सत्ता पाते ही कन्नी काटने लगा था, बदला लेने हाथ-पैर तोड़ रेप के केस में फंसाना चाहता था
सतना। नागौद थाना क्षेत्र में सेमरी सरपंच की हत्या का सूत्रधार अपने एक साथी के साथ पुलिस के हत्थे चढ़ गया है। दोनों को मंगलवार को पूछताछ के बाद अदालत में पेश कर जेल भेज दिया गया। टीआई अशोक सिंह ने बताया, हत्या का मुख्य आरोपी राजन उर्फ राघवेन्द्र सिंह दांगी (३५) निवासी पतौड़ा वारदात के बाद से ही गांव के आसपास पुलिस से छिपकर फरारी काट रहा था।
अंधेरा होते ही वह अपनी अहरी में पहुंच जाता था। खबर पाते ही पुलिस टीम ने दबिश देकर उसे गिरफ्त में लिया है। राजन के साथ हत्या में शामिल रहा उसका साथी सोनू उर्फ सोहन कोल (२७) भी गिरफ्त में आया है।
फंसाना चाहता था राजन
सरपंच की हत्या के मुख्य आरोपी राजन सिंह ने पुलिस पूछताछ में बताया है कि सरपंच बनने में उसने अभिलाष की मदद की थी। लेकिन सत्ता पाते ही वह उसे भूल गया और कन्नी काटने लगा। इसी वजह से वह उसकी कमजोरी का फायदा उठाकर उसे दुष्कर्म के मामले में फंसाना चाहता था। इसलिए महिला को शामिल कर योजना बनाई थी कि हाथ पैर तोडऩे के बाद अभिलाष पर दुष्कर्म का आरोप लगा देंगे। लेकिन बेदम पिटाई से उसकी मौत हो गई।
अब इनकी तलाश
रामभैय्या कोल उसकी पत्नी सोहाग कोल के बाद वारदात का षड्यंत्र रचने वाले राजन सिंह समेत सोनू की गिरफ्तारी हो चुकी है। अब इस मामले में पुलिस को राजन के नौकर पंडित राजू और छोटू सिंह निवासी पतौड़ा की तलाश है। इन दोनों आरोपियों ने गांव छोड़ दिया है। एेसे में पुलिस मुखबिरों की मदद से इन तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।
यह था मामला
१४ सितंबर की सुबह बरेठिया राइस मिल के पास सरपंच का शव मिलने के बाद जब पुलिस ने पड़ताल शुरू की तो यह बात सामने आई थी कि राजन के इशारे पर कोल दंपति ने सरपंच अभिलाष रजक को घर बुलाने के बाद हत्या करवा दी। १३ सितंबर की रात हुई इस घटना के बाद रामभैय्या कोल और उसकी पत्नी सोहाग कोल को गिरफ्तार कर पूछताछ की गई थी। तब पुलिस ने कोल दम्पति समेत ६ लोगों को आरोपी बनाते हुए राजन सिंह को मुख्य अभियुक्त बताया था।
वारदात से इलाके में सनसनी
राजनैतिक द्वेष और आपसी रंजिश के चलते हुए इस वारदात से इलाके में सनसनी फैल गई थी। हत्या के बाद आरोपी ट्रैक्टर लेकर घटना स्थल पहुंचे। वहां से शव को हाइवे किनारे लाकर फेंका और शव के पास ही मोटर साइकिल गिरा दी। ताकि मामला एक्सीडेंट का समझ आए। हत्या के बाद ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया और उन्होंने हंगामा कर दिया था। उनको समझाने के लिए भारी पुलिस बल मौके पर भेजा गया था।