रामपुर बाघेलान के बकना मंदिर में हुई थी वारदात, मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने की हुई मांग
सतना. रामपुर बाघेलान के बकना मंदिर में पुजारी और उनकी पत्नी की बेरहमी से हत्या करते हुए अष्टधातु की मूर्ति चोरी करने वाले अब तक बेसुराग हैं। 19 साल पहले वर्ष 2000 में हुई इस वारदात की जांच करीब 13 साल तक पुलिस अफसर करते रहे। वक्त के साथ कई अफसरों की बदली हुई लेकिन किसी के हाथ डबल मर्डर के साथ मूर्ति चोरी करने वालों का सुराग नहीं लगा। आखिरकार इस प्रकरण में खात्मा लगा दिया गया। अब फिर से इस मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग जिला प्रशासन से की गई है।
रामपुर बाघेलान निवाी कैलाश त्रिपाठी पुत्र स्व उमाकांत त्रिपाठी ने जिला प्रशासन को आवेदन देते हुए बताया कि 21 व 22 मार्च 2000 की रात बकना मंदिर के पुजारी जागेश्वर प्रसाद मिश्रा पुत्र राम किशोर मिश्रा (60) व उनकी पत्नी रामबाई मिश्रा (60) निवासी नेमुआ की मंदिर परिसर में ही हत्या कर दी गई थी। हत्या करने वालों ने बकना मंदिर से भगवान विष्णु- लक्ष्मी, राम, सीता , लक्ष्मण व राधा-कृष्ण की अष्ट धातु की मूर्ति चोरी कर ली थी। इस वारदात के बाद से ही पुलिस के आला अफसरों ने गंभीरता बरतते हुए अपराधियों तक पहुंचने के लिए पूरे प्रयास किए लेकिन अपराधी पकड़े नहीं जा सके। फरियादी कैलाश का कहना है कि इस घटना में राजनैतिक लोगों का हस्तक्षेप होने से पुलिस अपराधियों तक नहीं पहुंच सकी। इसी का नतीजा है कि वर्ष 2013 में प्रकरण में खात्मा लगा दिया गया। इसी मामले की अब उच्च स्तरीय जांच की मांग की गई है।