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घोषित समय से पहले काटी बिजली, दो घंटे बाद सप्लाई चालू, दिनभर चलता रहा ट्रिपिंग का सिलसिला

मेंटीनेंस: तीन घंटे होनी थी बिजली बंद, दिनभर आती-जाती रही लाइट, 132/33 केवी सबस्टेशन के पॉवर ट्रांसफॉर्मरों को दिया गया दम

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bijli katauti big news in satna

bijli katauti big news in satna

सतना। बारिश के मौसम के दौरान शहर में सतत बिजली आपूर्ति के लिए रविवार को पतेरी स्थित 132/33 सब स्टेशन का मेंटीनेंस किया गया। बिजली कंपनी के पूर्व घोषित शेड्यूल के मुताबिक शहर में सुबह 8 से 11 बजे तक टोटल शटडाउन से जनता हलकान हो गई। कारण, तीन घंटे सप्लाई बंद करने के नाम पर शहर के कई इलाकों में चार से पांच घंटे बिजली बंद रही। तय समय से पहले बिजली काटने व बाद में भी सप्लाई बहाल करने के चलते लोगों का गुस्सा भड़का पर रविवार की छुट्टी होने के चलते कंपनी के कार्यालय में कोई अधिकारी शिकायत सुनने के लिए नहीं मिला।

असमय कटौती से परेशान लोगों ने सोशल मीडिया के जरिए बिजली कंपनी के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली। उधर, सिटी डिवीजन के अधिकारियों ने कहा, पतेरी सब स्टेशन के लिए पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी ने शटडाउन लिया था। वहीं से बिजली बंद व बहाल की गई। पॉवर ट्रांसमिशन के अधिकारियों ने बताया, सब स्टेशन का मेंटीनेंस जरूरी था। 3 घंटे के शटडाउन में स्टेशन के ट्रांसफॉर्मरों के आयल बदलकर नई वायरिंग का दम दिया गया।

एक्स्ट्रा लोड से हांफ रहा पतेरी सबस्टेशन
शहर में विद्युत वितरण के लिए कई साल से 132/33 केवी का इकलौता सबस्टेशन पतेरी में है। शहर को बिजली आपूर्ति करने का पूरा भार इसी पर है। इस सब स्टेशन से जुड़े 33/11 केवी के 9 सब स्टेशनों व 31 फीडरों के जरिए घरेलू व कॉमर्शियल 73 हजार से ज्यादा उपभोक्ताओं को बिजली सप्लाई की जाती है। पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी के कार्यपालन अभियंता एसपी शर्मा के अनुसार, 80 एमवीए का लोड सहने वाले सब स्टेशन में जब बिजली मांग का भार पड़ता है तो ट्रिपिंग व फाल्ट की समस्याएं अक्सर आती हैं। खामियाजा उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ता है।

40-40 एमवीए के दो ट्रांसफॉर्मर

पतेरी एसएस में 40-40 एमवीए के दो ट्रांसफॉर्मर लगे हैं, जिनमें अप्रैल से सितम्बर तक क्षमता से ज्यादा लोड बढ़ जाता है। कंपनी को साल में दो बार बारिश के पहले व बाद में मेंटीनेंस कराना जरूरी रहता है। इसके चलते शहर की बिजली आपूर्ति घंटों ठप करनी पड़ती है। जानकार बताते हैं कि अप्रैल से जून तक सिटी डिवीजन में 70 से 80 लाख यूनिट बिजली की खपत बढ़ जाती है। जब तक नया सौनारा में बन रहा नया सब स्टेशन चार्ज नहीं होता, शहरवासियों को असमय कटौती व लो वोल्टेज से निजात नहीं मिलेगी।

राजस्व में नम्बर एक, सर्विस में पीछे सिटी डिवीजन
पतेरी स्थित उच्चदाब सबस्टेशन सहित शहर के सभी निम्न दाब वाले ९ सब स्टेशन व 31 फीडरों के हर साल प्री व पोस्ट मानसून मेंटीनेंस के बावजूद शहर में बिजली की समस्या ज्यों की त्यों बनी रहती है। कई इलाके लो वोल्टेज के साथ ही अघोषित कटौती से हलकान हैं। बिजली का पूरा बिल चुकाने के बावजूद उपभोक्ताओं को तय मानक से बहुत कम वोल्टेज मिल रहा है। शहर के उमरी, बगहा, उत्तरी पतेरी जैसे मोहल्लों में 220 तो दूर की बात 120 वोल्ट तक के पॉवर को उपभोक्ता तरस रहे हैं।

24 से 48 घंटे का समय

भीषण गर्मी व उमस के चलते ज्यादा लोड झेल रहे ट्रांसफॉर्मर में फॉल्ट हो जाने के चलते बीते एक हफ्ते से अघोषित कटौती ने परेशान कर दिया है। खास बात यह कि सिटी डिवीजन राजस्व बटोरने में रीवा रीजन का नम्बर एक डिवीजन है। हर माह उपभोक्ताओं के बिल से डिवीजन औसतन 8 करोड़ रुपए वसूलता है। लेकिन सर्विस देने के मामले में फिसड्डी है। उपभोक्ताओं की मामूली शिकायतों को दूर करने में 24 से 48 घंटे का समय लगता है। बारिश के मौसम में हर रोज 300 शिकायतें आती हैं, जिनमें से ज्यादातर पेंडिंग में पड़ी रहती हैं।