
सतना। रामपुर बाघेलान थाना क्षेत्र में बेला के पास बनी एक मुरुम खदान में लाठियों से पीटकर हुई युवक की हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। बताया गया कि संदेही दोस्त ही साथी का कातिल निकला है। जिसने बाजार में हुई मारपीट का बदला लेने के लिए वारदात की थी। 21 जुलाई की रात पहले दोनों ने शराब पी थी। दोनों बचपन के साथी थे। इसलिए आरोपी के बुलावे पर मृतक साथ में मुरुम खदान की ओर चल दिया। मृतक आगे-आगे चल रहा था और आरोपी पीछे-पीछे था।
जैसे ही मृतक मुरुम खदान के पास पहुंचा तो आरोपी ने लाठियों से प्रहार शुरू कर दिया। जब तक उसकी सांसे नहीं थम गई तब तक आरोपी मारता रहा। फिर वारदात के बाद आरोपी घर में जाकर सो गया। ग्रामीणों ने पूछताछ में पुलिस को बताया था कि घटना के दिन मृतक अपने दोस्त के साथ था। इसलिए पुलिस ने दोस्त से कठाई से पूछताछ की तो आरोपी ने जुल्म कबूल लिया।
ये है मामला
रामपुर बाघेलान थाना प्रभारी राजेन्द्र मिश्रा ने बताया कि बेला के मुड़हान टोला में रहने वाले सुरेंद्र केवट उर्फ लल्लू की 21-22 जुलाई को दरमियानी रात्रि बैर पार स्थित मुरुम खदान के पास हत्या कर दी गई थी। परिजनों और ग्रामीणों की पूछताछ में शक की सुई उसके दोस्त पर जा रही थी। इस बीच संदेह के आधार पर पुलिस ने गांव के ही कुछ युवकों को हिरासत में लेते हुए पूछताछ शुरू कर दी है। कड़ाई से पूछताछ में आरोपी रामकलेश केवट पिता छेदीलाल केवट (22) निवासी ग्राम बेला ने अपना गुनाह कुबूल कर लिया है। हत्या के संबंध में बताया कि हम दोनों बचपन के दोस्त थे। घटना के एक दिन पहले मृतक ने उसके साथ बाजार में मारपीट की थी। बदला लेने के लिए मैंने उसको शाम को शराब पिलाई। रात में और शराब पीने चलना है ये कहकर बुलाया। फिर मुरुम खदान के पास ले जाकर लाठियों से पीट-पीटकर हत्या कर दी।
घटना के दिन देखा गया था साथ में
मृतक के परिजनों से पूछताछ में यह बात सामने आई थी कि सुरेंद्र शनिवार की सुबह से ही अपने दोस्त रामकलेश पुत्र छेदीलाल केवट के साथ घूम रहा था। दोनों शराब के नशे में थे और दोपहर के वक्त इन दोनों के बीच झगड़ा भी हुआ था। विवाद के बाद दोनों अपने घर चले गए। रात करीब ८ बजे रामकलेश फिर सुरेंद्र के घर गया और उसे साथ ले जाने लगा। इस बीच सुरेंद्र को नहीं जाने के लिए उसके चाचा ने टोका भी। लेकिन सुरेन्द्र नहीं माना और दोस्त के साथ चला गया। इसके बाद रातभर घर नहीं लौटा। रविवार की सुबह जब गांव का ही एक व्यक्ति खदान की ओर गया तो शव देख उसने मृतक के परिजनों को खबर दी थी।