सतना

ऑटो से उतरते ही कार सवारों ने किया युवक का अपहरण

दस्यु प्रभावित क्षेत्र के कल्हौरा में हुई बड़ी वारदात, 24 घंटे बाद भी नहीं लगा युवक का सुराग, साइबर सेल की मदद से बरौंधा थाना पुलिस जांच में जुटी

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Jan 11, 2020

सतना. डकैतों के खात्मे के बाद दस्यु प्रभावित इलाके के लोगों ने कुछ हद राहत की सांस ली थी। लेकिन शुक्रवार की शाम जब कार सवार चार बदमाशों ने एक युवक का अपहरण कर लिया तो फिर से इलाके में सनसनी फैल गई। परदेश से मजदूरी करने के बाद गांव लौटा युवक घर भी नहीं पहुंच सका था कि इसके पहले ही लग्जरी कार में घात लगाए बैठे चार बदमाशों ने अपहरण की वारदात को अंजाम दे दिया। बरौंधा इलाके के केल्हौरा गांव में हुई इस घटना के बाद पुलिस अपहरण करने वालों का सुराग जुटा रही है। लेकिन 24 घंटे बाद भी कोई कामयाबी हाथ नहीं लग सकी। एेसे में साइबर सेल की एक टीम खास इस मामले के लिए लगाई गई है।
यह है मामला
दस्यु प्रभावित बरौंधा थाना क्षेत्र के केल्हौरा गांव का निवासी संजय वर्मा उर्फ गुड्डू पुत्र मुनेश्वर कुमार वर्मा (24) झारखण्ड के साहब नगर में मजदूरी करता है। उसके पिता भी वहीं साथ मजदूरी करते हैं। दोनों को उप्र के किसी जितेन्द्र यादव ने काम पर लगवाया था। लेकिन मजदूरी का पैसा समय पर नहीं मिलने से चार महीने बाद ही पिता-पुत्र वहां से चल दिए। शुक्रवार की शाम परदेश से लौट कर संजय मझगवां पहुंचा। वहां से ऑटो में सवार होकर गांव आया। ऑटो से उतरते ही जब उसने अपना सामान उतारा तभी पहले से काले रंग की लग्जरी कार में घात लगाए बैठे बदमाशों ने उसे पकड़ा और जबरन कार में बैठाकर साथ ले गए।
चार की संख्या में आरोपी
पुलिस के पास संजय के बाबा छोटे लाल अहिरवार ने रिपोर्ट दर्ज कराई है। उनका कहना है कि जब संजय ऑटो से उतरा तो पहले से एक काले रंग की कार खड़ी थी। इस कार में चालक समेत चार व्यक्ति थे। ऑटो से संजय उतरा तभी कार से दो युवक उतर कर आए और संजय को जबरन पकड़ कर कार में लेकर चले गए। छोटे लाल की शिकायत की पुष्टि करने के बाद बरौंधा थाना पुलिस ने आइपीसी की धारा 365 व 11/13 एडी एक्ट के तहत चार अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मामला कायम किया है।
आखिर क्यों किया अपहरण?
यह बात पुलिस के गले भी नहीं उतर रही कि जब अपहरण के कई घंटे बाद तक फिरौती के लिए कोई खबर नहीं आई तो भला किसी ने अपहरण क्यों कर लिया? एक बात यह भी अहम है कि अपहरण करने वालों को पहले से ही संजयके गांव आने की खबर थी। इसलिए वह संजय से पहले ही उसके गांव पहुंच गए। एक आशंका यह भी है कि जहां पिता-पुत्र काम करते थे वहां के ठेकेदार ने तो संजय का अपहरण नहीं करा लिया? क्यों कि दोनों ठेकेदार की मर्जी के बिना काम छोड़ गांव लौटे हैं। बंद है मोबाइल फोनवारदात के बाद पुलिस और संजय के परिजनों ने उसका मोबाइल फोन कई बार लगाया। लेकिन फोन बंद बताता रहा। एेसे में साइबर सेल की टीम अपने स्तर से सुराग जुटाने में लगी है। संजय के पिता और परिवार के सदस्यों से पूछताछ के बाद पुलिस को कुछ तथ्य मिले हैं जिनकी पुष्टि की जा रही है। काले रंग की लग्जरी कार के बारे में भी उन रास्तों पर पता लगाया जा रहा है जहां से गाड़ी घटना के बाद गई है।
उलझी है दोहरी हत्या की गुत्थी
बरौंधा थाना इलाके के खोही जंगल से एक महीना पहले 14 दिसंबर को पुलि ने मां बेटी के जले हुए शव बरामद किए थे। इस सनसनीखेज वारदात के बारे में अब तक पुलिस के हाथ कोई सुराग नहीं लग सका है। जबकि दस्यु प्रभावित थानों के प्रभारियों की अलग अलग टीमें जांच में जुटी हुई थीं। दोहरी हत्या का यह मामला अभी सुलझ नहीं पाया और बरौंधा इलाके से ही युवक का अपहरण हो गया। एेसे में पुलिस की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं।

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Published on:
11 Jan 2020 11:02 pm
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