indian air force day: यूथ में 'अवनि' बनने की चाहत, बॉयज और गर्ल्स का फाइटर प्लेन की ओर रूझान
रीवा। एयर फोर्स में फाइटर प्लेन की पहली महिला पायलट का खिताब अपने नाम करने वालीं जिले की अवनि चतुर्वेदी युवाओं के जेहन में बस चुकी हैं। सफलता अवनि को मिली है, लेकिन जोश में यहां के युवा है। ब्वॉयज ही नहीं गर्ल्स भी एयर फोर्स में फाइटर प्लेन उड़ाने का न केवल सपने बुनकर रही हैं, बल्कि उसके लिए तैयारी में भी जुटी है।
सैनिक स्कूल के कई स्टूडेंट इसका उदाहरण हैं। वैसे तो सैनिक स्कूल के हर छात्र का लक्ष्य फोर्स ज्वाइन करना है, लेकिन अवनि की सफलता ने छात्रों को एयर फोर्स के प्रति कुछ अधिक ही रूझान बढ़ाया है। स्कूल की फोर्स रिलेटेडे एक्टिविटी छात्रों के ख्वाब को साकार करने में सहयोग दे रही हैं। एयर फोर्स डे एक गर्ल्स व ब्वॉयज की बात की गई तो कुछ इस अंदाज में अपने मंसूबे को बयां किया।
अवनि को भी पिता व भाई से मिली प्रेरणा
अवनि को भी प्रेरणा उनके पिता व भाई से मिली। पिता दिनकर प्रसाद चतुर्वेदी जल संसाधन विभाग में एक्जीक्यूटिव इंजीनियर हैं और भाईनीरभ आर्मी में ऑफीसर हैं। अवनि ने अपने पैतृक गांव सतना के देवलौंद से स्कूल शिक्षा ग्रहण की। उसके बाद ज्ञानस्थली राजस्थान से कंप्यूटर साइंस में बीटेक की पढ़ाई की। फोर्स में जाने की इच्छा जाहिर की तो पिता के साथ भाई ने भी न केवल हामी भरी बल्कि प्रेरित भी किया।
अवनि से मिला बचपन के सपने को सच करने का जज्बा
वैसे तो एयर फोर्स ज्वाइन करने और प्लेन उड़ाने का सपना का बचपन से ही संजोए हूं, लेकिन पिछले वर्ष अवनि के बारे में सुना तो उत्साह दोगुना हो गया। बचपन का सपना पूरा हो सकता है, अवनि सफलता से यह बात मेरे मन में बैठ गई है। पूरी मेहनत के साथ तैयारी में लगी हूं। मुझे भी उनकी तरह सफलता मिलेगी। यह कहना है सैनिक स्कूल स्टूडेंट अनुष्का शर्मा का। अनुष्का बताती है कि उनके पैरेंट्स भी उनका फुल सपोर्ट कर रहे हैं। फादर अमोल शर्मा की ख्वााहिश है कि उनकी बेटी यह साबित करे कि गल्र्स ब्वॉयज से भी बेस्ट कर सकती हैं।
सौरभ बोले, एयर फोर्स है उनकी फस्र्ट च्वॉइस
फोर्स ज्वाइन करूंगा। सैनिक स्कूल में इसी सोच के साथ एडमिशन लिया है। मौका मिला तो एयर फोर्सज्वाइन करूंगा। क्योंकि एयर फोर्स फस्र्ट च्वाइस है। यह कहना है स्कूल कैप्टन सौरभ कुमार का। सौरभ बताते हैं कि उनके फ्रेंड्स के बीच अवनि अक्सर भी चर्चा में रहती हैं। उनसे फोर्स ज्वाइन करने की उन सबको प्रेरणा मिलती है। सौरभ कहते हैं कि वह सब भी उनके जैसा ही कुछ ऐसा करना चाहते हैं, जिससे पूरे देश में रीवा व सैनिक स्कूल रीवा का नाम हो। अवनि ने न केवल अपना और अपने पैरेंट्स का बल्कि पूरे देश में रीवा का नाम रोशन किया है।