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परसमनिया पठार: वैध खदानों की आड़ में बड़ा खेल, तीन दर्जन अवैध खदानों में धड़ल्ले से हो रहा खनन

परसमनिया पठार: वैध खदानों की आड़ में बड़ा खेल, तीन दर्जन अवैध खदानों में धड़ल्ले से हो रहा खनन

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सतना

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Suresh Mishra

Jun 04, 2018

illegal mining flagstone in Satna Parasmaniya pathar

illegal mining flagstone in Satna Parasmaniya pathar

सतना। अवैध खनन के लिए कुख्यात रहा परसमनिया एक बार फिर अवैध खनन का गढ़ बनता जा रहा है। इस क्षेत्र में 3 दर्जन से ज्यादा अवैध खदानें संचालित हो रही हैं। प्रतिदिन पांच से 8 ट्रक अवैध पटिया-पत्थर वैध पिटपास के सहारे बाहर निकल रहा है। यह पूरा खेल वैध खदान संचालकों के सहारे खेला जा रहा है। सूत्रों के अनुसार परसमनिया का सखौंहा और महाराजपुर इलाका इस समय पूरी तरह से अवैध खनन की जद में है। यहां के स्थानीय लोगों द्वारा मनमानी तरीके से राजस्व और वन भूमि में खदानें प्रारंभ की जा चकी हैं। यहां पूरे दिन पटिया तोडऩे का काम चलता है। रात को इन अवैध स्थलों से वैध खदानों तक पहुंचा दिया जाता है।

60 की पटिया 120 में
अवैध खनन के इस कारोबार में बड़ा खेल हो रहा है। सखौंहा में संचालित खदानों में अवैध खनन और पटिया तैयार करने में जुटे लोगों और कारीगरों को प्रति पटिया के हिसाब से अवैध खदान संचालक 30 रुपए देता है। इसके बाद इस अवैध खनन स्थल में तैयार पटिया को 60 रुपए की दर से वैध खदान स्थल पर पहुंचा दी जाती है। यहां से पटिया ट्रकों में लोड होकर बिहार और उप्र भेजा जाता है।

खनिज अमला साधे है चुप्पी
बताया गया है कि जिन वैध खदान की अनुमति मिली है, अगर उसी की जांच हो जाए तो बड़े खेल का खुलासा हो जाएगा। यहां आवंटित स्थल पर पटिया वाला पत्थर नहीं मिलने से खदान संचालक द्वारा अवैध खदान संचालकों से पटिया ली जाती है। इसके बाद इस पटिया को दोगुनी कीमत पर बाजार में अपने पिटपास से बेचा जाता है। इसकी निरीक्षण कभी भी खनन स्थल और पिटपास के आधार पर देखा जा सकता है।

वनकर्मियों की मिलीभगत
पूरे खेल में वन अमला भी बराबर का साझीदार है। बताया गया है कि कई खदाने तो वन क्षेत्र में हैं लेकिन राजस्व भूमि में संचालित होने वाली अवैध खदानों से ट्रैक्टर ट्राली में पटिया निकाल कर वन क्षेत्र से होकर वैध खदान तक पहुंचते हैं। लेकिन वन अमला इन पर कोई कार्रवाई नहीं करता है। इसके एवज में खदान संचालकों द्वारा इन्हें मोटी रकम दी जाती है।

मामले में मैदानी राजस्व अमले को भेज कर जांच कार्रवाई जाएगी। अगर राजस्व भूमि में अवैध खनन मिलता है तो कार्रवाई करवाई जाएगी।
एपी द्विवेदी, एसडीएम