सीबीएसई 12वीं का रिजल्ट अनाउंस
सतना। सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकंडरी एजुकेशन (सीबीएसई) बोर्ड की १२वीं परीक्षा का रिजल्ट शनिवार को घोषित हो गया। जिले के बच्चों ने शानदार प्रदर्शन किया। लिहाजा, उनके लिए स्कूल का चरण पूरा हुआ, अब कॉलेज की बारी है। प्रतिभावान विद्यार्थियों का कहना है कि जैसे स्कूल जीवन सफलतम पूरा किया, उसी तरह कॉलेज में धमाल मचाएंगे। औसतन 85 फीसदी बच्चों ने सफलता दर्ज की है। हालांकि हर स्कूल अपने स्तर पर मूल्यांकन करने में लगा हुआ है कि रिजल्ट कैसा रहा, कितने विद्यार्थी पास हुए और कितने फेल हुए।
बेहतर परिणाम वाले स्कूल में क्राइस्ट ज्योति, लवडेल, महर्षि विद्यामंदिर, विद्याभवन स्कूल ने नाम दर्ज कराया। स्कूल का रिजल्ट शत-प्रतिशत रहा। इन स्कूलों में करीब 500 विद्यार्थियों ने शिरकत किया था, सभी उत्तीर्ण हुए हैं। केंद्रीय विद्यालय के परिणाम बेहतर रहे हैं, लेकिन कुछ विद्यार्थी विफल भी हुए हैं। केंद्रीय विद्यालय के साइंस में 34 व कॉमर्स में 24 में से 15 पास हुए हैं। साइंस में सभी बच्चे पास हुए हैं।
1. पूरे मन से की पढ़ाई
शहर के सभी स्कूलों के बच्चों को पीछे करते हुए क्राइस्ट ज्योति स्कूल की खुशी सिंह ने पहला स्थान हासिल किया। खुशी का कहना है कि मेरा मानना था जो आज है वह कल नहीं आएगा। इसलिए मैंने पूरे मन से पढ़ाई की। एक-एक मिनट का सदुपयोग किया। पैरेंट्स और टीचर्स की मदद से रेगुलर स्टडी की। सबसे बड़ी बात टाइम मैनेजमेंट का ध्यान रखा। नोट्स तैयार की। अलग-अलग सब्जेक्ट को टाइम दिया। कॉन्सेप्ट क्लीयर किया।इतने कीमती समय को एक पल भी बर्बाद नहीं होने दिया। इसका नतीजा आज सभी के सामने है। मैं सबसे से यही कहना चाहूंगी कि जो भी पढ़ें अच्छे और इमानदारी से पढ़ें। सफलता जरूर मिलेगी। जिन छात्रों को कम अंक मिले हैं उन्हें निराश होने की जरूरत नहीं है। जो फेल हो गए हैं उन्हें हार मानने की जरूरत नहीं है, क्योंकि छोटी सी हार के पीछे बड़ी जीत छिपी होती है। अगले साल फिर से तैयारी करें और प्रूफ करें कि आप में भी दम है।
2. आत्मविश्वास के साथ की तैयारी
भरहुत नगर की प्रकृति पांड्या ने कॉमर्स स्ट्रीम सिटी में सेकंड प्राइज पाकर लवडेल स्कूल का मान बढ़ाया। प्रकृति का कहना है, मैंने आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच के बल पर यह मुकाम हासिल किया। सेल्फ स्टडी बहुत जरूरी है। आप जो कुछ भी स्कूल या ट्यूशन से पढ़कर आते हैं, उसका रिवीजन करना बहुत जरूरी होता है। अगर आपने यह कर लिया तो फिर आपको बार बार रट्टा मारने की जरूरत नहीं होती। अच्छी स्टडी का माहौल मेरे पैरेंट्स ने दिया जिसका मुझे पूरा लाभ मिला। अब मैं इकोनॉमिक्स से बीए करुंगी। इसके बाद एडमिनस्ट्रेटिव सर्विस की तैयारी करूंगी, जो लोग फेल हो गए हैं उनके लिए यही कहना चाहती हूं। कि वह अगले साल के लिए धैर्यता के साथ क ठिन परिश्रम करें, सफलता जरूर मिलेगी।
3. सफलता के लिए लगन जरूरी, जो भी पढ़ें डीपली पढ़ें
संग्राम कॉलोनी निवासी विशेषता सिंह ने सिटी में 94.6 प्रतिशत हासिल कर चौथा स्थान हासिल किया। उनका कहना है कि हर काम में लगन लगानी होती है चाहे वह पढ़ाई हो या फिर खेल। लवडेल स्कूल की छात्रा विशेषता का कहना है कि मैं एक इंटरेनशनल प्लेयर हूं। एेसे में मेरा सालभर पढ़ना मुश्किल था। पर मैंने एग्जाम के एक महीने पहले ही पूरी रणनीति से एग्जाम की तैयारी की। हर एक सब्जेक्ट को बारीकी से पढ़ा। मैंने सिर्फ अपने आपको इस एक माह सिर्फ एग्जाम की तैयारी में दिया। मेरी लगन ही है जो मुझे इस मुकाम तक पहुंचा दी। अब मैं आइएएस की तैयारी पर फोकस करुंगी।
4. पढ़ाई हमेशा एंजायमेंट के साथ करें
शहर में साइंस स्ट्रीम में अंकुर सक्सेना ने 91.8 प्रतिशत अंक हासिल किया। इसके चलते वह सिटी में पांचवें स्थान पर हैं। अंकुर क्राइस्ट ज्योति स्कूल के छात्र हैं। उनका कहना है कि छात्रों को पढ़ाई एंजायमेंट के साथ करनी चाहिए। कभी भी टेंशन और दबाव में आकर नहीं करनी चाहिए। इसी फॉर्मूले को मैंने अपनाया और मुझे सफलता मिली। टाइम मैंनेजमेंट, टारगेट, सेल्फ कॉन्फिडेंस बेहद जरूरी है। अगर आपने इन तीनों पर काबू पा लिया तो फिर मंजिल तक पहुंचना आसान हो जाएगा। अब मैं आइआइटी-जेइइ की तैयारी कर रहा हूं। इस सफलता के लिए अपने पैरेंट्स मान्यता और राकेश सक्सेना और गुरु एसके त्रिपाठी, प्रदीप जी को धन्यवाद देता हूं।