मध्यप्रदेश: अष्टधातुओं से बनी भगवान राम श्रीराम की मूर्ति चोरी, प्रतिमा के सामने फीकी पड़ी सोना-चांदी कीमत
सतना। मध्यप्रदेश के सतना जिला अंतर्गत अष्टधातु से बनी हजारों रुपए की मूर्ति चोरी होने के बाद सनसनी फैल गई। जब सुबह पुजारी सूर्य पाल शर्मा मंदिर में पूजा करने पहुंचा तो सब कुछ अस्त-व्यस्त था। देखा कि मंदिर के मुख्य गेट का में लगे दरबाजे का ताला टूटा हुआ है। मंदिर के गर्भ गृह में प्रवेश तो भगवान श्रीराम की मूर्ति गायब थी। आनन-फानन में आसपास के लोगों को सूचना दी। सूचना के बाद सभी ग्रामीण भारी संख्या में एकत्र हो गए। तुरंत मामले की सूचना ताला पुलिस को दी गई। ताला थाना प्रभारी ने बड़ी चोरी की आशंका पर एफएसएल टीम को मौका-मुआयना के लिए बुलाया है। डॉग स्क्वायड की मदद से साक्ष्य जुटाए गए है। चोर इतने शातिर थे अष्टधातु से बने श्रीराम की मूर्ति को कटर से काटकर ले गए लेकिन सोना-चांदी में हाथ तक नहीं लगाय है।
ये है मामला
ताला थाना प्रभारी कपूर त्रिपाठी ने बताया कि रविवार की देर रात शातिर चोर रामगढ़ गांव स्थिति प्राचीन श्रीराम मंदिर में मुख्य दरवाजे के गेट का ताला तोड़कर अंदर प्रवेश किए। फिर गर्भ गृह में विराजमान माता सीता और अनुज लक्ष्मण के मध्य में लगी अष्टधातुओं से बनी भगवान श्रीराम को कटर आरी के माध्यम से काट लिया। बल्कि भगवान के श्रृंगार में चढ़े सोना-चांदी को हाथ तक नहीं लगाया। सुबह मंदिर का पुजारी सूर्य पाल शर्मा पहुंचा तो देखा कि भगवान राम की प्रतिमा गायब थी। फिर उसने चोरी की बात ग्रामीणों को बताकर तुरंत थाने में सूचना दी। खबर मिलते ही थाना पुलिस ने मौका-मुआयना के लिए सतना से एफएसएल टीम और डॉग स्क्वायड को बुलवाया है। पुजारी की शिकायत पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया। प्रथम द्रष्टया चोरी ५० हजार की बताई गई है।
200 साल पुराना है मंदिर
अतुल सिंह, राज बहादुर सिंह, अनुज सिंह, राजमणि सिंह, विजय सिंह ने बताया कि ताला थाना क्षेत्र के रामगढ़ गांव में 200 वर्ष पुराना प्राचीन मंदिर स्थित है। यहां पर भगवान श्रीराम, माता सीता और अनुज लक्ष्मण की मूर्ति बिराजमान थी। करीब 100 साल पहले रीवा राजा ने मूर्ति का कायाकल्प करते हुए श्रीराम की प्रतिमा को अष्टधातुओं से बनवाते हुए मंदिर में बिराजमान किया था। कुछ माह पहले कृष्ण जन्माष्ठमी पर भव्य कार्यक्रम मंदिर में रखा गया था। जहां पर बाहरी भक्त भी शिरकत किए थे। वह अपने-अपने मोबाइल से भगवान की तस्वीर कैमरे में कैद कर ली थी। शायद अंतर राष्ट्रीय मार्केट में मूर्ति की कीमत को पता करने के बाद प्लान बनाया था।
40-50 लाख हो सकती है कीमत!
गांव के बड़े-बुजुर्ग का मानना है कि चोरी गई अष्टधातुओं से बनी प्रतिमा की कीमत अंतर राष्ट्रीय मार्केट में 40 से 50 लाख की हो सकती है। वास्तविकता में मूर्ति की कीमत क्या होगी इसके लिए राजघराने से संपर्क किया जा रहा है। आधा एकड़ में बने मंदिर का इतिहास बहुत ही पुराना है। वर्षों से शातिर किस्म के लोग प्रतिमा पर नजरें बनाए हुए थे। यह मंदिर में आसपास के करीब एक दर्जन गांव के लोगों की आस्था का केन्द्र था।