सतना

GOOD BYE 2019: खराब सड़कों पर ‘विकास’ की धूल फांकते गुजरा साल

2019 में परवान नहीं चढ़ सकीं कई योजनाएं

3 min read
Dec 25, 2019
खराब सड़कों पर 'विकास की' धूल फांकते गुजरा साल

सतना.नववर्ष का स्वागत करते हुए शहर की जनता 2019 से कई उम्मीद लगाई थी पर साल के दिन बीतते गए और विकास की उम्मीद टूटती गई। साल की शुरुआत में आम जनता को उम्मीद थी कि अमृत योजना परवान चढ़ेगी और सप्लाई का पानी घर-घर पहुंच सकेगा। स्मार्ट सिटी जमीन पर उतर आएगी। शहर की सड़कों पर सीवर नहीं बहेगा। सड़कें स्वच्छ व सुंदर होंगी, शहर स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित होगा। इन उम्मीदों के साथ जनता साल भर जर्जर सड़कों पर विकास की धूल फांकती रही पर पूरा साल हिचकोले खाने के बाद भी सपनों को पंख नहीं लग पाए। वर्ष 2019 कई खट्टी-मीठी यादों के साथ विदा लेने को तैयार है। बीतते साल में शहर को जो सौगातें मिलीं उनमें मेडिकल कॉलेज का निर्माण कार्य शुरू होना प्रमुख है।

पीएम आवास
शहर में रहने वाले एेसे गरीब परिवार जिनकी शहर में न अपनी जमीन है और न खुद का घर..., सड़क किनारे झोपड़े और किराए के कमरे में रात गुजारने वाले ऐसे परिवारों को उम्मीद थी कि इस वर्ष उनका भी अपना पक्का मकान होगा लेकिन पीएम आवास योजना साल बीतने के बाद भी परवान नहीं चढ़ सकी। पूरा साल गुजरने के बाद भी निगम प्रशासन एक भी हितग्राही को पीएम आवास की चॉबी नहीं दे सका। 300 करोड़ की पीएम आवास योजना साल के अंत तक पूरी नहीं हो सकी।

ये भी पढ़ें

फिर बिगड़ा मौसम का मिजाज, रिमझिम बारिश से बढ़ी गलन

अमृत योजना
शहर में घर-घर पानी पहुंचाने की अमृत योजना आज से ठीक पांच साल पहले जनवरी में शुरू हुई थी। योजना को मई 2019 में पूरा होना था लेकिन दिसंबर गुजरने को है, अमृत योजना आज तक परवान नहीं चढ़ सकी। 400 करोड़ का यह प्रोजेक्ट समय पूरा होने के बाद भी अधूरा है। शहर की 20 फीसदी कॉलोनियों को अभी भी नई पाइनलाइन का इंतजार है।

सीवर लाइन
सीवर के पानी से होने वाली गंदगी से मुक्ति दिलाने के लिए पूरे शहर में सीवर लाइन डालने का कार्य इस वर्ष दिसंबर में पूरा होना था लेकिन निर्माण कार्य की कछुआ चाल के कारण कार्य पूरा होना तो दूर ठेका एजेंसी २० फीसदी कार्य भी पूरा नहीं कर सकी। शहर की जनता सालभर खोदी गई सड़कों की धूल इस उम्मीद के साथ फांकती रही कि सीवर लाइन पडऩे से शहर का विकास होगा लेकिन साल बीतने के बाद भी सीवर लाइन का कार्य पूरा नहीं हो सका।

स्मार्ट सिटी

शहर को स्मार्ट सिटी की सौगात वर्ष 2018 में मिली थी। जनता ने उम्मीद लगाई थी कि वर्ष 2019 में स्मार्ट सिटी आकार ले लेगी, लेकिन प्रशासनिक उपेक्षा के कारण वर्ष 2019 में स्मार्ट सिटी जमीन पर नहीं उतर पाई। अधिकारी ने पूरा साल जमीन तलाशने में निकाल दिया। निगम प्रशासन द्वारा साल के अंत में स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के कार्यों में तेजी लाते हुए शहर के चौराहों को स्मार्ट एवं सुंदर बनाने की शुरुआत की गई, जिनके नए साल में पूरा होने की उम्मीद है।

सड़कें और यातायात
वर्ष 2019 को जनता जर्जर सड़कें और बदहाल यातायात व्यवस्था के लिए याद रखेगी। सालभर जनता जर्जर सड़कों पर हिचकोले खाती रही। शहर के मुख्य मार्ग हों या कॉलोनियां, एक भी एेसी सड़क नहीं जिसमें लोग सुकून के साथ सफर कर सकें। खराब सड़कें साल भर चर्चा में रहीं। इनकी मरम्मत कराने के लिए नगर निगम द्वारा दो करोड़ के टेंडर भी जारी किए गए पर साल के अंत तक निगम प्रशासन जर्जर सड़कों से जनता को राहत नहीं दिला पाया।

फ्लाईओवर

सेमरिया चौराहे पर दो वर्ष से निर्माणाधीन फ्लाईओवर इस वर्ष भी पूरा नहीं हो सका। साल की शुरुआत में प्रशासन ने जून तक फ्लाईओवर का कार्य पूरा होने का दावा किया था लेकिन दिसंबर भी बीतने को है पर फ्लाइओवर का निर्माण कार्य अभी भी अधर में लटका हुआ है।

ये भी पढ़ें

आधी रात जन्में यीशू, खुशी के गीतों से गूंजे गिरजाघर
Published on:
25 Dec 2019 01:31 pm
Also Read
View All