
सतना। मध्यप्रदेश के सतना शहर में अलसुबह दो मंजिला इमारत गिरने से हड़कंप मच गया। बताया गया कि कोलगवां थाना क्षेत्र के टिकुरिया टोला स्थित डालीबाबा रोड पर बने एक दाल मील की इमारत ढह गई। जिसमें एक मजदूर का दब कर घायल हो गया। हादसे के बाद अफरा-तफरी का माहौल निर्मित हो गया। आनन-फानन में पुलिस सहित नगर निगम को सूचना दी गई।
सूचना के बाद निगम का अमला जेसीबी लेकर मौके पर पहुंच गया। बड़े हादसे की आशंका पर रेस्क्यू कर मलबे को हटाया जा रहा है। सूत्रों की मानें तो यह बिल्डिंग लगभग ३२ वर्ष पुरानी बताई जा रही है। यह दुर्घटना सुबह करीब 6 बजे हुई है।
ये है मामला
मिली जानकारी के अनुसार हादसाग्रस्त बिल्डिंग राजेश ट्रेडिंग कंपनी दाल मील के नाम से दर्ज है। जिस समय ये हादसा हुआ है उस वक्त मजदूर छत पर बोरा लेने गया था। उसी दौरान बिल्डिंग का एक हिस्सा भर-भराकर गिरने लगा। गनीमत थी कि जिधर बिल्डिंग गिरी थी उधर नाला था। इसलिए मजदूर सकुशल बच निकला। नाले में पानी होने के कारण मजदूर को कोई चोंट नहीं आई।
मोहल्लेवासी घर से निगले बाहर
जर्जर बिल्डिंग के तेज आवाज सुनकर मोहल्लेवासी भागकर अपने-अपने घर से बाहर खड़े हुए। कुछ देर तक तो कोई नहीं समझ पाया कि आखिर हुआ क्या है। बाद में बिल्डिंग की ओर नजर गई तो हादसे का आभास हुआ। नाले की तरफ से मजदूर निगलता तो पूरी कहानी बताई। फिर बाद में नगर निगम सहित पुलिस विभाग को सूचना दी गई। देखते ही देखते आसपास के लोगों का मजमा लग गया। सब प्रशासन को कोसने लगे कि घटना के बाद भी जिम्मेदार मौके पर नहीं पहुंचते है। हालांकि दो घंटे के बाद निगम सहित पुलिस अमला मौके पर पहुंचा तो लोगों ने राहत की सांस ली।
और भी है शहर में कई जर्जर बिल्डिंग
बता दें कि, करीब दो माह बाद बरसात शुरू हो जाएगी। नगर निगम का अमला अभी तक शहर में जर्जर बिल्डिंगों को चिह्नित तक नहीं कर पाया है। नगर निगम यह दावा करता है कि शहर में अब जर्जर इमारतें नहीं है। लेकिन हकीकत कहें तो लगभग एक दर्जन इमारतें जर्जर अवस्था में है जो कभी भी गिर सकती है।
अतिक्रमण कार्रवाई ठंडे बस्ते में
कुछ माह पहले नगर निगम अतिक्रमण दस्ते द्वारा नाले के बगल में बने मकानों को हटाने की कवायत शुरू कर दी थी लेकिन यह कार्रवाही मात्र एक हफ्ते तक ही चली। दर्जनों मकान आज भी नाले के ऊपर बने है। नगर निगम हर बार नाप करने के बाद भूल जाता है कि वहां से अतिक्रमण भी हटाना है।