सतना में रैगांव से बसपा विधायक ने सीएम शिवराज सिंह चौहान के साथ किया मंच साझा
सतना। देशभर में मोदी लहर और भाजपा को सत्ता से हटाने के लिए कांग्रेस-सपा के साथ हर पल बसपा दिख रही है। लेकिन मध्यप्रदेश में मायावती की एक विधायक द्वारा भाजपा के साथ दिखना ज्यादातर लोगों के समझ से परे है। गुरुवार को सतना आए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का स्वागत करने रैगांव विधानसभा क्षेत्र की बसपा विधायक ऊषा चौधरी पहुंची थी।
उन्होंने सीएम शिवराज सिंह चौहान के साथ मंच भी साझा किया। इसके पहले विधायक ऊषा चौधरी ने पुष्पगुच्छ देकर सीएम का स्वागत किया। फिर चौधरी ने सीएम को कुछ पत्र भी सौंपे। अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने उनका नाम भी लिया। हालांकि बसपा विधायक की मौजूदगी को चुनाव से जोड़कर देखा जा रहा है, पत्रिका ने इस संबंध में विधायक का पक्ष जानने की कोशिश की पर उनसे संपर्क नहीं हो पाया।
ये है मामला
बता दें कि, गुरुवार को मुख्यमंत्री जनकल्याण योजना के हितग्राहियों एवं तेंदूपत्ता संग्राहकों के सम्मेलन कार्यक्रम में शामिल होने सतना आए हुए थे। इस दौरान रैगांव विधानसभा क्षेत्र की बसपा विधायक ऊषा चौधरी भी पहुंची। इस दौरान बसपा विधायक द्वारा सीएम को पुष्पगुच्छ देकर स्वागत करना। फिर बाद में कुछ शिकायती पत्र भी सौंपे गए। जब सीएम चौहान मुख्यमंत्री जनकल्याण योजना के हितग्राहियों एवं सतना और कटनी के तेंदूपत्ता संग्राहकों की सभा में अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने उनका नाम भी लिया। राजनीति के जानकारों की मानें तो बसपा विधायक की मौजूदगी को चुनाव से जोड़कर देखा जा रहा है।
कैराना सीट पर महागठबंधन के साथ दिखी बसपा
गुरुवार को जिन 4 लोस सीटों के परिणाम आए उनमें 3 भाजपा के पास थीं, लेकिन पार्टी सिर्फ महाराष्ट्र की पालघर सीट बचा पाई। प्रतिष्ठा का सवाल बनी उप्र की कैराना सीट रालोद ने छीन ली। यहां रालोद, सपा, बसपा व कांग्रेस के एकजुटता के आगे मोदी-योगी का जादू नहीं चला। कैराना से रालोद ने लोकसभा में अपना खाता खोल लिया। विपक्षी पार्टियों द्वारा समर्थित उम्मीदवार तबस्सुम हसन ने भाजपा उम्मीदवार मृगांका सिंह को हराया। भाजपा के सांसद हुकम सिंह (मृगांका सिंह के पिता) की मौत के कारण यहां उपचुनाव कराना पड़ा। वहीं, पालघर से भाजपा उम्मीदवार राजेंद्र गावित ने शिवसेना के श्रीनिवास वंगा को हराया।
उपचुनाव परिणाम में भाजपा को लगी लू
भीषण गर्मी के बीच सरकार के चार साल पूरे करने का जश्न मना रही भाजपा की खुशियों को उपचुनाव परिणाम की लू लग गई। गुरुवार को आए 3 राज्यों की 4 लोकसभा और 9 राज्यों की 10 विधानसभा सीटों के परिणामों से केंद्र में सत्तारूढ़ भाजपा को तगड़ा झटका लगा है। 14 सीटों पर हुए उपचुनाव में भाजपा और उसकी सहयोगी पार्टियां सिर्फ तीन सीट ही जीत सकी हैं। इन परिणामों के बाद लोकसभा में भाजपा की संख्या सिमटकर 273 हो गई है। 2014 के आम चुनाव में भाजपा ने 282 सीट के साथ पूर्ण बहुमत की सरकार बनाई थी।