फिर अंधेरे का फायदा उठाकर भाग गया साढ़े पांच लाख का इनामी डकैत बबुली कोल
सतना। उप्र पुलिस का रविवार को एक बार फिर डकैत बबुली कोल गिरोह से सामना हो गया। पुलिस और डकैतों के बीच करीब डेढ़ घंटे तक फायर हुए। मुठभेड़ में कोई आहत तो नहीं हुआ पर 50 हजार का इनामी डकैत जंगलिया पुलिस गिरफ्त में आ गया। इसके कब्जे से 315 बोर की एक राइफल, 8 जिंदा कारतूस व दो खोखे, थर्टी स्प्रिंग का कारतूस, 12 बोर के तीन कारतूस जिंदा मिले। वहीं अंधेरे का फायदा उठाकर साढ़े पांच लाख का इनामी डकैत बबुली कोल जंगल में छिप गया।
ये है मामला
उप्र पुलिस के अनुसार, पुलिस अधीक्षक चित्रकूट मनोज कुमार झा के नेतृत्व में साढ़े पांच लाख के इनामी डकैत बबुली कोल गैंग की धरपकड़ के लिए सर्चिंग अभियान चलाया जा रहा है। इसमें प्रभारी निरीक्षक मानिकपुर केशव प्रसाद दुबे एवं प्रभारी निरीक्षक मारकुण्डी रामेन्द्र तिवारी की टीम ने 50 हजार रुपए के इनामी डकैत जंगलिया उर्फ पंजाबी को गिरफ्तार किया है।
दोनों ओर से फायरिंग
बताया गया कि रविवार को पुलिस को सूचना मिली थी कि कल्याणपुर करौंहा के जंगल में बबुली कोल गैंग छिपा है। खबर पाते ही मानिकपुर और मारकुण्डी थाना प्रभारी अपनी टीम के साथ कल्याणपुर के जंगल पहुंचे। इसके साथ ही बहिलपुरवा थाना प्रभारी को भी अलर्ट किया गया। जब पुलिस डकैतों की घेराबंदी करते हुए जंगल में बढ़ी तो डकैतों से सामना हो गया। दोनों ओर से फायरिंग होने लगी।
भाग गया था पंजाब
तराई से जुड़े सूत्रों का कहना है, पंजाबी उर्फ जंगलिया डकैत बलखडि़या के साथ लंबे अर्से तक रहा। बलखडि़या के मारे जाने के बाद जंगलिया पंजाब भाग गया था। इसलिए उसका नाम पंजाबी पड़ गया। पंजाब में रहते हुए भी जंगलिया दस्यु बबुली गिरोह से संपर्क बनाए रहा। निही चिरैया की मुठभेड़ के बाद वह फिर से इलाका छोड़ गया था। अभी कुछ समय से वह बबुली गिरोह के साथ हरकत कर रहा था।