रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली और पन्ना जिले के शहरी विस क्षेत्र में पहुंची पत्रिका टीम, विधायकों के घर के पास ही दिखी समस्या, शहरी जनता को नहीं मिल पा रहा पीठा पानी, साफ-सफाई का रहता है अभाव, इलाज के लिए नागपुर और भोपाल जाना पड़ता है
सतना। पांच जिलों की शहरी विस सीट पर विधायकों के प्रदर्शन का अंदाजा इसी से लगा सकते हैं कि उनके घर से महज कुछ मीटर दूर ही लोग परेशानियों से दो-चार हो रहे हैं। सर्वाधिक वोटों के अंतर से जीते रीवा विधायक राजेंद्र शुक्ल के आवास से कुछ मीटर दूर ड्रेनेज बड़ी समस्या है। शहर में बनी मॉडल रोड उखड़ चुकी है। यही हालात सतना विस क्षेत्र के हैं। शहर में फ्लाइओवर के नाम पर बेतरतीब विकास कार्य चल रहा है। सीधी और पन्ना में सफाई, स्वास्थ्य व्यवस्था का अभाव है। सिंगरौली की जनता पानी को तरस रही।सवाल यही है कि यदि वे अपने घर के पास भी हालात नहीं सुधार पाए तो बाकी क्षेत्र का क्या हाल होगा, समझना मुश्किल नहीं:-
सतना: शहर विकास की कछुआ चाल, जर्जर सड़कों पर चलना मुश्किल, जनता परेशान
सतना विधायक शंकरलाल तिवारी का घर सुभाष चौक पर है। इनके घर से कुछ दूर पर ही जिला अस्पताल है। चिकित्सकों की कमी के चलते इलाज मिलना दूर की कौड़ी है। विस क्षेत्र में पानी सहित अन्य समस्याएं भी आम बात हैं।
ड्रेनेज
विधायक के घर से कुछ दूरी पर ही सड़क पर पानी बहता रहता है। पानी निकासी नहीं होने के कारण शहर में 2016 में बाढ़ की स्थिति भी बनी थी।
पानी
शहर के 300 करोड़ की जलावर्धन योजना लेटलतीफी का शिकार है। लोगों को पानी का कनेक्शन तो दिया गया पर पानी आज तक नहीं मिला।
सफाई
शहर की सफाई व्यवस्था तो ठीक है पर नालियां कचरे से पटी पड़ी हैं। कॉलोनियों में डस्टबिन नहीं होने से लोग सड़क पर ही कचरा फेंकते हैं।
शिक्षा
विधायक के घर से 500 मीटर दूरी पर सरकारी स्कूल है। स्कूल भवन की मरम्मत नहीं होने से गिरने के कगार पर है। बरसात में हादसा बना रहता है।
स्वास्थ्य
विधायक के घर से 1.50 किमी. दूर स्थित जिला अस्पताल में डॉक्टरों की कमी है। प्रतिदिन करीब २ हजार मरीज पहुंचते हैं पर उपचार नहीं मिल पता।
अतिक्रमण
शहर की सबसे बड़ी समस्या अतिक्रमण है। बाजार से लेकर कॉलोनियों में लोगों ने सड़कों पर निर्माण कर लिया। विधायक की कॉलोनी भी अछूती नहीं।
पन्ना: मंत्री के घर के पास की गली में गंदगी, अस्पताल-स्कूलों की हालत भी खराब
पन्ना विधायक व मंत्री कुसुम महदेले जनपद कार्यालय के पास रहती हैं। उनके घर के दूसरी ओर की गली में हमेशा गंदगी रहती है। डॉक्टर कॉलोनी में अस्पताल का संक्रमित कचरा फेंका जा रहा है। सरकारी स्कूलों के शिक्षा का स्तर बहुत ही खराब है।
ड्रेनेज
पन्ना शहर में कहीं भी अंडर ग्राउंड ड्रेनेज सिस्टम नहीं है। कॉलोनियों में खुली हुई नालियां हैं जो बीमारियों को न्योता देती है।
पानी
शहर को पेयजल आपूर्ति के लिए अभी भी तालाबों पर निर्भरता है। इस साल कम बारिश से तालाब खाली हैं। गर्मी में जलसंकट गहराएगा।
सफाई
नालियां साफ करने के बाद तुरंत मलबा नहीं उठाते हैं। इससे लोगों को आवागमन में परेशानी होती है। कॉलोनियों में सफाई की स्थिति औसत है।
शिक्षा
मंत्री के घर से करीब दो किमी. दूर मिडिल स्कूल टिकुरिया मोहल्ला में एक ही कमरे में कई कक्षाएं लगती हैं। शौचालय की व्यवस्था नहीं है।
स्वास्थ्य
मंत्री के घर पास स्थित जिला अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट नहीं हैं। 15 दिन में एक बार सोनोग्राफी हो पाती है। डॉक्टरों के पद खाली हैं।
अतिक्रमण
बड़ा बाजार क्षेत्र की सड़कों पर चलना मुश्किल हो रहा है। त्योहारी सीजन में यह समस्या और बढ़ गई है। लोग सड़कों पर दुकानें लगा लेते हैं।
रीवा: स्वास्थ्य केंद्र पर हमेशा लटका रहता है ताला
विधानसभा क्षेत्र क्र. 74 के विधायक राजेन्द्र शुक्ला अमहिया मोहल्ले में रहते हैं। यहीं पर लोगों से मिलते भी हैं। कई वर्षों से मंत्री हैं पर यहां साफ पानी, सफाई, ड्रेनेज आदि की समस्याएं हैं।
