जैतवारा थाने के सामने प्रदर्शन, पत्नी की हो चुकी है हत्या, मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी की कर रहा था मांग
सतना. पत्नी की हत्या के बाद मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी की मांग कर रहे युवक की संदिग्ध हालातों में मौत हो गई। मृतक के रिश्तेदारों का आरोप है कि हत्या के मुख्य आरोपी के धमकाने के बाद युवक की हालत बिगड़ी और सदमे में आकर देररात उसने दम तोड़ दिया। युवक की मौत के बाद उसके रिश्तेदार और ग्रामीणों ने सोमवार को थाना जैतवारा के सामने जाम लगाते हुए प्रदर्शन किया है। किसी तरह महौल को शांत कराते हुए पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया और मर्ग कायम करते हुए प्रकरण को जांच में लिया है।
यह था मामला
कोलगवां थाना क्षेत्र के साइडिंग इलाके में रहने वाली अरुणा डोहर की हत्या उसके ही घर में 25 व 26 जून की रात कर दी गई थी। मामले में पुलिस ने सोनू उर्फ समीम खान और उसके पिता जमीर खान को आरोपी बनाते हुए गिरफ्तार किया था। इन दोनों के खिलाफ आईपीसी की धारा 302 के साथ 109, 120बी व एससीएसटी एक्ट की धारा 3 (2) (5) बढ़ाते हुए कार्रवाई की गई है।
सरपंच पति को बचाया
मृतका अरुणा का पति हरि किशन डोहर घटना के समय किडनी का इलाज कराने मुंबई गया था। लौटने पर उसने सरपंच निशाद बेगम के पति सम्मी उर्फ समीर खान व अन्य व्यक्तियों पर हत्या की आशंका जताई थी। हरि किशन ने इस संबंध में पुलिस महानिरीक्षक और पुलिस अधीक्षक सतना को भी आवेदन देते हुए कहा था कि पुलिस ने मुख्य आरोपी पर कार्रवाई नहीं की है। जबकि पुलिस ने वारदात का खुलासा करने के साथ बताया था कि सरपंच पति सम्मी के मृतका से संबंधों के कारण ही घटना हुई है।
बताया था जान का खतरा
मृतक हरिकिशन की सास सरस्वती डोहर पत्नी विश्राम डोहर ने बताया कि हरि किशन चिल्ला जैतवारा गांव का रहने वाला था। वह अरुणा और बच्चों के साथ साइडिंग में घर बनाकर रहता था। आरोप है कि हरि किशन की मौत से पहले रात को सरपंच पति सम्मी अपने साथियों के साथ घर पहुंचा था जहां उसने हरि किशन को धमकाया था। पुलिस अधिकारियों को दिए गए आवेदन में हरि किशन जान का खतरा पहले से बताता रहा।
विहिप भी आगे आया
हरि किशन की मौत के पहले विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल भी पुलिस को आवदेन देकर मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी की मांग करता रहा। अब हरिकिशन की मौत के बाद भी विहिप पीडि़त परिवार के पक्ष में रहा। जैतवारा थाना प्रभारी हरीश दुबे ने मर्ग कायम कर केस डायरी कोलगवां थाना रवाना की है। ताकि हरि किशन की मृत्यु की जांच हो सके।