सिंगरौली कोतवाली थाना क्षेत्र के मयार नदी का मामला, गोताखोरों को दूसरे दिन मिली सफलता
सिंगरौली/मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल स्थित छोटा तालाब खटलापुरा मंदिर घाट पर हुए भीषण हादसे के बाद सिंगरौली जिले से भी एक हादसे की खबर आ रही है। बताया गया कि गुरुवार की शाम सिंगरौली शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र के मयार नदी पर गणेश विसर्जन करते समय दो युवक नदी में डूब गए थे। इस दुर्घटना में एक युवक की मौके पर मौत हो गई थी।
जबकि दूसरे युवक का शव काफी मशक्कत के बाद भी रात में बरामद नहीं हुआ था। शुक्रवार की सुबह गोताखोरों की मदद से मृतक का शव बरामद कर लिया गया है। जहां भोपाल में अलसुबह 12 श्रद्धालुओं की मौत से प्रदेशभर में हड़कंप मचा हुआ है। वहीं सिंगरौली हादसे के बाद दो परिवारों को मातम पसरा हुआ है। थाना पुलिस ने शव को कब्जे में लेने के बाद पीएम उपरांत परिजनों को सौंप दिया है।
ये है मामला
मिली जानकारी के मुताबिक एनसीएल निगाही परियोजना अंतर्गत एमपीईबी कॉलोनी निवासी पवन सिंह पिता अवधराज 25 वर्ष और हृदयेश सिंह पिता केपी सिंह 6 वर्ष गुरुवार को बिलौंजी निवासी रिश्तेदार राजकुमार पटेल के यहां आए थे। पटेल परिवार के साथ दोनों दोस्त गणेश प्रतिमा विसर्जन कार्यक्रम में शामिल हो गए। वह बैढऩ कोतवाली के नजदीक मयार नदी में विसर्जन करने लगे। जैसे ही अन्य भक्त गणेश प्रतिमा विसर्जन कर वापस लौटने लगे तो उन दोनों ने स्नान करने की इच्छा से नदी पर उतर गए। लोगों ने मना किया फिर भी दोनों दोस्त नहीं मानें और कुछ ही मिनटों में नदी में छलांग लगा दी।
बह गए थे नदी के तेज धार में
इसी दौरान दोनों युवक तेज धार में बहने लगे। जिनको बचाने के लिए अन्य साथी आनन-फानन में नदी पर उतरे। पर वह नदी के तेज बहाव में बहते ही जा रहे थे। जब लोग उनकों नहीं बचा पाए तो तुरंत घटना कि सूचना थाना पुलिस सहित गोताखोरों को दी गई। पुलिस टीम गोताखोर लेकर पहुंची और तलाश शुरू की। लेकिन तब तक देर हो चुकी थी। कुछ देर बाद पवन सिंह का मृत शरीर पानी पर उतराया तो पुलिस ने बरामद कर लिया। अंधेरा होने के कारण दूसरे युवक का शव नहीं मिला। फिर दूसरे दिन यानी की शुक्रवार को रेस्क्यू चालू किया गया। सुबह करीब 11 बजे हृदयेश सिंह का शव बरामद हुआ। घटना के बाद से दोनों के घर में कोहराम मचा हुआ है।