निर्माण को रफ्तार: 4.5 करोड़ में दिल्ली की कंसल्टेंट कंपनी से करार
सतना। केंद्र सरकार से मई में स्वीकृति और जुलाई में मुख्यमंत्री द्वारा शिलान्यास करने के बाद मेडिकल कॉलेज के निर्माण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। निर्माण एजेंसी पीडब्ल्यूडी की प्रोजेक्ट इम्प्लीमेंटेशन यूनिट ने मेडिकल कॉलेज प्रोजेक्ट के सर्वे का जिम्मा साढ़े चार करोड़ में दिल्ली की एक कंसल्टेंसी कंपनी को दिया है। कंपनी जेडीएफ कंसल्टेंट मेडिकल कॉलेज की ड्राइंग-डिजाइन के अलावा प्रोजेक्ट निर्माण का सुपरविजन भी करेगी। कंपनी ने मेडिकल कॉलेज के लिए रिजर्व 38.72 एकड़ जमीन में साइट सर्वे शुरू कर दिया है।
साइट का सर्वे करने सोमवार को दिल्ली से विशेषज्ञों की एक टीम आएगी। 15 दिन में सर्वे कर मेडिकल कॉलेज निर्माण के लिए ड्राइंग व डिजाइन तैयार की जाएगी। सर्वे रिपोर्ट के आधार पर डीपीआर तैयार कर शासन को भेजा जाएगा। डीपीआर पास होने के बाद निर्माण के लिए निविदा प्रक्रिया शुरू होगी। पीआइयू के इइ सुभाष पाटिल ने बताया कि शासन से 285 करोड़ अनुमोदित हैं।
अब तक यह हुआ
जिलेवासियों की कई सालों की मांग पर 11 मई को केंद्र सरकार ने सतना में मेडिकल कॉलेज खोलने की अनुमति दी। 19 जुलाई को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शहर के बीटीआई मैदान से मेडिकल कॉलेज का शिलान्यास किया। केंद्र ने सतना में मेडिकल कॉलेज का चयन चैलेंज मोड के तहत किया है। इस दौड़ में छतरपुर और दमोह भी शामिल थे, जिन्हें पछाड़कर सतना ने बाजी मारी थी।
24 नए मेडिकल कॉलेज खोलने का निर्णय
केन्द्र सरकार ने अंतिम पूर्ण बजट में आयुस्मान योजना के तहत देश के 8 राज्यों में 24 नए मेडिकल कॉलेज खोलने का निर्णय लिया था। चैंलेज मोड के तहत प्रदेश में सतना सहित दमोह और खजुराहो लोकसभा क्षेत्र को शामिल करते हुए किसी एक स्थान में कॉलेज खोलना तय किया गया था। तीनों लोकसभा क्षेत्रों से सतना, दमोह और छतरपुर इस दौड़ में अपना-अपना दावा प्रस्तुत कर रहे थे। अंत में सतना ने सभी को पीछे छोड़ते हुए बाजी मार ली।
परिसर में क्या-क्या
पीआइयू के इइ पाटिल ने बताया कि मेडिकल कालेज में कॉलेज भवन, अस्पताल, गल्र्स-बॉयज हॉस्टल, स्टाफ क्वार्टर्स, नर्सिंग हास्टल, पार्क, ग्राउण्ड आदि संरचनाओं का निर्माण होना है। इन अलग-अलग निर्माण के लिए सर्वे के दौरान जगह चिह्नित कर ड्राइंग तैयार होगी। पूरा मेडिकल कॉलेज स्टेपिंग सिस्टम पर तैयार होगा। इससे पहाड़ी को काटकर समतल करने की जरूरत नहीं होगी।
फैक्ट फाइल
- मेडिकल कॉलेज के लिए जमीन 38.72 एकड़
- सिविल वर्क का एस्टीमेट 285 करोड़
- कंसल्टिंग कंपनी जेडीएफ कंसल्ट्स नई दिल्ली
- डीपीआर लागत : 4.5 करोड़