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Big news: आज से नगर निगम क्षेत्र में पॉलीथिन प्रतिबंधित, पकड़े गए तो यह मिलेगी सजा

40 माइक्रॉन सहित सभी पॉलीथिन पर लागू होगा नियम

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Polyethylene

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सतना. नगर निगम आयुक्त ने उच्च न्यायालय के फैसले का हवाला देते हुए निगम क्षेत्र में मंगलवार से सभी तरह की पॉलीथिन प्रतिबंधित कर दिया है। उन्होंने व्यापारियों को भी बताया कि उनके द्वारा जिस प्रकार की भ्रामक जानकारियां व अभ्यावेदन दिए जा रहे हैं वह गलत हैं। कोर्ट ने प्लास्टिक एसोसिएशन की याचिका को खारिज कर दिया है। इसके बाद से राजपत्र में प्रकाशित अधिसूचना लागू हो गई है। अब कोई भी व्यापारी या कारोबारी पॉलीथिन थैली का विक्रय करता पाया जाएगा तो उस पर कार्रवाई होगी। इसके उपयोग पर भी प्रतिबंध लगाया है। निगमायुक्त प्रवीण सिंह ने अशोक कुमार लालवानी अध्यक्ष सतना प्लास्टिक एसोसि. को सूचित किया है कि वे स्वयं और अपने संगठन के प्लास्टिक विक्रेताओं को बता दें कि इसका उत्पादन, भंडारण, परिवहन और विक्रय गैर कानूनी होगा। ऐसा करते पाने पर प्रावधानों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। जूट एवं कागज के बने थैले का उपयोग करने प्रेरित करने को कहा है। शहरवासियों से अपील की है कि शहर को स्वच्छ, सुंदर और प्रदूषण मुक्त बनाने प्लास्टिक का उपयोग न करें।

ग्राहकों पर भी लगेगा जुर्माना
पीसीबी में सदस्य सचिव एए मिश्रा ने बताया कि पॉलीथिन पर्यावरण के लिए घातक है। अक्सर लोग पॉलिथिन का उपयोग कर उसे सड़कों पर फेंक देते हैं। इन पॉलीथिन को गाय आदि जानवर खा लेते हैं, जिससे उनके स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। वहीं इन पॉलीथिन से नालियां आदि भी जाम हो जाती हैं, जिससे बारिश के दिनों में पानी निकासी की समस्या उत्पन्न होती है। नगरीय निकायों को ग्राहकों पर भी जुर्माना लगाना चाहिए। राज्य सरकार ने 1 जनवरी 2016 से प्रदेश के सभी पर्यटन एवं धार्मिक शहरों चित्रकूट, पचमढ़ी, अमरकंटक आदि में पॉलिथिन बैग के बिक्री एवं उपयोग पर प्रतिबंध लगाया था। शेष प्रदेश में यह बैन 24 मई 2017 से लागू हुआ।

हाइकोर्ट ने निरस्त की याचिका
मप्र में पॉलिथिन बैग पर लगे प्रतिबंध को हटाने के लिए हाईकोर्ट में लगी एक याचिका को बेंच ने खारिज कर दिया है। पॉलिथिन बैग बनाने वाली चार कंपनियों ने हाइकोर्ट में याचिका लगाकर प्रतिबंध को हटाने की मांग की थी। चीफ जस्टिस की अध्यक्षता वाली दो सदस्यीय बेंच ने राज्य सरकार द्वारा लगाए गए प्रतिबंध को उचित मानते हुए याचिका को निरस्त कर दिया। मप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड पीसीबी ने मप्र जैव अनाश्य (नियंत्रण) अधिनियम 2004 में संशोधन करते हुए 24 मई 2017 को नोटिफिकेशन के माध्यम से संपूर्ण मध्यप्रदेश में पॉलिथिन बैग के निर्माण एवं सभी प्रकार के उपयोग पर पूर्णत: प्रतिबंध लगाया था। इसके बाद पॉलिथिन बैग बनाने वाली चार कंपनियों ने हाइकोर्ट में याचिका लगाकर इस पर रोक लगाने के लिए कहा था। हाईकोर्ट ने इस याचिका पर राज्य सरकार और पीसीबी से जवाब मांगा था। हाईकोर्ट की दो सदस्यीय बेंच ने राज्य सरकार एवं पीसीबी के जवाब से संतुष्ट होकर याचिका को खारिज कर दिया एवं प्रतिबंध को बरकरार रखा। ऐसे में दुकानदारों को पॉलीथिन का विक्रय बंद करना होगा।

40 माइक्रॉन से नहीं मतलब, सभी पर लागू होंगे आदेश
मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के चेयरमैन के अनुसार पॉलिथिन बैग के उपयोग पर पूर्णत: प्रतिबंध है। लोगों में धारणा है कि 40 माइक्रॉन से ज्यादा की पॉलिथिन पर रोक नहीं है, लेकिन ऐसा नहीं है। नए नोटिफिकेशन से सभी प्रकार के पॉलिथिन बैग की बिक्री एवं उपयोग पर प्रतिबंध है। उन्होंने कहा कि अब नगर निगम एवं अन्य नगरीय निकायों की यह जिम्मेदारी है कि इस प्रतिबंध का पालन सुनिश्चित कराए। साथ ही आदेश का उल्लंघन होने पर यथाचोति कार्रवाई करे।