सतना

अलग नहीं करते गीला-सूखा कचरा, तो स्टार रेटिंग में भी पिछड़ेगा शहर, यहां पढ़ें डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन का हाल

न जागरूकता न प्रशिक्षण, अपशिष्ट प्रबंधन में भी लापरवाही जारी है

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Jul 10, 2018
Door-to-door garbage collection news in satna

सतना। स्मार्ट सिटी की सूची में सतना इस बार पिछड़ गया। उसके बाद भी शहर के जिम्मेदार सबक लेने को तैयार नहीं। आलम यह है कि अपशिष्ट प्रबंधन में भी लापरवाही जारी है। डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन के दौरान लापरवाही बरती जाती है। गीला-सूखा कचरा एक साथ उठाया जा रहा है। उसे अलग नहीं किया जाता। लिहाजा, केंद्र की स्टार रेटिंग में भी सतना पिछड़ेगा। नगर निगम ने सूखे-गीले कचरे के प्रबंधन को लेकर नियम जरूर बना दिए हैं, लेकिन उसको गंभीरता से लागू नहीं किया जा रहा है। लोग घरों से निकलने वाला गीला-सूखा कचरा एक साथ निगम की गाडिय़ों में डाल देते हैं। कर्मचारी भी इसे बिना अलग किए डंपिंग कर रहे हैं।

ऐसी है व्यवस्था
केंद्र सरकार ने जीरो वेस्ट मिशन के तहत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2016 के अनुरूप ही स्टार रेटिंग तैयार की है। इसमें प्रमुख रूप से डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन, गीला-सूखा कचरे का पृथककरण, कचरा प्रबंधन, मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी सेंटर की व्यवस्था समेत अन्य बिंदुओं को शामिल किया गया है। लेकिन, स्टार रेटिंग के पहले पायदान का ही निगम सही ढंग से पालन नहीं कर रहा।

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ऐसे लापरवाही बरत रहा निगम
निगम ने कचरा कलेक्शन वाहनों में सूखे और गीले कचरे की अलग-अलग व्यवस्था की है। नियमानुसार निगम कर्मचारियों को दोनों प्रकार के कचरे को अलग-अलग खंडों में रखना चाहिए। लेकिन, कर्मचारी दोनों ही कचरे को एक ही खंड में डाल देते हैं। निगम अक्सर शहरवासियों से घर से दोनों कचरे को अलग-अलग देने की अपील करता है पर जागरूकता के लिए एक भी कार्यक्रम नहीं चलाया गया। लिहाजा, लोग भी घरों से एक साथ ही कचरा निगम कर्मचारियों के हवाले कर देते हैं।

कचरा गाड़ी में गीले-सूखे का नहीं है पार्टीशन...और ये थे नियम
1. घर-घर से कचरा संग्रहण
निकायों द्वारा घर-घर जाकर कचरा संग्रहण और उसके परिवहन में 1 स्टार पाने के लिए 60 प्रतिशत और 2 स्टार रेटिंग के लिए 80 प्रतिशत कार्य होना जरूरी है। यदि इस कार्य में निकाय 100 प्रतिशत काम कर रहा है तो उसे 3 स्टार रेटिंग दी जाएगी।

2. कचरे को पृथक करना
गीला, सूखा कचरा व हानिकारक अपशिष्ट को अलग-अलग करने के लिए निकायों को 25 प्रतिशत काम करने पर 1 स्टार, 50 प्रतिशत कार्य में 2 स्टार, 80 प्रतिशत काम पर 3 स्टार और 100 प्रतिशत पर 4 स्टार रेटिंग का प्रावधान किया गया है।

3. कूड़ेदान, कचरा भंडारण
शहर के सार्वजनिक व व्यावसायिक क्षेत्रों में प्रत्येक 50 से 100 मीटर में हरे-नीले कूड़ेदान की उपलब्धता की रेटिंग निर्धारित है। यदि यह कार्य 20 प्रतिशत किया है तो 1 स्टार, 50 प्रतिशत है तो 2 स्टार, 80 प्रतिशत पर 3 स्टार और 100 प्रतिशत हो तो 4, 5 और 7 स्टार दिए जाएंगे।

4. ठोस अवशिष्ट उत्पादक अनुपालन
इस स्लैब में स्टार निर्धारित किए गए हैं। जिन निकायों में थोक अपशिष्ट उत्पादकों की सूची तैयार है उन्हें 1 स्टार, नियम के आधार पर रहवासी संघों द्वारा थोक अपशिष्ट उत्पादकों को चिह्नित कर अधिकारियों को प्रषित करने पर 2 स्टार, निकायों में कचरा उत्पादकों द्वारा नियमों का पालन किए जाने पर 3 व 4 स्टार दिया जाएगा। रहवासी संघों द्वारा थोक अपशिष्ट उत्पादकों के नियमों के पालन पर 5 स्टार रेटिंग दी जाएगी।

5. वैज्ञानिक रीति से अपशिष्ट, लैंडफिल साइट और प्रबंधन
इस श्रेणी में सात भाग किए गए हैं। प्रमुख तौर पर वैज्ञानिक तरीके से 25 प्रतिशत कचरे का प्रसंस्करण (रि-साइकलिंग) करने पर 1 स्टार, 50 प्रतिशत पर 2 स्टार, 75 प्रतिशत पर 3 स्टार और 100 प्रतिशत करने पर 4, 5 और 7 स्टार रेटिंग की जाएगी।

6. डम्प साइट उपचार
शहर के सभी चिह्नित खंतियों का उपचार करने पर भी रेटिंग दी जाएगी। प्रोजेक्ट तैयार होने पर 1 स्टार, योजना स्वीकृति के लिए 2 स्टार, कार्य शुरू होने पर 3 स्टार, कार्य 75 प्रतिशत होने पर 5 स्टार और 100 प्रतिशत कार्य और प्रोजेक्ट पूरा होने पर 7 स्टार रेटिंग दी जाएगी।

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Published on:
10 Jul 2018 11:27 am
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