सतना जिले में मुख्यमंत्री बुधवार को राज्यस्तरीय पिछड़ा वर्ग महासम्मेलन में मुख्यमंत्री की सभा से पहले सपाक्स और सवर्ण समाज ने एससी-एसटी एक्ट का जबरदस्त विरोध किया।
सतना. मध्यप्रदेश के सतना जिले में मुख्यमंत्री बुधवार को राज्यस्तरीय पिछड़ा वर्ग महासम्मेलन में मुख्यमंत्री की सभा से पहले सपाक्स और सर्व समाज ने एससी-एसटी एक्ट का जबरदस्त विरोध किया। एयरपोर्ट के पास बनाए गए सभा स्थल से करीब छह सौ मीटर पहले रीवा रोड पर करीब 11 बजे से ही प्रदर्शनकारी बीटीआई मैदान पर जुटने लगे। करीब साढ़े 12 बजे तक बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हो गए। उन्होंने पहले काले बैलून लहराए। आ गए माई के लाल जैसे नारे लगाकर समर्थकों का जोश बढ़ाया। सीएम के आने से पहले ही एयरपोर्ट स्थित सभा स्थल की ओर बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने बल प्रयोग कर खदेडऩे का प्रयास किया। इस दौरान कुछ उत्पाती लोगों ने पथराव भी कर दिया। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। कई राहगीर महिलाएं भी चपेट में आ गई। लाठीचार्ज के विरोध में गुस्साए लोगों ने कई घंटे प्रदर्शन किया और डेढ़ सौ से ज्यादा होर्डिंग और पोस्टर फाड़ दिए। मौके पर पहुंचे आईजी रीवा से भी लोगों की बहस हो गई। इस दौरान रीवा रोड स्थित नेशनल हाइवे भी चार किमी तक जाम रहा।
114 शांतिभग, 200 पर चक्काजाम व पत्थरबाजी का मामला दर्ज
सभास्थल के आस-पास पुलिस और प्रदर्शनकारियों में कई बार झड़प हुई। चार घंटे तक तनाव का माहौल बना रहा। इस दौरान लोगों ने चक्काजाम कर टायर जलाया और पत्थरबाजी हुई। मुख्यमंत्री के आने से पहले ही पुलिस ने लोगों को सभास्थल से पहले ही खदेड़ दिया। सीएम करीब 2.20 बजे पहुंचे और पिछड़ा वर्ग सम्मेलन को संबोधित करने के बाद करीब चार बजे प्लेन से भोपाल रवाना हो गए। पुलिस ने 114 लोगों को शांतिभग में गिरफ्तार किया, जिन्हें जमानत पर छोड़ दिया। 20 नामजद सहित 200 लोगों पर चक्काजाम व पत्थरबाजी करने का मामला दर्ज किया है।
बीटीआई के सामने रैलिंग तोड़ डाली, टायर जलाकर चक्काजाम
सतना हवाई पट्टी ग्राउंड पर मंगलवार को पिछड़ा वर्ग सम्मेलन का आयोजन था। एट्रोसिटी एक्ट के विरोध में सर्व समाज ने मुख्यमंत्री को सतना में नहीं उतरने देनेे और विरोध करने की चेतावनी दी थी। इसे लेकर सुबह से तनाव था। सर्व समाज और सपाक्स के बैनर तले लोग रीवा रोड स्थित कॉलेज ग्राउंड में एकत्रित होने लगेे। सुबह 11 बजे भीड़ काले झंडे, गुब्बारे लिए नारेबाजी करने लगी। विरोध बढ़ता देख सीएसपी पुलिस बल के साथ कॉलेज ग्राउंड पहुंचे, लेकिन भीड़ उनकी बात सुनने को तैयार नहीं थी। पुलिस ने गिरफ्तारी देने को कहा तो मामला बिगड़ गया। सर्व समाज के लोग सभा स्थल तक जाने की मांग कर रहे थे। भीड़ बैरिकेडिंग तोड़ आगे बढऩे लगी। जब भीड़ हवाई पट्टी रोड बैरिकेडिंग के पास पहुंची, तो पुलिस ने फिर रोका। इसी दौरान विवाद बढ़ा और पुलिस ने बल प्रयोग कर दिया। भीड़ ने भी पथराव शुरू कर दिया। इससे स्थिति बिगड़ गई, इसमें महिला और राहगीर समेत 25 से ज्यादा लोग घायल हो गए। बाद में पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को सभास्थल तक नहीं पहुंचने दिया। प्रदर्शनकारियों ने बीटीआई ग्राउंड के सामने रैलिंग तोड़ डाली। टायर जलाकर चक्काजाम भी किया।
सांसद प्रहलाद पटेल को रोका
भीड़ ने सम्मेलन में जा रहे दमोह से भाजपा सांसद प्रहलाद पटेल का भी रोक लिया। रीवा रोड पर प्रदर्शनकारियों ने उनकी कार को रोक लिया। बाद में पुलिस मौके पर पहुंची और कार को आगे निकलवाया। जिपं उपाध्यक्ष रश्मि सिंह की कार भी रोकी गई। उन्हें पैदल ही सभास्थल की ओर जाना पड़ा।
निशाने पर कांग्रेस
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने पिछड़ा वर्ग महासम्मेलन में कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। कहा मैं गरीब घर का बेटा हूं इसलिये मुझे अपमानित करते हैं। उन्होंने सामाजिक समरसता का भी पाठ पढ़ाया। कहा कि ओबीसी वर्ग देश को तोडऩे नहीं जोडऩे वाला वर्ग है। हम तोडऩे नहीं जोडऩे आए हैं। प्रदेश के विकास में बिना किसी भेदभाव के पूरी शक्ति झोंक दी है, लेकिन यही कुछ लोगों को पसंद नहीं आ रहा। उन्होंने सत्ता पर अपना अधिकार समझ रखा था, लेकिन ये राजतंत्र नहीं लोकतंत्र है। उन्होंने कहा कि हम हर बात पर चर्चा करेंगे, समाधान निकलेंगे, लेकिन मप्र को अस्थिर नहीं होने देंगे। सम्मेलन में उन्होंने इंदौर, भोपाल और जबलपुर में ओबीसी हॉस्टल खोलने की घोषणा भी की।