साड़ी खरीदी घोटाला: 2300 कार्यकर्ताओं के 9.50 लाख एक ही दुकान में खपाने की तैयारी
विक्रांत दुबे @ सतना। आशा कार्यकर्ताओं के खाते में साड़ी और सलवार-सूट खरीदी के लिए राशि भेजते ही जिम्मेदारों ने उसे एक ही दुकान में खपाने की तैयारी कर ली है। विकासखंड स्तर पर चिह्नित दुकानों से साड़ी और सलवार सूट खरीदने का दबाव कार्यकर्ताओं पर बनाया जा रहा है। विरोध करने पर पद से हटाने की धमकी दी जा रही है। जिले में करीब 2300 कार्यकर्ताएं हैं। प्रति कार्यकर्ता 400 रुपए के मान से करीब 9 लाख 40 हजार रुपए खाते में डाले गए हैं।
दरअसल, मिशन संचालक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन धनराजू एस ने जिले में सक्रिय रूप से कार्यरत सभी आशा कार्यकर्ता और आशा सहयोगी को यूनिफॉर्म एक साड़ी, सलवार सूट खरीदने के लिए प्रति आशा एवं आशा सहयोगी को चार सौ रुपए उनके बैंक एकाउंट में स्थानांतरित करने के निर्देश दिए थे। अब राशि खातों में ट्रांसफर करने के पहले ही बड़ा खेल शुरू हो गया है।
बीपीएम-बीसीएम बना रहे दबाव
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मासिक मीटिंग में आशा और सहयोगी पर निर्धारित दुकान से साड़ी और सलवार सूट खरीदने का दबाव बनाया जा रहा है। मीटिंग में बकायदा दुकानों का नाम भी बताया जा रहा है। बीपीएम, बीसीएम इसके पीछे तर्क दे रहे कि अलग-अलग दुकानों से खरीदारी करने से रंग परिवर्तित हो जाएगा। ऐसे में राशि वसूली हो सकती है।
ब्लॉकस्तर पर भेजी गई राशि
संचालनालय स्वास्थ्य सेवा द्वारा इ-वित्त प्रवाह के माध्यम से सीधे विकासखंड स्तर पर राशि ट्रांसफर की गई है। वहां से प्रति आशा कार्यकर्ता और आशा सहयोगी के बैंक एकाउंट में चार सौ रुपए की राशि ट्रांसफर की जाएगी। आशा कार्यकर्ताओं को सिंथेटिक डार्क बैगनी रंग और आशा सहयोगी को सिंथेटिक डार्क कोका-कोला रंग की ड्रेस खरीदने के निर्देश दिए गए हैं।
संचालनालय के निर्देश दरकिनार
मिशन संचालक ने 19 सितंबर 2018 को सभी खंड चिकित्सा अधिकारियों को निर्देशित किया था कि आशा कार्यकर्ताओं और आशा सहयोगी से उपयोगिता प्रमाण-पत्र प्राप्त कर सीएमएचओ के माध्यम से राज्य कार्यालय को 1 अक्टूबर तक जानकारी भेजी जाए। लेकिन निर्देश को दरकिनार कर विकासखंड से यह जानकारी सीएमएचओ कार्यालय नहीं भेजी गई है।
यह है हकीकत
- ब्लॉक आशा कार्यकर्ताओं की संख्या
- मझगवां 341
- नागौद 316
- अमरपाटन 283
- उचेहरा 225
- मैहर 297
- रामपुर बाघे. 299
- कोठी 304
- रामनगर 247
कुल 2312
ब्लॉक स्तर से मैदानी अमले के बैंक खाते में राशि ट्रांसफर की जानी है। किसी तय दुकान से साड़ी खरीदने का दबाव बनाने की शिकायत नहीं मिली है।
नृपेश सिंह डीपीएम