PM Awas Yojana: पीएम आवास योजना जांच में सामने आया कि 6870 आवास ऐसे थे, जिनमें हितग्राहियों को राशि जारी कर दी गई, लेकिन निर्माण नहीं किया गया....
PM Awas Yojana: प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 1.0 के तहत मप्र में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितता और प्रशासनिक लापरवाही सामने आई है। नगरीय प्रशासन एवं विकास संचालनालय ने प्रदेश के 378 नगरीय निकायों को 152.21 करोड़ रुपए वापस जमा कराने के निर्देश दिए हैं।
यह राशि उन आवासों से संबंधित है, जिनके लिए धनराशि जारी की गई थी, लेकिन निर्माण कार्य पूरा नहीं हुआ या आवास बाद में समर्पित अथवा निरस्त कर दिए गए। संचालनालय ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि एक माह के भीतर राशि जमा नहीं कराने पर निकायों को मिलने वाली चुंगी क्षतिपूर्ति, राज्य वित्त आयोग, वैट कर क्षतिपूर्ति और मुद्रांक शुल्क जैसे अनुदानों से सीधे कटौती कर वसूली की जाएगी।
प्रधानमंत्री आवास योजना के बीएलसी घटक के तहत प्रदेश में 8.61 लाख आवास स्वीकृत किए गए थे। इस योजना में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के पात्र हितग्राहियों को स्वयं की भूमि पर नया पक्का मकान बनाने या पुराने घर को पक्का करने के लिए 1.5 लाख से 2.5 लाख रुपए तक की सहायता दी जाती है। हालांकि इनमें से करीब 1.46 लाख आवास बाद में समर्पित कर दिए गए। इसके पीछे निर्माण शुरू न होना, भूमि विवाद, हितग्राहियों का पलायन, स्वेच्छा से योजना छोड़ना और एमआईएस में त्रुटिपूर्ण प्रविष्टियां जैसी वजहें बताई गई हैं।
जांच में यह भी सामने आया कि 6870 आवास ऐसे थे, जिनमें हितग्राहियों को राशि जारी कर दी गई, लेकिन निर्माण नहीं होने पर निकायों ने उनसे पैसा वापस लिए बिना ही आवास समर्पित कर दिए। इससे 73.23 करोड़ रुपए अतिरिक्त रूप से निकायों के पास बने रहे। इसी तरह भारत सरकार ने समीक्षा के दौरान 7670 ऐसे आवास निरस्त कर दिए, जिनमें लंबे समय तक निर्माण शुरू नहीं हुआ था। इन निरस्त आवासों से संबंधित 78.98 करोड़ रुपए की राशि भी निकायों के पास बची हुई पाई गई।
जिला- राशि
बैतूल-4.0
रायसेन-3.80
बड़वानी- 3.0
धार-3.0
जबलपुर-3.0
श्योपुर- 0.50
सिवनी-0.50
भोपाल- 0.25
दतिया-0.25
डिंडौरी-0.25
प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) भारत सरकार की एक प्रमुख पहल है, जिसका उद्देश्य शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में गरीबों, निम्न आय वर्ग (LIG), और मध्यम आय वर्ग (MIG) के परिवारों को 2022 (और अब 2.0 के तहत आगे) तक पक्का घर उपलब्ध कराना है। इस योजना के तहत सरकार घर बनाने या खरीदने के लिए सब्सिडी और वित्तीय सहायता प्रदान करती है। योजना के तहत, पात्र लाभार्थियों को नया घर बनाने या कच्चे घर को पक्का करने के लिए लगभग 1.20 लाख से 2.50 लाख तक की वित्तीय सहायता/सब्सिडी मिलती है।