15 वार्ड प्रभारी भी बाहर किए गए
सतना। रामनगर नगर परिषद में अध्यक्ष रामसुशील पटेल की ठसक में मस्टर श्रमिकों की बेतहाशा भर्ती की गई थी। स्थिति यह थी कि जितने मस्टर श्रमिकों की आवश्यकता थी उसके दो गुने यहां तैनात किए गए थे। कई अध्यक्ष के घर में काम कर रहे थे तो कुछ बिना काम के वेतन ले रहे थे। मामले की शिकायत के बाद जब जांच हुई तो 64 मस्टर श्रमिक आवश्यकता से अधिक मिले। उनकी मंगलवार को सेवा समाप्त कर दी गई। इसी तरह से 15 वार्ड प्रभारियों की भी सेवाएं समाप्त की गई हैं।
ये है मामला
जानकारी के अनुसार एक शिकायत के परिप्रेक्ष्य में संयुक्त संचालक नगरीय प्रशासन एवं विकास ने सीएमओ न्यू रामनगर को निर्देश जारी किए थे कि जितने मस्टर श्रमिकों की निकाय को आवश्यकता है उतने ही तैनात किए जाएं। शेष की सेवा समाप्त की जाए। इस पर सीएमओ ने शाखा प्रभारियों से मस्टर श्रमिकों की आवश्यकता का आंकलन किया तो बताया गया कि जलप्रदाय व्यवस्था के लिए 6, राजस्व के लिए 2, हैंडपंप मरम्मत के लिए 6, विद्युत व्यवस्था के लिए 4, कार्यालयीन कार्य व्यवस्था के लिए 6, फायर वाहन व वाहन चालन के लिए 5 तथा सफाई कार्य के लिए 27 श्रमिकों की आवश्यकता है। इस तरह से नगर परिषद को कुल 56 श्रमिकों की आवश्यकता थी। गणना के बाद मिला कि 64 श्रमिक अधिक हैं। उनकी सेवा समाप्ति के आदेश जारी कर दिए गए हैं।
इन वार्ड प्रभारियों को हटाया
नगर परिषद रामनगर में हाल ही में हुए पीएम आवास योजना घोटाले में वार्ड प्रभारी भी दोषी पाए गए थे। इनको भी पद से पृथक कर दिया गया है। इनमें गुलाब कोल, सुशील कोल, निहाल पाण्डेय, विनोद कुमार यादव, गोपाल वर्मा, अवनीश साकेत, अनिल विश्वकर्मा, अनेकलाल पटेल, रामू चर्मकार, गया प्रसाद पटेल, राजेन्द्र पटेल, राजेन्द्र प्रसाद पटेल, अवनीश पटेल, कमलेश्वर पटेल व मनीष पटेल शामिल हैं। मस्टरकर्मी से पृथक किए जाने के बाद इन लोगों द्वारा जिला निर्वाचन अधिकारी को फर्जी शिकायत किए जाने का भी मामला सामने आया है। इनके द्वारा कई अन्य लोगों के हस्ताक्षर भी इस शिकायत के समर्थन में किए गए थे जो फर्जी पाए गए और इन लोगों ने इस शिकायत की जानकारी नहीं होने की बात कही और अपने हस्ताक्षर नहीं किए जाना बताया गया। इन लोगों द्वारा जिनकी फर्जी शिकायत की गई थी उनमें सीएमओ अमर बहादुर सिंह, लेखा पाल अमित कुमार, राउनि ब्रह्मानंद शुक्ला, उपयंत्री देवरत्नम सोनी शामिल हैं।
इनको दिखाया बाहर का रास्ता
जो 64 मस्टर श्रमिक कार्य से पृथक किए गए हैं उनमें से ज्यादातर अध्यक्ष रामसुशील के लोग थे। इनमें से जो नाम सामने आए हैं उनमें अरुण पटेल, धर्मेन्द्र पटेल, सुरेन्द्र पटेल, मुमताज खान, मन्नू स्वीपर, आशुतोष पटेल, रामअवतार पटेल, जयकरण, अखिलेश, सत्येन्द्र, गंगादीन, हरीदीन प्रजापति, संगम सेन, कृष्णकुमार, रजनीश पटेल, गया, विदुर शर्मा, स्वामी दीन यादव, अखिलेश पटेल, कृष्ण किशोर, विश्वनाथ, हीरालाल सहित अन्य हैं।
सीएमओ को जान से मारने की धमकी
64 मस्टर श्रमिकों को हटाने के बाद कुछ श्रमिकों ने सीएमओ को जान से मारने की धमकी दी है। अध्यक्ष के निकटस्थ माने जाने वाले इन श्रमिकों ने सीएमओ दफ्तर पहुंच कर उनसे अभद्रता पूर्ण व्यवहार भी किया है। मामले में सीएमओ ने थाना प्रभारी रामनगर को लिखित शिकायत करते हुए कार्रवाई की मांग की है।