जांच की मांग: कांग्रेस ने सरकारी मशीनरी पर खड़े किए सवाल
सतना। कांग्रेस ने प्रदेश में 60 लाख फर्जी मतदाता होने की शिकायत चुनाव आयोग से की है। इसकी जांच भी शुरू हो गई है। इधर जिला कांग्रेस कमेटी ने भी जिले में हजारों फर्जी मतदाता होने का आरोप लगाते हुए जांच की मांग की है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष ग्रामीण दिलीप मिश्रा ने मामले में जिला निर्वाचन अधिकारी पर गंभीर आरोप लगाते हुए उन्हें इसके लिए दोषी बताया है। इधर जिला निर्वाचन अधिकारी एवं कलेक्टर मुकेश शुक्ला ने कांग्रेस के आरोपों को बेबुनियाद बताया और तथ्यहीन बताया है।
जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दिलीप मिश्रा ने नगर परिषद रामनगर, नागौद व रामपुर बाघेलान सहित अन्य नगर पंचायतों की मतदाता सूचियों में हजारों फर्जी नाम जोडऩे का आरोप लगाया है। मिश्रा ने बताया कि अकेले जिले की नगर परिषद रामनगर में हजारों नाम फर्जी जोड़े गए हैं।
ग्राम नादो लगभग 250 नाम, सोनाड़ी 25 नाम, सहपुरा 28 नाम, बाबूपुर 100 नाम, सगौनी 10, मिरगौती 150 नाम, मसमासी 15 नाम, देवरा मोलहाई 10, सुलखमा 10, देवराजनगर 15, अमरपाटन ब्लाक के खरमसेड़ा में 100 नाम, भीषमपुर 75, सुआ में 35 नाम सहित अन्य ग्राम पंचायतों के मतदाताओं सहित लगभग 2500 नाम रामनगर नगर पंचायत में जोड़े गए हैं। यही स्थिति नागौद, रामपुर बाघेलान सहित अन्य जगहों की भी है।
बीएलओ से जबरन जुड़वाए जा रहे नाम
मिश्रा ने जिला निर्वाचन अधिकारी पर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके द्वारा बीएलओ पर दबाव बनाकर इस प्रकार की प्रक्रिया करने के लिये बाध्य किया जाता है। जो अधिकारी इसे अंजाम नहीं देते उनके ताबदले की धमकी दी जाती है। मिश्रा ने पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा कि अपनी-अपनी पोलिंग बूथों में अपनी सक्रिय भागीदारी अदा करें और बीएलओ के साथ मिलकर मतदाता सूचियों में सही नाम जोडऩे में सहयोग करें।
जिला स्तरीय जांच दल गठित करें
कांग्रेस अध्यक्ष ने जिला निर्वाचन अधिकारी से मांग की है कि नगर परिषद रामनगर, नागौद व रामपुर बाघेलान में एक जिला स्तरीय जांच दल गठित कर मतदाता सूची का सर्वे बूथवार कराया जाए।
आरोप बेबुनियाद
कांग्रेस के आरोपों पर जिला निर्वाचन अधिकारी एवं कलेक्टर मुकेश शुक्ला ने कहा कि उनके आरोप पूरी तरह बेबुनियाद और तथ्यहीन हैं। ऐसा नहीं होता है। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुरूप ही मतदाता सूची तैयार की जाती है।