ड्रेनेज
अमहिया मोहल्ले में ड्रेनेज की बड़ी समस्या है। यहीं से नाला निकलता है। इसमें पहले बरसात का पानी बहता था, अब यह अतिक्रमण के घेरे में है।
पानी
मीठे पानी की सप्लाई के लिए पाइप लाइन है, इसमें लीकेज के चलते दूषित पानी आने की सबसे अधिक शिकायतें खुटेही व अमहिया मोहल्ले से आती हैं।
सफाई
मंत्री के घर के सामने तो सफाई नजर आती है पर शहर में गंदगी का ढेर मिल जाता है। जानवर कचरा सड़क पर फैलाते हैं, गलियों में हर दिन सफाई नहीं होती।
शिक्षा
जिस वार्ड में मंत्री का आवास है, वहां कोई सरकारी स्कूल या कालेज नहीं है, लेकिन शहर में अन्य स्थानों पर शिक्षा की व्यवस्थाएं हर क्षेत्र के लिए ठीकठाक हैं।
स्वास्थ्य
यहां विंध्य का सबसे बड़ा अस्पताल है, जिला अस्पताल भी है पर स्वास्थ्य सुविधाएं अपेक्षा के अनुरूप नहीं मिल पा रही हैं। मंत्री ने सुधारने का प्रयास भी किया है।
अतिक्रमण
शहर के हर मोहल्ले में अतिक्रमण है, आरोप भी लगते रहे हैं कि कार्रवाई होती है तो रोक लगा दी जाती है। अमहिया मोहल्ले में ही सड़क पर निर्माण हो गए हैं।
सीधी: अतिक्रमण से मोहल्ले की संकीर्ण गलियां, आग लगे तो फायर ब्रिगेड पहुंचना मुश्किल
सीधी विधायक केदारनाथ शुक्ल का घर वार्ड 22, कोटहा मोहल्ले में है। उनके मोहल्ले की स्थिति का पत्रिका टीम ने जायजा लिया तो हैरान करने वाला सच सामने आया। घर के सामने बनी नाली गंदगी से पटी रही। सड़क किनारे अतिक्रमण रहा।
ड्रेनेज
डे्रनेज की समस्या पूरे शहर में है। यहां मास्टर प्लान के अनुसार नालियों का निर्माण नहीं होने से सही तरीके से पानी की निकासी नहीं हो पाती।
पानी
जिला मुख्यालय पर पेयजल की समस्या व्याप्त है। पुरानी नल जल योजना पूरी तरह से क्षतिग्रस्त है, नवीन योजना चार वर्ष से निर्माणाधीन है।
सफाई
सफाई भगवान भरोसे ही है। सार्वजनिक मार्गों एवं मुख्य मोहल्लों में सफाईकर्मी नियमित पहुंचते हैं पर अन्य मोहल्लों में गंदगी बजबजाती रहती है।
शिक्षा
विधायक के मोहल्ले में तीन सरकारी स्कूल हैं। पर यहां शिक्षकों की कमी बड़ी समस्या है। बिना शिक्षकों के पढ़ाई कैसे होती होगी, अंदाजा लगा सकते हैं।
स्वास्थ्य
जिला मुख्यालय पर तीन 300 बेड का अस्पताल है, लेकिन यहां चिकित्सकों के ७५ फीसदी पर रिक्त पड़े हैं। आपरेशन सुविधा बंद है।
अतिक्रमण
शहर में अतिक्रमण एक बड़ी समस्या है। विधायक शुक्ल के मोहल्ले में ही अतिक्रमण के कारण सड़कें सिकुड़ गई हैं। नाली तक की जगह नहीं है।
सिंगरौली: अव्यवस्था बनी किस्मत, बदबूदार नाली, पेयजल के संकट से जूझ रहे रहवासी
सिंगरौली विस क्षेत्र के विधायक रामलल्लू वैश्य हैं। निवास तो मोरवा में है पर बैढऩे में कार्यालय होने के चलते यहां लगातार आना जाना लगा रहता है। पत्रिका टीम ने गौर फरमाया तो कई ऐसी अव्यवस्थाएं मिलीं, जिनसे लोग परेशान हैं।
ड्रेनेज
बैढऩ बस स्टैंड का इलाका हो या फिर मुख्य मार्ग, ड्रेनेज सिस्टम पूरी तरह से चोक है। बजबजाती नालियां व उठती बदबू से दो-चार होना पड़े रहा है।
पानी
कवायद एक वर्ष पहले से शुरू है। कछुआ चाल चल रही प्रक्रिया से स्वच्छ पेयजल का सपना पूरा होने में अभी वक्त लगेगा। पाइपलाइन बिछ रही है।
सफाई
स्वच्छता अभियान पूरी तरह से फ्लॉप है। मुख्य मार्गों को छोड़ दिया जाए तो गलियों का हाल गांव से भी बदतर है। सफाईकर्मी वहां जाते ही नहीं हैं।
शिक्षा
बैढऩ का अग्रणी महाविद्यालय ही अव्यवस्थाओं से जूझ रहा है। सीमेंट के छप्पर से बना भवन जर्जर स्थिति में है। कॉलेज को नए भवन की दरकार है।
स्वास्थ्य
विधायक के कार्यालय से चंद दूरी पर जिला अस्पताल है। यहां के चिकित्सक ड्यूटी टाइम में भी क्लीनिक पर बैठते हैं। मरीज भी वहीं बुला लेते हैं।
अतिक्रमण
नाला हो या सड़क सब कुछ अतिक्रमण की जद में है। बस स्टैंड के ठीक सामने एक चिकित्सक ने नाले पर कब्जा कर लिया है। कोई बोलने को तैयार नहीं।