
सतना. कलेक्टर अनुराग वर्मा ने सोमवार को समय सीमा बैठक में अस्पतालों की व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने जिला अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार आने तक बिना कलेक्टर की अनुमति के सिविल सर्जन का वेतन आहरित नहीं करने के निर्देश दिए। कोठी में खाद्यान्न वितरण काफी कम होने पर डीएसओ को खुद जाकर जांच करने कहा। नागौद क्षेत्र में मिट्टी का तेल नहीं बंटने पर संबंधित समितियों पर कार्रवाई करने के निर्देश डीआरसीएस को दिये गये। इस दौरान निगमायुक्त तन्वी हुड्डा, जिपं सीईओ डॉ परीक्षित राव, अपर कलेक्टर राजेश शाही सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
अस्पतालों की स्थिति सुधारें, एसडीएम करें निरीक्षण
कलेक्टर ने जिला अस्पताल में चिकित्सकों की उपस्थिति सही नहीं होने पर नाराजगी जाहिर करते हुए सिविल सर्जन डॉ. रेखा त्रिपाठी की कार्यशैली पर असंतोष जताया। जिस पर सीएस ने कहा कि जो भी चिकित्सक रोस्टर के अनुसार ड्यूटी नहीं करते हैं उन्हें नोटिस देते हैं। इस पर कलेक्टर ने कहा कि नोटिस से क्या होता है, अब तक कार्यवाही क्या की है? इसके साथ ही साल भर का डॉक्टर ड्यूटी रोस्टर और इसके अनुपालन में की गई कार्यवाही की जानकारी प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। बीएमओ की कार्यशैली पर भी असंतोष जताया। कहा, आपात स्थितियों में मरीज सबसे पहले विकासखंड मुख्यालय की अस्पतालों में पहुंचते हैं। लिहाजा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों की उपचार व्यवस्थाएं बेहतर करें। इसमें किसी तरीके की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। एसडीएम से भी कहा कि समय-समय पर केन्द्रों का औचक निरीक्षण करें।
नागौद में नहीं मिल रहा हितग्राहियों को केरोसिन
एसडीएम नागौद ने बताया कि नागौद क्षेत्र में हितग्राहियों को केरोसिन का आवंटन नहीं हो रहा है। इस पर कलेक्टर ने डीएसओ केके सिंह ने पूछा कि यह क्या हो रहा है? जिस पर बताया गया कि समितियों का पैसा बकाया होने पर डीलर केरोसिन नहीं दे रहा है। तब कलेक्टर बोले कि मामला समितियों और डीलर का है, इसकी सजा आम उपभोक्ता क्यों भोगे। डीआरसीएस से पूछने पर बताया कि उन्हें खाद्य विभाग से जानकारी ही नहीं दी गई। इस पर कलेक्टर ने डीआरसीएस को संबंधित समितियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए।
आम जनता से मिलें अधिकारी
कलेक्टर अनुराग वर्मा ने सभी विभाग प्रमुख और खंड स्तरीय अधिकारियों को स्पष्ट किया है कि वे आम जनता से मिले और निराकृत हो सकने वाली सभी समस्याओं का अपने स्तर से ही मौके पर निराकरण करें। कहा, हम सभी जनता की सेवा के लिए ही कार्यरत हैं। जब पब्लिक से नहीं मिलेंगे, तो सेवाएं कैसे दे पाएंगे। अक्सर ऐसी समस्याएं लेकर आमजन कलेक्टर या जनप्रतिनिधियों के पास पहुंचते हैं, जिनका निराकरण स्थानीय स्तर पर आपके द्वारा किया जा सकता है। उन्होने स्पष्ट कहा कि सभी विभाग प्रमुख व खंड स्तर के अधिकारी इस व्यवस्था का सख्ती से पालन करें।
डीएसओ स्वयं कोठी जाकर जांच करें
खाद्यान्न वितरण की समीक्षा में पाया गया कि जनपद पंचायत रामनगर, अमरपाटन, मझगवां और नगर पंचायत कोठी, रामनगर, बिरसिंहपुर में खाद्यान्न वितरण का प्रतिशत कम है। कोठी नगर परिषद में सबसे कम 33 प्रतिशत खाद्यान्न वितरण पाए जाने पर सीएमओ से जानकारी ली। जिस पर बताया गया कि दुकान अक्सर नहीं खुलती है। इस पर कलेक्टर ने जिला आपूर्ति अधिकारी को स्वयं जाकर जांच करने व कार्यवाही के निर्देश दिए।
धारणाधिकार के केस बढ़ायें
धारणाधिकार की समीक्षा में पाया गया कि अब तक प्राप्त 1025 आवेदनों में केवल 368 स्वीकृत किए गए हैं। कलेक्टर ने जिले में कम से कम 3 से 4 हजार प्रकरणों का लक्ष्य दिया। मुख्यमंत्री आवासीय भू-अधिकार योजना में केवल 16 प्रतिशत काम होने पर गति बढ़ाने के निर्देश दिए। समर्थन मूल्य खरीदी में 57886 किसानों का 91352 हेक्टेयर रकबा सत्यापन के लिए शेष मिला। इसे 31 मार्च तक शत प्रतिशत पूरा करने कहा। कहा, बड़े रकबे के किसानों के सत्यापन में पटवारी पर जिम्मेदारी फिक्स करें।