सतना

Satna news: बाढ़ अलर्ट ! खतरे के निशान की ओर पहुंची ‘मंदाकिनी नदी’, 400 दुकानें डूबी, 36 गावों में अलर्ट जारी

Heavy rain in satna: चित्रकूट लगातार पांच दिनों से मंदाकिनी नदी की बाढ़ की चपेट में है, जलस्तर कई बार खतरे के निशान से ऊपर पहुंच चुका है। बाजार बंद हैं, घर कीचड़ से भरे हैं और राहत कार्य बाढ़ के उतार-चढ़ाव के कारण चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं।
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Sep 03, 2026
सतना जिले में बाढ़ (Photo Source - Patrika)
सतना जिले में बाढ़ (Photo Source - Patrika)

Satna news: चित्रकूट लगातार 5 दिनों से बाढ़ की चपेट में है। निचले इलाके मंदाकिनी नदी की बाढ़ में घिरे हुए है। मंदाकिनी नदीं का जल स्तर इन पांच दिनों में कई बार खतरे के निशान से ऊपर पहुंच चुका है। इससे यहां का जनजीवन अस्त व्यस्थ हो चुका है। बाजार पूरी तरह से बंद है। लोगों के घर बाढ़ के कीचड़ से रहने की स्थिति में नहीं है। दुकान होटल भी बंद पड़े हुए है।

चित्रकूट के 60 फीसदी हिस्से में बाढ़ की तबाही का सन्नाटा फैला हुआ है। देर शाम तक मंदाकिनी का जल स्तर बढ़ कर लंका तिराहे तक पहुंच चुका है जिससे कामदगिरी मुख्य पहुंच मार्ग बंद है। रामघाट पूरी तरह डूबा हुआ है और नयागांव में डूब प्रभावित है। यहां पर 400 से ज्यादा दुकानें डूब गई हैं। सबसे ज्यादा चिंता की बात यह है कि मौसम विभाग ने एक बार फिर सतना जिले में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। 36 गांवों में भी अलर्ट जारी किया गया है।

दो दिन और भारी वर्षा की चेतावनी

मौसम विभाग ने अगले दो दिनों के लिए सतना जिले में बारिश का यलो अलर्ट बताया है जिसके अनुसार सामान्य से तेज बारिश होगी। शहर में राहत आयुक्त ने जारी किए गए वायरलेस मैसेज में भारी बारिश की संभावना जताई है। जिला मौसम कार्यालय ने बताया कि बंगाल के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र झारखंड आने के बाद मध्यप्रदेश की ओर मुड़ गया। जिससे सतना जिले में झमाझम बारिश हो सकती है।

शांत नहीं हो रहा जलस्तर

जानकारी के अनुसार चित्रकूट और उसके ऊपरे इलाकों में जिस तरह से लगातार बारिश हो रही है उससे मंदाकिनी नदी का जल स्तर शांत होने का नाम ही नहीं ले रहा है। लगातार इसका जल स्तर खतरे के निशान के आसपास ही चल रहा है। इस वजह से यहां पर राहत कार्य करने में भारी परेशानी हो रही है। सबसे बुरी स्थिति और बीमार लोगों के सामने है, जल भराव कीचड़ के कारण वे इलाज कराने तक नहीं जा पा रहे है।

परिक्रमा मार्ग से पानी की निकासी

चित्रकूट के परिक्रमा मार्ग में जमा पानी को पंप के माध्यम से निकाला जा रहा है। नगर परिषद द्वारा जल निकासी एवं साफ-सफाई के कार्य लगातार कराए जा रहे हैं। वार्डों और जलभराव वाले क्षेत्रों में नालियों की सफाई कर पानी की निकासी सुनिश्चित की जा रही है। नगर परिषद चित्रकूट के शेड में राहत एवं आवश्यक कार्यों के लिए दो ट्रक सुखी लकड़ी रखवाई गई है, जिसका उपयोग ईंधन की आवश्यकता के लिए किया जाएगा।

चित्रकूट में चुनौती बना राहत और बचाव कार्य

चित्रकूट में बाढ़ की समस्या विकट स्थितियों में पहुंच गई है। यहां पर राहत और बचाव कार्य करना काफी चुनौती पूर्ण हो गया है। इसकी मुख्य वजह मंदाकिनी नदी का लगातार बढ़ता और घटना जल स्तर है। कुछ ही घंटों में यह खतरे के निशान तक पहुंच कर कस्बे को अपने आगोश में ले लेती है और अगले कुछ घंटो में इसका जल स्तर फिर नीचे हो जाता है। सबसे बड़ी समस्या यहां सफाई कार्य हो गया है। यहां जैसे ही सफाई कार्य पूरा होता है फिर से बारिश और बाढ़ स्थिति वापस वैसी ही कर देते हैं। हालात की गंभीरता को देखते हुए लगातार चार दिन से कलेक्टर डॉ सतीश कुमार एस, पुलिस अधीक्षक हंसराज सिंह, जिला पंचायत सीईओ शैलेन्द्र सिंह सहित अन्य अधिकारी चित्रकूट में ही डेरा डाले हुए है और स्वयं राहत कार्यों की निगरानी कर रहे हैं।

इस तरह रहा मंदाकिनी का जल स्तर

लगातार हो रही बारिश के कारण मंदाकिनी नदी का जलस्तर बुधवार की प्रातः 7 बजे 126 मीटर रिकार्ड किया गया था। वह अपरान्ह 3.30 बजे तक बढकर 129.15 मीटर तक पहुंच गया है। शाम 5 बजे की स्थिति में मंदाकिनी नदी का जल स्तर 129 मीटर पर स्थिर रिकार्ड किया गया है। चित्रकूट के शहरी क्षेत्रों में बाढ का पानी उतरने से जिला प्रशासन द्वारा प्रभावित नागरिकों को राहत एवं आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ साफ-सफाई, जल निकासी, स्वास्थ्य जांच, पेयजल शुद्धिकरण और पुनर्वास कार्यों को प्राथमिकता से कराया जा रहा है।

Updated on:
03 Sept 2026 10:10 am
Published on:
03 Sept 2026 09:36 am