आयुर्वेद में बताया गया है कि करी पत्ता के गुण बहुत से हैं। करी पत्ता से कई बीमारियों का इलाज और रोगों से बचाव भी किया जा सकता है। भोजन में इस्तेमाल के अलावा इन पत्तों का प्रयोग हर्बल मेडिसिन में भी किया जाता है।
सतना। करी पत्ता को कड़ी पत्ता या फिर कई लोग मीठी नीम के नाम से जानते है। इसे मीठी नीम इसलिए कहते हैं क्योंकि इसके पत्ते नीम की तुलना में थोड़े कम कड़वे, कषैले होते हैं। करी पत्ता के पेड़ कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक पाए जाते हैं। करी पत्ता का सबसे ज्यादा उपयोग खानों में महक पैदा करने के लिए किया जाता है। आयुर्वेद में बताया गया है कि करी पत्ता के गुण बहुत से हैं। करी पत्ता से कई बीमारियों का इलाज और रोगों से बचाव भी किया जा सकता है।
भोजन में इस्तेमाल के अलावा इन पत्तों का प्रयोग हर्बल मेडिसिन में भी किया जाता है। करी पत्ता विटामिन (ए, बी, सी), कैल्शियम, प्रोटीन, एमिनो एसिड, फॉस्फोरस, फाइबर और आयरन का समृद्ध स्रोत होता है। हालांकि करी पत्ते के स्वास्थ्य लाभ इसमें मौजूद एल्कोलोइड के कारण होते हैं।
डायबिटीज की समस्या से मिलता है छुटकारा
आयुर्वेद की मानें तो अपने महत्त्वपूर्ण गुणों के अलावा कई तरह के रोगों के इलाज के लिए भी करी पत्तों का प्रयोग किया जाता है। आप गीले या सूखे रूप में इन पत्तों का उपयोग कर सकते हैं। मार्केट में करी पत्तों का एसेंशियल ऑयल भी उपलब्ध है, जिसका इस्तेमाल भी किया जा सकता है। यदि डायबिटीज की समस्या है और आप ब्लड शुगर के स्तर को नेचुरल तरीके से नियंत्रण में रखना चाहते हैं तो अपने आहार में करी पत्ते को शामिल करें। इसके अलावा करी पत्ता कार्बोहाइड्रेट और मेटाबॉलिज्म को प्रभावित करता है और तनाव को भी कम करने में मदद करता है। एंटी बैक्टीरियल गुणों के कारण यह आपको त्वचा के संक्रमण से भी बचाने का काम करता है।
हार्ट अटैक का खतरा हो जाता है कम
कहते है कि, कड़ी पत्ते में हमारे शरीर के ब्लड कोलेस्ट्रॉल को कम करने का गुण होता है। जिससे हम दिल की बीमारियों से दूर रह सकते हैं। शायद आप जानते हैं कि शरीर के ऑक्सीडेटिव कोलेस्ट्रॉल, खराब कोलेस्ट्रॉल को बनाने में मदद करते हैं जिससे हार्ट अटैक का ख़तरा बढ़ जाता है। कड़ी पत्ते में एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं जो कि कोलेस्ट्रॉल का ऑक्सीकरण होने से रोक देते हैं जिससे शरीर में खराब कोलेस्टरॉल की मात्रा बढ़ नहीं पाती है। इस तरह से यह हमें दिल से जुड़ी परेशानियों से दूर रखने में मदद करता है।
करी पत्ता एंटी ऑक्सीडेंट का अच्छा स्रोत
करी पत्ते कार्बाजोल एल्कोलोइड्स से समृद्ध होते हैं, जिनमें एंटी ऑक्सीडेटिव गुण होते हैं। ये गुण आपके शरीर की कोशिकाओं को फ्री रेडिकल्स के कारण होने वाली क्षति से बचाने का काम करते हैं। वर्ष 2003 में जर्नल ऑफ एग्रीकल्चरल एंड फूड कैमिस्ट्री में प्रकाशित शोध में पाया गया कि करी पत्ता एंटी ऑक्सीडेंट का अच्छा स्रोत है, जो आपको रोगों से बचाता है। यदि आप वजन घटाना चाहते हैं तो आहार में करी पत्ते को शामिल करें। ये पत्ते शरीर को अंदरूनी रूप से साफ करने में मदद करते हैं और हानिकारक विषैले पदार्थों को हटाने का काम करते हैं। ये पत्ते शरीर में आवांछित वसा और कार्बोहाइड्रेट को भी जलाते हैं, जिससे वजन कम होता है।
गुड कोलेस्ट्रोल
- भोजन में करी पत्तों का प्रयोग करके एलडीएल यानी खराब कोलेस्ट्रॉल को कम कर सकते हैं। इससे हृदय रोगों से भी बचाव होता है।
- अमरीकन जर्नल ऑफ चाइनीज मेडिसिन में प्रकाशित वर्ष 2006 के एक अध्ययन में पाया गया कि करी पत्ता खराब कोलेस्ट्रोल को कम करता है। यह अध्ययन चूहों पर किया गया था। हालांकि जब कोलेस्ट्रोल के स्तर को कम करने की बात आती है तो व्यायाम के महत्त्व को नजरअंदाज न करें।
- करी पत्ता पेट के लिए भी उपयोगी होता है, जो अपच से बचाता है। इसमें आयरन व फोलिक एसिड पाए जाते हैं। फोलिक एसिड आयरन को एब्जॉर्ब करने में मदद करता है।