान तय मानकों के आधार पर अपात्रों को अलग किया जाएगा और पात्र महिलाओं के नाम सूची में जोड़े जाएंगे।
प्रदेश सरकार इस योजना के माध्यम से हर पात्र लाड़ली बहना को पक्का मकान देने की दिशा में आगे बढ़ रही है। यह योजना उन महिलाओं के लिए एक बड़ी राहत साबित होगी, जिनके पास अभी तक स्थायी आवास नहीं है। प्रशासन की ओर से पारदर्शी और तेजी से कार्रवाई करने का दावा किया जा रहा है, ताकि पात्र हितग्राहियों को जल्द से जल्द लाभ मिल सके।