चाणक्य नीति: अगर आपके आसपास नहीं है ये पांच चीजें तो मत बनाए आशियाना, वरना हो जाएंगे नष्ट
सतना। भारत देश में सैकड़ों साल पहले आचार्य चाणक्य द्वारा दी गई नीतियों का आज भी कोई जबाव नहीं है। नीतिशास्त्र और अर्थशास्त्र के ज्ञाता आचार्य ने जीवन को सरल और सहज बनाने के लिए जो सूत्र दिए है, वे अनंतकाल तक मानव जीवन में जिंदा रहेंगे। आचार्य चाणक्य ऐसे महान विद्वान थे जिन्होंने अपनी विद्वत्ता, बुद्धिमता और क्षमता के दम पर भारतीय इतिहास को बदल दिया था। मौर्य साम्राज्य के संस्थापक कुशल राजनीतिज्ञ, चतुर कूटनीतिज्ञ, प्रकांड पंडित, अर्थशास्त्र के महान ज्ञाता के रूप में विश्वविख्यात थे।
इतने साल गुजरने के बाद भी यदि आज चाणक्य द्वारा बताए गए सिद्धांत और नीतियां जिंदा हैं, तो मात्र इसलिए क्योंकि उन्होंने अपने गहन अध्ययन, चिंतन और जीवानानुभवों से अर्जित अमूल्य ज्ञान को, पूरी तरह नि:स्वार्थ होकर मानवीय कल्याण के उद्देश्य से अभिव्यक्त किया। आचार्य चाणक्य ने अपनी नीति में कहा था कि जिस गांव में धनवान व्यक्ति, ब्राह्मण, राजा, नदी और वैद्य न हो उस गांव में निवास नहीं करना चाहिए। क्योंकि विपरीत परिस्थति में अगर ये पांच लोग नहीं मिले तो मरना तय है।
ये पांच चीजें है जरूरी
1. धनवान व्यक्ति:आचार्य चाणक्य का कहना है कि जिस गांव में धनवान व्यक्ति अर्थात सेठ-महाजन न हो वहां पर नहीं रहना चाहिए। क्योंकि बुरे वक्त में आपको कोई मदद नहीं करेगा। सेठ-महाजन से इसकी भरपाई हो सकती है।
2. ब्राह्मण:ऐसे जगह एक दिन भी निवास न करें जहां पर एक ब्राह्मण न हो अर्थात वैदिक शास्त्रों में निपुण ज्ञाता न हो क्योंकि जहां पर ब्राह्मण नहीं है। वहां कोई नीतियां नहीं हो सकती है। वह राज-पाठ कभी भी नष्ट हो सकता है।
3. राजा: आचार्य ने कहा है कि जिस राज्य में राजा न हो वहां पर भला कैसे हो सकता है। क्योंकि बिना कुशल शासक के राज्य नहीं चल सकता है। सब प्रजा अपने-अपने हिसाब से चलती है। एक दिन वह राज्य नष्ट हो जाता है।
4. नदी: जिस राज्य में पानी पीने के लिए एक नदी तक न हो वहां रहने से क्या मतलब है। क्योंकि बिना नदी के प्यास नहीं बुझ सकती है। इसलिए जीवन जीने के लिए पानी बहुत जरूरी है। अत: अपने घर के आसपास जलाशय देख लें।
5. चिकित्सक यानी कि वैद्य: जिस राज्य में एक चिकित्सक यानी कि वैद्य न हो वहां छणिक भी निवास नहीं करना चाहिए। कब कौन सी बीमारी आ जाए कोई भरोसा नहीं रहता है। इसलिए अपने-आसपास एक वैद्य जरूर होना चाहिए।