सतना

सिलेंडर का संकट: ‘डोसा-पावभाजी’ भूल जाइए, अब ‘चाट-आइसक्रीम’ ही मिलेगी

LPG Cylinder Crisis: सिलेंडर की नियमित आपूर्ति न होने के कारण कैटरर्स को स्टॉल आधारित फूड सिस्टम बंद करना पड़ रहा है।

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Apr 07, 2026
LPG Cylinder Crisis (Photo Source: AI Image)

LPG Cylinder Crisis: आगामी 14 अप्रेल को खरमास समाप्त होने के बाद 15 अप्रेल से विवाह मुहूर्त शुरू होने जा रहे हैं। अक्षय तृतीया का सबसे खास विवाह मुहूर्त 19 अप्रेल को है। लेकिन शादी समारोहों में सिलेंडर संकट का असर दिखाई देगा। गैस सिलेंडर की कमी से कैटरिंग व्यवस्था बदल रही है।

वर व वधू पक्ष ने सिलेंडर न मिलने के कारण तिलक व बारात में खाने का मेन्यू बदल दिया है। इस बार लकड़ी के चूल्हे, भाठा व तंदूर से खाना पकेगा। वहीं फास्ट फूड के आधा दर्जन स्टॉल नहीं दिखेंगे। उनकी जगह फालूदा, कोल्डड्रिंक, आइस्क्रीम, मैगी व फलों से मेहमानों का स्वागत किया जाएगा।

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गर्म आइटम घटेंगे

सिलेंडर की नियमित आपूर्ति न होने के कारण कैटरर्स को स्टॉल आधारित फूड सिस्टम बंद करना पड़ रहा है। पहले जहां शादी समारोहों में चाट स्टॉल, चाइनीज, साउथ इंडियन अन्य फास्ट फूड के काउंटर लगाए जाते थे। वहीं अब इनकी संख्या में भारी कमी आएगी। गैस पर निर्भर व्यंजन जैसे मंचूरियन, नूडल्स, डोसा, पावभाजी और तली-भुनी चीजें मेनू से धीरे-धीरे गायब हो रही हैं।

पूड़ी-सब्जी ज्यादा बनेंगे

अनिल मिश्रा ने बताया कि लकड़ी से खाना बनाने की प्रक्रिया ज्यादा समय लेने वाली है। साथ ही गर्मी में खाना पकाना मेहनत भरा कार्य है। इसलिए हलवाइयों की मांग घट गई है। ज्यादा तामझाम की जगह सीमित रिश्तेदारों को बुलाना पड़ रहा है। क्योंकि एक साथ बड़े स्तर पर खाना बनाना चुनौती पूर्ण है। हर कोई सीमित मेनू अपना रहा है। आने वाली शादियों में दाल, सब्जी, पूड़ी, चावल और तंदूरी रोटी जैसे पारंपरिक व्यंजन ही प्रमुख रूप से शामिल किए जा रहे हैं।

पारंपरिक तरीकों पर लौट रहे

व्यंकटेश जोशी ने बताया कि सिलेंडर न मिलने के कारण कैटरिंग व्यवसाय प्रभावित हो गया है। क्योंकि किराना, तेल के दाम बढ़ गए है। स्टॉल घट रहे है। सिलेंडर संकट ने शादी समारोहों की चमक-धमक को फीका कर दिया है। लोग पारंपरिक तरीकों की ओर लौटने को मजबूर कर दिया है। 500 से हजार मेहमान बुलाने वाले लोग आगामी शादियों में 100 से 200 लोगों के लिए खाना बनवा रहे है।

दूसरे पखवाड़े में शादियों की भरमार

मैरिज गार्डन संचालक सुरेश कीर्तानी ने बताया कि इस सीजन में 15 से 29 अप्रेल तक बहुत शादियां हैं। गैस संकट के चलते शादियों में गैस आधारित कुकिंग की जगह अब ईंट के चूल्हों, भाठा और तंदूर का सहारा लिया जा रहा है। इसलिए मेनू में बदलाव देखने को मिल रहा है।

ये स्टॉल नहीं दिखेंगे

डोसा, चाऊमीन, मंचूरियन, नूडल्स, पावभाजी

ये स्टॉल ही मिलेंगे

चाट, फालूदा, कोल्डड्रिंक, आइस्क्रीम, मैगी व फल

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Published on:
07 Apr 2026 03:47 pm
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