
सतना। मुंबई-हावड़ा रेलमार्ग के दस्यु प्रभावित बांसा पहाड़ स्टेशन पर शुक्रवार और शनिवार की रात हथियारबंद बदमाशों ने रेलवे के दो गार्डों को लूट लिया। इस सनसनीखेज वारदात की भनक पाते ही रेल सुरक्षा बल और राजकीय रेल पुलिस ने पहरा बढ़ा दिया है। शनिवार को सतना और मानिकपुर आरपीएफ ने संयुक्त सर्चिंग करते हुए इलाके को सुरक्षित करने की कोशिश की है।
साथ ही बांसा पहाड़ में रात को भी रेल सुरक्षा बल तैनात करने के निर्देश कमांडेंट आरपीएफ अनिल भालेराव ने दिए हैं। एक साथ दो रेलवे गार्ड के साथ हुई घटना के बाद आरपीएफ के असिस्टेंट कमांडेंट प्रशांत यादव शनिवार की शाम सतना पहुंचे। उन्होंने घटना की जानकारी लेते हुए निर्देश दिए हैं कि पेट्रोलिंग बढ़ाते हुए बदमाशों की धरपकड़ के लिए पार्टी रवाना की जाए।
ये है मामला
सूत्रों के अनुसार, बांसा पहाड़ में जीटीएसटी मालगाड़ी में ड्यूटी पर तैनात इलाहाबाद के रेलवे गार्ड आरपी यादव को बदमाशों ने शिकार बनाया। इनका बैग, रेलवे वॉकी टॉकी, मोबाइल फोन रुपए और जूते भी लूट ले गए। इसके बाद सतना स्टाफ के गार्ड हर्षवर्धन सिंह जो मऊ गाड़ी में ड्यूटी पर थे उनके साथ घटना हुई। सतना आकर हर्षवर्धन ने बताया कि गार्ड केबिन में आकर चार बदमाशों ने उनके पास से मोबाइल फोन, रेलवे का वॉकी टॉकी, बैग, पर्स लूट लिया। उसमें 18 सौ रुपए समेत पहचान और बैंक संबंधी दस्तावेज थे। रात सवा 1 बजे हुई इस वारदात के बाद से रेलवे के रनिंग स्टॉफ में दहशत है।
दस्यु प्रभावित है इलाका
बांसा पहाड़ रेलवे स्टेशन दस्यु प्रभावित इलाके में आता है। घटना के बाद आरपीएफ पोस्ट सतना से निरीक्षक मान सिंह ने मानिकपुर थाना प्रभारी केपी ठाकुर के साथ घटना स्थल के आस-पास गस्त किया। पीडि़तों और घटना के वक्त स्टेशन में मोजूद रहे रेल स्टॉफ से पूछताछ की गई। जो सुराग मिले उसके आधार पर आस पास इलाके में दबिश दी जा रही है। ताकि अपराधियों पर शिकंजा कसा जा सके।
403 में रेल सुरक्षा बल को तैनात
टिकरिया के पास रेलकर्मियों के साथ हुई वारदात के बाद बांसा पहाड़ से लगे गेट नंबर 403 में रेल सुरक्षा बल को तैनात किया गया था। लेकिन करीब दो महीने पहले यहां से गार्ड हटा ली गई। सुरक्षा के लिहाज से बारामाफी, मझगवां और टिकरिया में अभी भी आरपीएफ तैनात है। अब इस घटना के बाद बांसा पहाड़ में भी रात के वक्त सुरक्षा इंतजाम पुख्ता कर दिए गए हैं। ऑल इण्डिया गार्ड काउंसिल की ओर से भी रेल सुरक्षा बल, जीआरपी और रेलवे के जिम्मेदार अधिकारियों को पत्र लिखकर सुरक्षा की मांग की गई है।
पुलिस ने दिया साथ
बांसा पहाड़ में स्टेशन पर ड्यूटी में तैनात डिप्टी एसएस नरेन्द्र सिंह ने घटना का पता चलने पर बारामाफी में तैनात आरपीएफ स्टॉफ, मझगवां आरपीएफ, जीआरपी व रेल अधिकारियों को सूचना दी। कोई मौके पर नहीं पहुंचा। सिविल पुलिस से संपर्क साधने पर रात करीब ढाई बजे उप्र पुलिस घटना स्थल पर पहुंची।
सर्चिंग जारी है
आरपीएफ और जीआरपी की ज्वाइंट टीम आस-पास इलाके में सर्चिंग कर रही है। रात को सुरक्षा बल तैनात कर दिया है। प्रयास किए जा रहे हैं कि घटना करने वाले जल्द पकड़ में आ जाएं।
अनिल भालेराव, कमांडेंट, आरपीएफ जबलपुर