
Putrichua murder Exposed in satna madhya pradesh
सतना। 50 दिन तक नाकामी का चोला पहने पुलिस ने आखिरकार शनिवार को पुतरीचुआ हत्याकांड का खुलासा कर दिया। वृद्धा की हत्या बदमाशों ने पहचान छिपाने के लिए की थी। वृद्धा ने बदमाशों को घर में चोरी करते देख लिया था। महज 3 बोरी राई चुराते पकड़े जाने पर उन्होंने वृद्धा की गर्दन पर कुल्हाड़ी से तीन वार कर मौत के घाट उतारा था।
आरोपियों में एक रिश्ते से उसका भतीजा है। पुलिस ने हत्याकांड को अंजाम देने वाले दो आरोपियों को आईपीसी की धारा ४६०, ३०२ व ३४ के तहत गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल की गई रक्त रंजित कुल्हाड़ी, घटना के वक्त पहने हुए पैंट, दो बोरी राई बरामद कर लिया है।
हत्या गांव के ही बदमाशों ने की थी
पुलिस अधीक्षक राजेश हिंगणकर ने बताया, २५ जुलाई की दरम्यानी रात बरौंधा थाना क्षेत्र के पुतरीचुआ गांव में घर में अकेली रही वृद्धा चम्पा बाई गर्ग पति स्व. चंद्रिका प्रसाद गर्ग की हत्या गांव के ही बदमाशों ने चोरी करते समय पकड़े जाने के डर से की थी। हत्या के आरोप में रघुराज मवासी २८ वर्ष पिता शिवराज मवासी व नन्ना उर्फ पंकज गर्ग २१ वर्ष पिता रमेश गर्ग को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल करते हुए वारदात वाली रात का घटनाक्रम पुलिस को बताया।
साख पर था सवाल
बेवा की अंधी हत्या की अबूझ पहेली को सुलझाना पुलिस के लिए साख का सवाल बन गया था। मृतका के परिजन व ग्रामीण बरौंधा पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाने के साथ ही दो बार मुख्यमंत्री को ज्ञापन दे चुके थे। मामले के खुलासे के लिए एसपी ने चित्रकूट एसडीओपी की अगुवाई में दो टीआई व एक एसआई को जांच का जिम्मा सौंपते हुए १० हजार का इनाम घोषित किया था।
... और नींद से जाग उठी वृद्धा
आरोपियों ने पुलिस को बताया, वे रात में १२ बजे वृद्धा के घर में दाखिल हुए थे। अलमारी व पेटी खंगालने के बाद जब सोने-चांदी के जेवरात नहीं मिले तो राई की तीन बोरियां चुराई, लेकिन उसी वक्त चम्पाबाई जग गई और पहचान लिया। पकड़े जाने के डर से वृद्धा के गले में कुल्हाड़ी से तीन वार कर हत्या कर दी और फरार हो गए। चोरी की एक बोरी को रघुराज ने महतैन के मनोज साहू को ५५० रुपए में बेचा। नन्ना ने इसी दुकानदार को एक बोरी राई ४०० रुपए में बेंची।
जेल जा चुका है नन्ना
पुलिस के अनुसार, हत्या के दोनों आरोपी आदतन बदमाश हैं। चम्पा बाई का भतीजा लगने वाला नन्ना उर्फ पंकज गर्ग बीते साल अक्टूबर में एडी एक्ट में जेल की हवा खा चुका है। बरौंधा पुलिस ने इसे ३१५ बोर के कट्टे व कारतूस के साथ पकड़ा था। दूसरा आरोपी रघुराज मवासी चोरी के आरोप में जेल जा चुका था। दोनों आरोपी मिलकर पूर्व में चोरी की पांच वारदातों को अंजाम दे चुके हैं। २५ जुलाई को वृद्धा की हत्या करने के बाद आरोपी नन्ना सूरत व रघुराज चितहरा होते हुए ग्वालियर भाग गया था।
Published on:
17 Sep 2017, 12:52 PM IST
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