मुठभेड़ में मारे जा चुके डकैत के परिवार पर संदेह, कुलगढ़ी बांध के पास हुई वारदात, संदेहियों से पूछताछ में जुटी नागौद थाना पुलिस
सतना. नागौद थाना इलाके में कुलगढ़ी बांध के पास एक बुजुर्ग की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। गुरुवार की रात हुई इस जघन्य वारदात के बाद पीडि़त परिवार ने कई साल पहले मुठभेड़ में मारे जा चुके डकैत के परिवार पर संदेह जताया गया। मौके पर पहुंची फॉरेंसिक टीम ने अहम साक्ष्य जुटाए हैं। दूसरी ओर थाना पुलिस ने भी इस मामले में बारीकी से पूछताछ की है। अब संदेहियों से पूछताछ की जा रही है ताकि हमलावरों तक पहुंचा जा सके।
यह है मामला
मृतक बलराम पाण्डेय (70) के परिजनों ने बताया, गुरुवार की शाम भैंस लापता हो गई थी। जिसकी तलाश में बलराम निकले थे। रात करीब 8 बजे उन्होंने अपने बेटे को फोन पर बताया कि भैंस मिल गई है और वह कुछ देर में घर लौट आएंगे। करीब एक घंटे तक जब बलराम नहीं लौटे तो परिवार के सदस्यों ने तलाश शुरू कर दी। गांव वालों के साथ जब मृतक के बेटे कुलगढ़ी बांध के पास पहुंचे तो पहले गमछा रास्ते में मिला। इसके बाद खून के छींटे दिखे और आगे खून से लथपथ बलराम पड़े थे। रात करीब दो बजे उन्हें वहां से लेकर अस्पताल आए। यहां पर डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
फॉरेंसिक टीम ने जुटाए सुराग
शुक्रवार की सुबह जैसे ही बलराम पाण्डेय की मौत की खबर इलाके में फैली तो सनाका खिंच गया। सूचना मिलने पर नागौद एसडीओपी रविशंकर पाण्डेय, नागौद थाना प्रभारी मनोज सोनी मौके पर पहुंचे। घटना स्थल को देखने के बाद सीन ऑफ क्राइम यूनिट से फॉरेंसिक अधिकारी डॉ. महेन्द्र सिंह को बुलाया गया। फॉरेंसिक टीम ने जांच करते हुए घटना स्थल से कई अहम साक्ष्य जुटाए हैं। घटना स्थल से मृतक का चश्मा, गमछा, जूते और मोबाइल फोन दूर दूर पड़ा मिला। जिसे जब्त करते हुए जांच के लिए रखा गया है। पुलिस ने मृतक के शव का पोस्टमार्टम कराते हुए परिजनों के सुपुर्द कर दिया है।
12 साल पहले एनकाउंटर
मृतक के बेटों ने पुलिस को बताया कि करीब 12 साल पहले कन्हैया कोल को पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया था। जिसमें बलराम पाण्डेय की भूमिका रही है। इस कारण से कन्हैया का परिवार रंजिश मानता है। संदेह जताया गया है कि कन्हैया का भाई, भतीजा और अन्य इस वारदात में शामिल हैं। पुलिस ने संदेह के आधार पर कई लोगों को हिरासत में लेते हुए पूछताछ शुरू कर दी है।