समझौता करने आए अफसर को सुनाई खरी खोटी, पुलिस मामला कायम करने के लिए डटी रही, सुलह के बाद शांत हो सका विवाद
सतना. विद्युत कंपनी के वाहन चालक ने संतों की लग्जरी कार में टक्कर मार दी। चमचमाती हुई नई कार में जब दाग लगा तो कार सवार संत भड़क गए। टक्कर मारने वाली गाड़ी को रुकवाया और फिर पुलिस की मदद से गुरुवार की शाम थाने लाकर खड़ा कर दिया। संतों को देख पुलिस भी नरम रवैया अपना रही थी। कोशिश थी कि बाहरी तौर पर समझौता हो जाए। लेकिन कुछ देर तक बात नहीं बनी। बाबा की लग्जरी कार के नुकसान के एवज में जो कुछ मिल रहा था वह संतों केा नाकाफी नजर आया। एेसे में बात बढ़ती गई। काफी देर होने के बाद मुख्य संत भड़के तो गाड़ी से उतर कर पुलिस थाने की बेंच में उन्होंने आसन जमा लिया। फिर कहासुनी का दौर चला और पुलिस बीच बीच आकर मामाला शांत कराने में जुटी रही। इस तरह करीब आधे घंटे तक थाने के अंदर हाइवोल्टेज ड्रामा चलता रहा। इन सब के बीच पुलिस अपना माथा पीटती रही।
यह है मामला
चित्रकूट से आए संत रीवा रोड पर लग्जरी कार से जा रहे थे। तभी विद्युत कंपनी के वाहन एमपी 19 जीए 3392 के चालक ने कार में टक्कर मार दी। नई कार में टक्कर लगने से कार सवार नाराज हो गए और गाड़ी सुधरवाने की बात करने लगे। ट्रांसफॉर्मर लदे विद्युत कंपनी के वाहन चालक ने अपने अफसरों को सूचना दी। जब एक अफसर आए तो गाड़ी सुधरवाने की बात हुई। लेकिन वह जो रकम दे रहे थे उसमें सुधार संभव नहीं था। काफी देर तक बहस हुई और फिर बात बढ़ गई।
वहीं से लगाया फोन
चेलों से जब बात नहीं बनी तो कार में बैठे मुख्य संत उतरे और थाने की बेंच पर आसन जमा लिया। इस बीच उन्होंने कई परिचितों को फोन पर घटना की सूचना दी। पुलिस एफआइआर दर्ज करने के लिए तैयार खड़ी थी। लेकिन मामला कायम करने से ज्यादा इस बात पर जोर था कि क्षतिग्रस्त वाहन सुधरवाया जाए। मुख्य संत के साथ ररहे उनके शिष्य आक्रोशित हो रहे थे। वह राष्ट्रपति तक अपनी पहुंच बताते रहे। थाने में मौजूद रहे पुलिस अफसरों से फोन पर ही कई आला अफसरों की बात भी कराई गई। बाद में किसी तरह दोनों पक्षों में सहमति बनी और मामला शांत हो गया।