दस सूत्रीय मांगों को लेकर सड़क पर गल्ला व्यापारी
सतना। कृषि उपज मंडियों में एक जुलाई से शुरू हो रही ऑनलाइन नीलामी के विरोध में अनाज व्यापारी सड़क पर उतर आए हैं। बैंक गारंटी भरने, इ-नीलामी व इ-अनुज्ञा की कार्रवाई को जटिल बताते हुए व्यापारियों ने तीन दिन मंडी बंद रखने का निर्णय लिया है। बंद के पहले दिन गुरुवार को विंध्य की सबसे बड़ी सतना कृषि उपज मंडी में व्यापारियों ने अनाज की डाक नीलामी में भाग नहीं लिया।
इससे अनाज लेकर मंडी पहुंचे किसानों को निराश होकर लौटना पड़ा। मंडी में तालाबंदी से लगभग दो करोड़ का कारोबार प्रभावित हुआ। हड़ताल के कारण रविवार तक मंडी बंद रहेगी। इससे अनाज बेचने किसानों को मंडी खुलने इंतजार करना पड़ेगा।
व्यापारी महासंघ के मंडी बंद का समर्थन करते हुए कृषि उपज मंडी सतना के व्यापारियों ने भी तीन दिन तक मंडी में अनाज का क्रय-विक्रय न करने का निर्णय लिया है। गुरुवार को कृषि उपज व्यापारी संघ के बैनर तले सभी गल्ला व्यापारी सुबह मंडी में इक_ा हुए और अपनी मांगों को लेकर मंडी गेट में तालाबंदी करते हुए सरकार विरोधी नारे लगाए।
एक जुलाई से मंडियां ऑनलाइन
केंद्र सरकार ने नेशनल एग्रीकल्चर प्लेटफार्म के तहत सतना सहित प्रदेश की 50 मंडियों को ऑनलाइन कर दिया है। इन मंडियों में एक जुलाई से अनाज की डाक, अनुज्ञा व टैंक्स का भुगतान सभी कार्य इ-मंडी के माध्यम से होंगे। इससे अनाज खरीदी की प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी। किसानों को उनकी उपज का उचित दाम मिल सकेगा।
छोटे व्यापारियों को होगी परेशानी
कृषि उपज व्यापारी संघ के मंत्री विनोद अग्रवाल ने कहा कि इ-नीलामी व इ-अनुज्ञा नियम लागू होने से छोटे व्यापारियों को परेशानी होगी। अभी व्यापारी बोली लगाकर अनाज की नीलामी करते आ रहे हैं। नई ऑनलाइन प्रक्रिया से उन्हें परेशानी होगी। पहले नोटबंदी, फिर जीएसटी अब इ-मंडी लागू कर केन्द्र सरकार अनाज का कारोबार बंद कराने पर तुली है।
सभी गल्ला व्यापारी रहे शामिल
सरकार को हमारी मांग माननी होगी। प्रदर्शन में कृषि उपज व्यापारी संघ के अध्यक्ष राजेन्द्र शर्मा राजू, मंत्री विनोद अग्रवाल, प्रमोद शर्मा, विष्णु, राजेश अग्रवाल, मोहन गुप्ता, अजय, मुकेश गुप्ता, लालबहादुर सहित मंडी के सभी गल्ला व्यापारी शामिल रहे।